लाल किले से PM Narendra Modi का बड़ा ऐलान: 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य, हाइपरसोनिक डिफेंस टेक्नोलॉजी पर जोर
देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराया. उन्होंने कहा कि भारत को अब छोटे सपनों के साथ आगे बढ़ने के बजाय बड़े लक्ष्य तय करने होंगे. प्रधानमंत्री ने देश के विकास के लिए ‘सप्त धारा’ यानी सात प्रमुख शक्तियों पर विशेष जोर दिया, जिनमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि एवं फूड प्रोडक्शन, टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन एवं ब्लू इकोनॉमी और भारत की सॉफ्ट पावर शामिल हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले 5 से 7 वर्षों में ऐसे कई काम पूरे करने होंगे, जो पिछले 5 से 7 दशकों में नहीं हो पाए. उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग को भारत की पहली बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि देश को डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक पूरी वैल्यू चेन विकसित करनी होगी. भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का भरोसेमंद केंद्र बनाने के लिए लागत, गुणवत्ता और उत्पादन के स्तर पर वैश्विक मानकों को हासिल करना होगा.
टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर विशेष जोर

‘सप्त धारा’ की तीसरी शक्ति के तौर पर प्रधानमंत्री ने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि दुनिया AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस, रोबोटिक्स और डेटा सेंटर के दौर में प्रवेश कर चुकी है. ऐसे में भारत को केवल दुनिया के लिए बाजार नहीं बनना है, बल्कि इनोवेशन का ग्लोबल हब बनना है. प्रधानमंत्री ने Made in India 6G को आगे बढ़ाने और भारत को नेक्स्ट जनरेशन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी में नेतृत्व की स्थिति में लाने पर भी जोर दिया.
Narendra Modi ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और हाइपरसोनिक डिफेंस पर जोर दिया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘सप्त धारा’ की पांचवीं शक्ति को रक्षा शक्ति बताते हुए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को समय की जरूरत बताया. उन्होंने कहा कि भारत को केवल हथियार खरीदने वाला देश नहीं रहना है, बल्कि अगली पीढ़ी की रक्षा तकनीक विकसित कर वैश्विक सप्लायर बनने की दिशा में आगे बढ़ना है.
उन्होंने कहा कि भारत को ड्रोन और काउंटर-ड्रोन सिस्टम विकसित करने के साथ-साथ हाइपरसोनिक डिफेंस टेक्नोलॉजी में नेतृत्व हासिल करने की दिशा में काम करना होगा. प्रधानमंत्री ने बदलते युद्ध के स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि आज संघर्ष केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि रिफाइनरी, बैंकिंग सिस्टम, डेटा सेंटर और अन्य महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर भी निशाना बन सकते हैं.

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट पिछले वर्षों में करीब 50 गुना बढ़ा है और भारतीय हथियार करीब 100 देशों तक पहुंच रहे हैं. उन्होंने कहा कि बदलते सुरक्षा वातावरण में सैन्य क्षमता बढ़ाने के साथ नागरिकों को भी आधुनिक संकटों से निपटने के लिए तैयार करना जरूरी है.
2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा को विकसित भारत की बुनियादी जरूरत बताते हुए कहा कि AI, चिप और डेटा सेंटर जैसी नई तकनीकों के विस्तार के लिए बड़ी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होगी. उन्होंने कहा कि भारत ने 2047 तक 100 गीगावॉट न्यूक्लियर पावर का लक्ष्य तय किया है और इसी दशक में पांच नए न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू करने की दिशा में काम किया जा रहा है. उन्होंने सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनरल्स को भी रणनीतिक आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए कहा कि भारत इन क्षेत्रों में अपनी निर्भरता कम करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है.
‘सप्त धारा’ में ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी भी शामिल

प्रधानमंत्री ने सातवीं नहीं, बल्कि छठी शक्ति के तौर पर ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी स्टोरेज, ग्रीन मोबिलिटी और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने की जरूरत बताई.
उन्होंने भारत की लंबी समुद्री तटरेखा को ब्लू इकोनॉमी के लिए बड़ा अवसर बताते हुए फिशरीज, कोस्टल टूरिज्म और ओशन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं का उल्लेख किया.
सॉफ्ट पावर को भी विकास का बड़ा आधार बनाने का लक्ष्य
‘सप्त धारा’ की सातवीं शक्ति भारत की सॉफ्ट पावर है. प्रधानमंत्री ने योग, आयुर्वेद, हेल्थकेयर, संस्कृति, हैंडीक्राफ्ट, फिल्मों, VFX, एनीमेशन, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट को भारत की वैश्विक ताकत बताया.
उन्होंने कहा कि भारत को अपनी क्रिएटिव इंडस्ट्री को वैश्विक स्तर पर विकसित करना होगा. साथ ही पर्यटन, स्पोर्ट्स इवेंट और कॉन्सर्ट इकॉनमी के जरिए भी भारत को दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बनाने की जरूरत है.
युवाओं को AI स्किल देने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने युवाओं को विकसित भारत की यात्रा का सबसे बड़ा साधक और लाभार्थी बताया. उन्होंने घोषणा की कि आने वाले एक वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, स्पेस सेक्टर और ड्रोन पॉलिसी का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के युवाओं के लिए नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं.
2047 तक विकसित भारत का संकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास अब आगे बढ़ने का अवसर और सामर्थ्य दोनों हैं. उन्होंने देश के उद्योग, राज्य सरकारों, केंद्र सरकार, किसानों, युवाओं और आम नागरिकों से मिलकर सुधारों की गति बढ़ाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि 2047 में जब देश अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है.