भारत में ही होगी अब MICA मिसाइलों की सर्विसिंग, MBDA और IAF के बीच बड़ा समझौता
भारतीय वायुसेना (IAF) ने अपनी मिसाइल मेंटेनेंस क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. यूरोप की प्रमुख मिसाइल निर्माता कंपनी MBDA ने भारतीय वायुसेना के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है, जिसके तहत भारत में ही MICA मिसाइलों के लिए Maintenance, Repair and Mid-Life Overhaul (MRO) क्षमता विकसित की जाएगी.
यह MRO सुविधा भारतीय वायुसेना द्वारा स्थापित, संचालित और मेंटेन की जाएगी, जबकि MBDA इसके लिए जरूरी मशीनरी, टूल्स, तकनीकी डेटा पैकेज, ट्रेनिंग और टेक्निकल सपोर्ट उपलब्ध कराएगी. इस पहल का उद्देश्य भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को बढ़ाना और मिसाइलों की सर्विसिंग के लिए विदेशी निर्भरता को कम करना है.
MICA मिसाइलें भारतीय वायुसेना के सबसे महत्वपूर्ण एयर-टू-एयर हथियारों में शामिल हैं. इनका उपयोग Dassault Rafale और अपग्रेडेड Mirage 2000 लड़ाकू विमानों में किया जाता है. यह मिसाइल Beyond Visual Range (BVR) और क्लोज-कॉम्बैट दोनों परिस्थितियों में दुश्मन के विमानों को निशाना बनाने में सक्षम है.
MICA मिसाइल की खास बात इसकी “fire-and-forget” क्षमता है, यानी लॉन्च के बाद यह खुद लक्ष्य को ट्रैक करती है. इसकी गति लगभग Mach 4 तक बताई जाती है और यह Radar तथा Infrared दोनों प्रकार के सीकर वेरिएंट में उपलब्ध है.

MBDA ने कहा है कि भारत में स्थानीय MRO सुविधा बनने से मिसाइलों की सर्विसिंग का समय काफी कम होगा और उनकी ऑपरेशनल उपलब्धता बेहतर होगी. इससे भारतीय वायुसेना को लंबे समय तक अपनी MICA मिसाइलों को प्रभावी स्थिति में बनाए रखने में मदद मिलेगी.
यह समझौता “आत्मनिर्भर भारत” और “मेक इन इंडिया” अभियान के तहत भारत की रक्षा उत्पादन एवं रक्षा रखरखाव क्षमता को मजबूत करने की दिशा में भी एक अहम कदम माना जा रहा है. MBDA ने कहा कि भारत के साथ उसकी साझेदारी दशकों पुरानी है और कंपनी भविष्य में भी भारतीय सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक मिसाइल तकनीक उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है.