Skyroot Aerospace के Vikram-1 ने रचा इतिहास, भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट की सफल उड़ान

Skyroot Aerospace Vikram-1 Launch: भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट ने रचा इतिहास, Mission Aagaman सफल

भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए 18 जुलाई 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया. भारतीय निजी स्पेस कंपनी Skyroot Aerospace ने अपने पहले ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल Vikram-1 को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (Satish Dhawan Space Centre – SDSC SHAR) के प्रथम लॉन्च पैड से दोपहर 12:05 बजे (IST) सफलतापूर्वक लॉन्च किया. ‘Mission Aagaman’…

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Indian Railway ने तैयार की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल सेल पैसेंजर ट्रेन, ग्रीन रेलवे की दिशा में ऐतिहासिक कदम

Indian Railway ने तैयार की पहली स्वदेशी Hydrogen Fuel Cell Train , स्वच्छ परिवहन की दिशा में बड़ा कदम

Indian Railway ने भविष्य की रेल तकनीक की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल सेल पैसेंजर ट्रेन का निर्माण कर लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे के आधुनिकीकरण, स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग और कार्बन उत्सर्जन में कमी के लक्ष्य को आगे बढ़ाने वाली यह…

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भारत-न्यूजीलैंड ने शुरू किया रणनीतिक साझेदारी का नया दौर, रक्षा, व्यापार और सुरक्षा में बढ़ेगा सहयोग

PM Narendra Modi की न्यूजीलैंड यात्रा रही ऐतिहासिक, भारत-न्यूजीलैंड बने रणनीतिक साझेदार; 2030 रोडमैप पर सहमति

प्रधानमंत्री Narendra Modi की न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान भारत और न्यूजीलैंड ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई पर पहुंचाते हुए उन्हें ‘रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership)’ का दर्जा देने की घोषणा की. दोनों देशों ने अगले चार वर्षों के लिए ‘भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी: 2030 रोडमैप’ को मंजूरी दी, जिसके तहत रक्षा, व्यापार, समुद्री सुरक्षा, शिक्षा,…

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India-Japan रक्षा सहयोग को मिली नई उड़ान, पहली बार संयुक्त रक्षा परियोजना पर हुआ समझौता

India-Japan रक्षा सहयोग में नया अध्याय,Naval Radio Antenna करेंगे विकसित

India और Japan ने अपने रक्षा और रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई देते हुए पहली बार संयुक्त रक्षा विकास (Co-Development) परियोजना पर समझौता किया है. यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के बीच नई दिल्ली में आयोजित भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य में की गई. प्रधानमंत्री…

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भारत का रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर, निर्यात भी पहुंचा नई ऊंचाई पर

India का Defence Production 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी भी बढ़ी

भारत ने रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. वित्त वर्ष 2025-26 में India का Defence Production बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है. यह पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 1.54 लाख करोड़ रुपये के उत्पादन की तुलना में 15.6 प्रतिशत अधिक है. सरकारी आंकड़ों…

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स्वीडन का सर्वोच्च सम्मान पीएम Narendra Modi को, दुनिया में बढ़ा भारत का कद

Sweden ने PM Narendra Modi को दिया सर्वोच्च सम्मान, ‘Royal Order of the Polar Star’ से किया सम्मानित

भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत और कूटनीतिक प्रभाव का एक और बड़ा उदाहरण सामने आया है. यूरोपीय देश Sweden ने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi को अपने सर्वोच्च सरकारी सम्मानों में से एक “Royal Order of the Polar Star – Commander Grand Cross” से सम्मानित किया है. यह सम्मान किसी विदेशी Head of Government को…

