Raytheon को मिला $1.1 अरब का ठेका,US Navy के लिए बनाएगी AIM-9X मिसाइलें

Raytheon को अमेरिकी नौसेना से 1.1 अरब डॉलर का करार मिला है। कंपनी AIM-9X Block II एयर-टू-एयर मिसाइलों का उत्पादन करेगी।

अमेरिका ने अपनी हवाई युद्ध क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. अमेरिकी रक्षा कंपनी RTX Corporation की मिसाइल निर्माता इकाई Raytheon को अमेरिकी नौसेना (U.S. Navy) से करीब 1.1 अरब डॉलर (लगभग 9,000 करोड़ रुपये से ज्यादा) का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है. इस करार के तहत Raytheon दुनिया की सबसे उन्नत शॉर्ट-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइलों में शामिल AIM-9X Block II मिसाइलों का उत्पादन करेगी.

यह डील अमेरिका की भविष्य की हवाई लड़ाई की तैयारी को मजबूत करने के साथ-साथ उसके सहयोगी देशों की सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए भी अहम मानी जा रही है.

AIM-9X Block II: दुश्मन के लड़ाकू विमानों का शिकारी

AIM-9X Block II एक इंफ्रारेड गाइडेड शॉर्ट-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल है, जिसे खासतौर पर नजदीकी हवाई मुकाबले (Dogfight) में दुश्मन के फाइटर जेट्स को मार गिराने के लिए बनाया गया है.

इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी अत्याधुनिक इमेजिंग इंफ्रारेड सीकर तकनीक है, जो गर्मी पैदा करने वाले टारगेट को पहचानकर उसे बेहद सटीक तरीके से ट्रैक करती है. यह मिसाइल तेज गति से उड़ने वाले और तेजी से दिशा बदलने वाले विमानों को भी निशाना बनाने में सक्षम है.

Raytheon को अमेरिकी नौसेना से 1.1 अरब डॉलर का करार मिला है। कंपनी AIM-9X Block II एयर-टू-एयर मिसाइलों का उत्पादन करेगी।

फाइटर जेट से लेकर एयर डिफेंस तक इस्तेमाल

AIM-9X Block II को अमेरिका के कई अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों में लगाया जाता है, जिसमें F-35 Lightning II और F/A-18E/F Super Hornet जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं.

इसके अलावा इस मिसाइल को जमीन से लॉन्च होने वाले एयर डिफेंस सिस्टम जैसे NASAMS के साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

Raytheon बढ़ाएगी मिसाइल उत्पादन क्षमता

इस नए कॉन्ट्रैक्ट के जरिए Raytheon AIM-9X मिसाइलों के उत्पादन को तेज करेगी. कंपनी अमेरिका के एरिजोना स्थित अपने उत्पादन केंद्रों में इन मिसाइलों का निर्माण करेगी.

मौजूदा समय में AIM-9X कार्यक्रम अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए एक अहम हथियार प्रणाली बन चुका है. इसे कई देशों की वायु सेनाएं इस्तेमाल कर रही हैं और इसकी मांग लगातार बढ़ रही है.

क्यों अहम है यह सौदा?

दुनिया में आधुनिक फाइटर जेट्स और ड्रोन तकनीक तेजी से विकसित हो रही है. ऐसे में अमेरिका छोटी दूरी की हवाई लड़ाई के लिए अपनी मिसाइल क्षमता को लगातार मजबूत कर रहा है.

AIM-9X Block II की नई खेप अमेरिकी नौसेना को दुश्मन के विमानों, हेलीकॉप्टरों और अन्य हवाई खतरों के खिलाफ तेज प्रतिक्रिया देने की क्षमता देगी.

यह कॉन्ट्रैक्ट सिर्फ एक मिसाइल खरीद नहीं है, बल्कि अमेरिका की एयर सुपीरियरिटी रणनीति और भविष्य के हवाई युद्ध की तैयारी का हिस्सा है.

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