US Falcon Strike: अमेरिका बनाएगा पहला मल्टीनेशनल अटैक ड्रोन टास्क फोर्स, हवा-समुद्र में होगी तैनाती

US Falcon Strike: अमेरिका बनाएगा पहला मल्टीनेशनल अटैक ड्रोन टास्क फोर्स, हवा-समुद्र में होगी तैनाती

US ने मध्य पूर्व में ड्रोन युद्धक क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. United States Central Command (CENTCOM) ने 13 अगस्त को पहली बार एक मल्टी-डोमेन, मल्टीनेशनल अटैक ड्रोन टास्क फोर्स स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है. इस नई यूनिट को Task Force Falcon Strike नाम दिया गया है.

CENTCOM के मुताबिक, फाल्कन स्ट्राइक में ऐसे वन-वे अटैक ड्रोन सिस्टम शामिल किए जाएंगे, जो हवा, समुद्र की सतह और समुद्र के नीचे अलग-अलग डोमेन में काम कर सकेंगे. इन प्रणालियों को अमेरिका के साथ-साथ क्षेत्रीय साझेदार देशों के सैन्य कर्मियों द्वारा संचालित किया जाएगा.

स्कॉर्पियन स्ट्राइक की सफलता के बाद नया टास्क फोर्स

फाल्कन स्ट्राइक की घोषणा ऐसे समय हुई है जब CENTCOM ने लगभग नौ महीने पहले Task Force Scorpion Strike की स्थापना की थी. यह मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना का पहला समर्पित वन-वे अटैक ड्रोन स्क्वाड्रन था. स्कॉर्पियन स्ट्राइक ने कम समय में कई अहम ऑपरेशनल उपलब्धियां हासिल कीं. इनमें पिछले दिसंबर में पहली बार किसी अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत से एरियल अटैक ड्रोन लॉन्च करना भी शामिल था.

इसके अलावा इस यूनिट ने Operation Epic Fury के दौरान वन-वे अनमैन्ड एरियल सिस्टम का इस्तेमाल किया. जुलाई में ईरानी बंदरगाह सुविधाओं के खिलाफ हमलों के दौरान समुद्र में मौजूद मानवरहित अटैक वेसल्स का भी इस्तेमाल किया गया.

क्षेत्रीय देशों को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू

CENTCOM ने कहा है कि अभी क्षेत्रीय साझेदारों के साथ परामर्श और उन्हें आधिकारिक रूप से आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है. यानी फाल्कन स्ट्राइक में शामिल होने वाले साझेदार देशों की अंतिम सूची अभी घोषित नहीं की गई है. जैसे-जैसे क्षेत्रीय साझेदार औपचारिक रूप से इसमें शामिल होंगे, टास्क फोर्स की क्षमता को पूरे मध्य पूर्व में बढ़ाया जाएगा.

CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि फाल्कन स्ट्राइक स्कॉर्पियन स्ट्राइक की सफलता को आगे बढ़ाएगा. उनके अनुसार, क्षेत्रीय सहयोगियों और साझेदारों के बीच तेजी से हो रहा तकनीकी नवाचार नई क्षमताओं को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. अमेरिका का लक्ष्य इन नई क्षमताओं को एक साथ एकीकृत और तैनात करना है. कूपर ने कहा कि अमेरिका के मध्य पूर्व में कई मजबूत साझेदार और मित्र हैं तथा नई क्षमताओं को एक साथ विकसित और तैनात करने से सामूहिक ताकत बढ़ेगी.

SOCCENT करेगा फाल्कन स्ट्राइक का नेतृत्व

फाल्कन स्ट्राइक के स्टाफ का नेतृत्व U.S. Special Operations Command Central (SOCCENT) के कर्मी करेंगे. यही कमान पहले स्कॉर्पियन स्ट्राइक की शुरुआत से जुड़ी थी.
SOCCENT का मुख्यालय फ्लोरिडा के MacDill Air Force Base में है और यह CENTCOM के 21 देशों वाले क्षेत्रीय जिम्मेदारी क्षेत्र में विशेष अभियान की योजना और संचालन करता है। इस क्षेत्र में मध्य पूर्व के साथ-साथ मध्य एशिया और दक्षिण एशिया भी शामिल हैं.

फाल्कन स्ट्राइक की खासियत यह होगी कि यह केवल हवाई ड्रोन तक सीमित नहीं रहेगा. हवा, समुद्र की सतह और समुद्र के नीचे काम करने वाले वन-वे अटैक अनमैन्ड सिस्टम को एक ही बहुराष्ट्रीय ढांचे में जोड़ने की योजना है. इससे CENTCOM को अलग-अलग डोमेन में ड्रोन आधारित हमलावर क्षमताओं को एकीकृत करने का नया ढांचा मिलेगा.

हालांकि, CENTCOM की मौजूदा घोषणा के अनुसार किस-किस क्षेत्रीय देश ने फाल्कन स्ट्राइक में औपचारिक रूप से शामिल होने की सहमति दी है, इसकी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है. इसलिए किसी विशेष देश को इसका सदस्य बताना अभी सही नहीं होगा.

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