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भारत का रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ पर पहुंचा, 62% की रिकॉर्ड बढ़त के साथ बना नया इतिहास भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपने रक्षा निर्यात को 38,424 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया है. यह अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 23,622 करोड़ रुपए के मुकाबले 14,802 करोड़ रुपए यानी 62.66 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि को दर्शाता है. यह बढ़ोतरी न केवल भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता में तेजी से हो रहे विस्तार को दिखाती है, बल्कि वैश्विक स्तर पर ‘मेड इन इंडिया’ रक्षा उपकरणों की बढ़ती स्वीकार्यता का भी बड़ा संकेत है. इस उपलब्धि में रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSU) और निजी क्षेत्र दोनों का अहम योगदान रहा है. कुल निर्यात में DPSU का हिस्सा 21,071 करोड़ रुपए (54.84 प्रतिशत) रहा, जबकि निजी क्षेत्र ने 17,353 करोड़ रुपए (45.16 प्रतिशत) का योगदान दिया. खास बात यह है कि DPSU के निर्यात में पिछले वर्ष के मुकाबले 151 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई, वहीं निजी क्षेत्र ने भी 14 प्रतिशत की वृद्धि के साथ अपनी मजबूत मौजूदगी कायम रखी. पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़े क्रमशः 8,389 करोड़ रुपए (DPSU) और 15,233 करोड़ रुपए (निजी क्षेत्र) थे, जिससे साफ है कि इस साल सार्वजनिक क्षेत्र ने तेजी से उछाल लिया है. भारत का रक्षा निर्यात अब 80 से अधिक देशों तक पहुंच चुका है, जो यह दर्शाता है कि भारतीय रक्षा उद्योग अब वैश्विक सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है. इसके साथ ही निर्यातकों की संख्या भी बढ़कर 128 से 145 हो गई है, जो 13.3 प्रतिशत की वृद्धि है. यह बढ़ती भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि भारत में रक्षा निर्माण का इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है और अधिक कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी जगह बना रही हैं. पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत का रक्षा निर्यात लगभग तीन गुना बढ़ चुका है, जो देश के आत्मनिर्भरता अभियान और रक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों की सफलता को दर्शाता है. सरकार द्वारा व्यापार सुगमता बढ़ाने, निर्यात प्रक्रियाओं को आसान बनाने और उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए लगातार कदम उठाए गए हैं. रक्षा उत्पादन विभाग ने एक नया ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है और निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को भी सुव्यवस्थित किया है, जिससे कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश करने में आसानी हो रही है. रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने इस उपलब्धि पर रक्षा उत्पादन विभाग, निर्यातकों और सभी हितधारकों की सराहना करते हुए कहा कि भारत तेजी से रक्षा उपकरणों का वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रेरणादायक नेतृत्व में भारत रक्षा निर्यात के क्षेत्र में एक प्रभावशाली सफलता की कहानी लिख रहा है. कुल मिलाकर, यह रिकॉर्ड निर्यात आंकड़ा इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारत अब केवल अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक बाजार में एक मजबूत और भरोसेमंद रक्षा आपूर्तिकर्ता के रूप में तेजी से उभर रहा है. आने वाले वर्षों में यदि यही रफ्तार बनी रहती है, तो भारत दुनिया के शीर्ष रक्षा निर्यातकों में शामिल हो सकता है.

India का रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ पर पहुंचा, 62% की रिकॉर्ड बढ़त के साथ बना नया इतिहास

India ने वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपने रक्षा निर्यात को 38,424 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया है. यह अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 23,622 करोड़ रुपए के मुकाबले 14,802 करोड़ रुपए यानी 62.66 प्रतिशत की…

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इज़राइल ने PM मोदी को दिया सर्वोच्च संसदीय सम्मान, भारत-इज़राइल रिश्तों में रचा गया नया इतिहास

India – Israel रिश्तों में नया अध्याय, PM NARENDRA MODI को मिला इज़राइली संसद का ‘सर्वोच्च सम्मान’

इज़राइल ने भारत के PM NARENDRA MODI को अपने सर्वोच्च संसदीय सम्मान “स्पीकर ऑफ द कनेसट मेडल (Speaker of the Knesset Medal)” से सम्मानित किया है. यह सम्मान इज़राइल की संसद की ओर से दिया जाने वाला सबसे प्रतिष्ठित मेडल माना जाता है. यह ऐतिहासिक सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को भारत-इज़राइल के रणनीतिक, रक्षा, तकनीकी और…

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INS Vikrant पर दिवाली – प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह युद्धपोत नहीं, भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है”

PM मोदी ने INS Vikrant पर मनाई दिवाली, कहा- “यह सिर्फ एक युद्धपोत नहीं, 21वीं सदी के भारत की शक्ति और संकल्प का प्रतीक है”

PM नरेंद्र मोदी ने इस बार दिवाली का पर्व देश के स्वदेशी विमानवाहक पोत INS Vikrant पर भारतीय नौसेना के वीर जवानों के साथ मनाया. उन्होंने कहा कि INS Vikrant सिर्फ एक युद्धपोत नहीं, बल्कि भारत की मेहनत, प्रतिभा और आत्मनिर्भरता का जीवंत प्रतीक है. प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों के साहस,…

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भारत–ब्रिटेन संबंधों में नया युग: पीएम मोदी और पीएम कीर स्टारमर की ऐतिहासिक बैठक में रक्षा, प्रौद्योगिकी और व्यापार पर बड़े समझौते

भारत और ब्रिटेन संबंधों में नया अध्याय: PM Modi और Keir Starmer की ऐतिहासिक वार्ता में बड़े समझौते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer 8–9 अक्टूबर 2025 को अपनी पहली राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे. उनके साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया जिसमें ब्रिटिश बिजनेस और ट्रेड सचिव पीटर काइल, स्कॉटलैंड के सचिव डगलस अलेक्जेंडर, निवेश मंत्री जेसन स्टॉकवुड और 125 शीर्ष सीईओ, विश्वविद्यालयों के प्रमुख और सांस्कृतिक…

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