HAL ने Adani Defence और BEML से मिलाया हाथ, Prachand LCH के 42 Aerostructures का होगा स्वदेशी निर्माण

HAL ने Adani Defence और BEML से मिलाया हाथ, Prachand LCH के 42 Aerostructures का होगा स्वदेशी निर्माण

भारत के स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. भारत की प्रमुख हेलीकॉप्टर निर्माता कंपनी Hindustan Aeronautics Limited (HAL) ने Adani Defence & Aerospace और BEML Limited के साथ साझेदारी की है. इस साझेदारी के तहत स्वदेशी HAL Prachand Light Combat Helicopter (LCH) के फ्यूजलेज स्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा.

HAL के अनुसार, कंपनी ने भारतीय उद्योग जगत की Adani Defence Systems and Technologies Limited और Bharat Earth Movers Limited (BEML) के साथ प्रचंड LCH के फ्यूजलेज स्ट्रक्चर के निर्माण के लिए साझेदारी की है. इससे भारत में हेलीकॉप्टर निर्माण के लिए घरेलू सप्लाई चेन और स्वदेशी उत्पादन क्षमता को और मजबूत करने में मदद मिलेगी.

LCH के लिए 42 एयरोस्ट्रक्चर का निर्माण करेगी.

Adani Defence & Aerospace की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, कंपनी HAL के साथ मिलकर प्रचंड LCH के लिए 42 एयरोस्ट्रक्चर का निर्माण करेगी. यह साझेदारी ऐसे समय में हुई है जब भारत अपने रक्षा उत्पादन में घरेलू कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने और विदेशी निर्भरता कम करने पर जोर दे रहा है.

प्रचंड LCH को भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है. यह ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑपरेशन के लिए डिजाइन किया गया स्वदेशी अटैक हेलीकॉप्टर है और इसमें हथियारों तथा आधुनिक एवियोनिक्स को एकीकृत किया गया है.

स्वदेशी हेलीकॉप्टर उत्पादन इकोसिस्टम के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

HAL ने Adani Defence और BEML से मिलाया हाथ, Prachand LCH के 42 Aerostructures का होगा स्वदेशी निर्माण

HAL, Adani Defence और BEML के बीच यह सहयोग भारत के स्वदेशी हेलीकॉप्टर उत्पादन इकोसिस्टम के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इससे न केवल प्रचंड LCH के निर्माण में निजी क्षेत्र की भूमिका बढ़ेगी, बल्कि देश में एयरोस्ट्रक्चर निर्माण से जुड़ी औद्योगिक क्षमता और विशेषज्ञता को भी बढ़ावा मिलेगा.

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के करीब पहुंचने के बीच यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण के प्रयासों को और गति देने वाली है. घरेलू कंपनियों को एयरोस्पेस और रक्षा उत्पादन की सप्लाई चेन में शामिल करने से भविष्य में भारत के स्वदेशी हेलीकॉप्टर और अन्य एयरोस्पेस प्लेटफॉर्म के उत्पादन को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है.

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