SCO बैठक में राजनाथ सिंह का बड़ा बयान: ऑपरेशन सिंदूर से आतंक के गढ़ों को मिला कड़ा संदेश

SCO मंच से Rajnath Singh का सख्त संदेश: “ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया—आतंक के गढ़ अब नहीं बचेंगे”

Rajnath Singh ने 28 अप्रैल 2026 को Shanghai Cooperation Organisation Defence Ministers Meeting 2026 में आतंकवाद के खिलाफ भारत का कड़ा रुख दुनिया के सामने रखा. किर्गिस्तान की राजधानी Bishkek में आयोजित इस बैठक में उन्होंने साफ कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” भारत के इस अडिग संकल्प का प्रतीक है कि आतंकवाद के गढ़ अब न्यायसंगत…

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आईएनएस तारागिरी का जलवा: भारतीय नौसेना में शामिल हुआ स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट

भारतीय नौसेना में शामिल हुआ स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट ‘INS Taragiri’

3 अप्रैल 2026 को भारत की समुद्री ताकत को एक और बड़ी मजबूती मिली, जब प्रोजेक्ट 17-ए श्रेणी का चौथा अत्याधुनिक युद्धपोत INS Taragiri आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना में शामिल किया गया. इस ऐतिहासिक अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भी खास…

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भारत का रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ पर पहुंचा, 62% की रिकॉर्ड बढ़त के साथ बना नया इतिहास भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपने रक्षा निर्यात को 38,424 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया है. यह अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 23,622 करोड़ रुपए के मुकाबले 14,802 करोड़ रुपए यानी 62.66 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि को दर्शाता है. यह बढ़ोतरी न केवल भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता में तेजी से हो रहे विस्तार को दिखाती है, बल्कि वैश्विक स्तर पर ‘मेड इन इंडिया’ रक्षा उपकरणों की बढ़ती स्वीकार्यता का भी बड़ा संकेत है. इस उपलब्धि में रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSU) और निजी क्षेत्र दोनों का अहम योगदान रहा है. कुल निर्यात में DPSU का हिस्सा 21,071 करोड़ रुपए (54.84 प्रतिशत) रहा, जबकि निजी क्षेत्र ने 17,353 करोड़ रुपए (45.16 प्रतिशत) का योगदान दिया. खास बात यह है कि DPSU के निर्यात में पिछले वर्ष के मुकाबले 151 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई, वहीं निजी क्षेत्र ने भी 14 प्रतिशत की वृद्धि के साथ अपनी मजबूत मौजूदगी कायम रखी. पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़े क्रमशः 8,389 करोड़ रुपए (DPSU) और 15,233 करोड़ रुपए (निजी क्षेत्र) थे, जिससे साफ है कि इस साल सार्वजनिक क्षेत्र ने तेजी से उछाल लिया है. भारत का रक्षा निर्यात अब 80 से अधिक देशों तक पहुंच चुका है, जो यह दर्शाता है कि भारतीय रक्षा उद्योग अब वैश्विक सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है. इसके साथ ही निर्यातकों की संख्या भी बढ़कर 128 से 145 हो गई है, जो 13.3 प्रतिशत की वृद्धि है. यह बढ़ती भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि भारत में रक्षा निर्माण का इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है और अधिक कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी जगह बना रही हैं. पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत का रक्षा निर्यात लगभग तीन गुना बढ़ चुका है, जो देश के आत्मनिर्भरता अभियान और रक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों की सफलता को दर्शाता है. सरकार द्वारा व्यापार सुगमता बढ़ाने, निर्यात प्रक्रियाओं को आसान बनाने और उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए लगातार कदम उठाए गए हैं. रक्षा उत्पादन विभाग ने एक नया ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है और निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को भी सुव्यवस्थित किया है, जिससे कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश करने में आसानी हो रही है. रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने इस उपलब्धि पर रक्षा उत्पादन विभाग, निर्यातकों और सभी हितधारकों की सराहना करते हुए कहा कि भारत तेजी से रक्षा उपकरणों का वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रेरणादायक नेतृत्व में भारत रक्षा निर्यात के क्षेत्र में एक प्रभावशाली सफलता की कहानी लिख रहा है. कुल मिलाकर, यह रिकॉर्ड निर्यात आंकड़ा इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारत अब केवल अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक बाजार में एक मजबूत और भरोसेमंद रक्षा आपूर्तिकर्ता के रूप में तेजी से उभर रहा है. आने वाले वर्षों में यदि यही रफ्तार बनी रहती है, तो भारत दुनिया के शीर्ष रक्षा निर्यातकों में शामिल हो सकता है.

India का रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ पर पहुंचा, 62% की रिकॉर्ड बढ़त के साथ बना नया इतिहास

India ने वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपने रक्षा निर्यात को 38,424 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया है. यह अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 23,622 करोड़ रुपए के मुकाबले 14,802 करोड़ रुपए यानी 62.66 प्रतिशत की…

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DRDO ने हासिल की बड़ी सफलता, SFDR रैमजेट तकनीक का सफल परीक्षण

DRDO ने हासिल की बड़ी सफलता, SFDR रैमजेट तकनीक का सफल परीक्षण

भारत ने मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ी छलांग लगाते हुए ठोस ईंधन आधारित डक्टेड रैमजेट (SFDR) तकनीक का सफल परीक्षण किया है. यह परीक्षण रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से किया गया. इस सफल परीक्षण के साथ भारत अब उन चुनिंदा देशों की…

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DRDO ने MPATGM मिसाइल का सफल परीक्षण किया, चलते लक्ष्य पर दिखी टॉप-अटैक क्षमता

DRDO ने Man Portable Anti-Tank Guided Missile (MPATGM) का चलते लक्ष्य पर सफल परीक्षण किया

भारत ने स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने थर्ड जेनरेशन फायर-एंड-फॉरगेट Man Portable Anti-Tank Guided Missile (MPATGM) का 11 जनवरी 2026 को सफल उड़ान परीक्षण किया. यह परीक्षण महाराष्ट्र के केके रेंजेज, अहिल्या नगर में किया गया, जिसमें मिसाइल ने चलते…

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डीआरडीओ और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के बीच एमओयू, रक्षा और आंतरिक सुरक्षा अनुसंधान को मिलेगी नई मजबूती

DRDO और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के बीच MoU, रक्षा और आंतरिक सुरक्षा अनुसंधान को मिलेगी नई मजबूती

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) ने रक्षा एवं आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान, शिक्षा, प्रशिक्षण और प्रौद्योगिकी सहायता के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस एमओयू पर विशिष्ट वैज्ञानिक एवं महानिदेशक (उत्पादन समन्वय एवं सेवा अंतःक्रिया) डॉ….

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राजनाथ सिंह का बड़ा बयान: “सीमाएं स्थायी नहीं… सिंध एक दिन फिर भारत का हिस्सा बन सकता है”

Rajnath Singh सिंह का बड़ा बयान: “सीमाएं स्थायी नहीं… सिंध फिर भारत का हिस्सा बन सकता है”

रक्षामंत्री Rajnath Singh ने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान ऐसा बयान दिया है जिसने राष्ट्रीय राजनीति और भारत-पाक संबंधों पर नई बहस छेड़ दी है. सिंधी समाज से जुड़े इस आयोजन में उन्होंने कहा कि सीमाएं कभी स्थायी नहीं होतीं और समय के साथ बदल सकती हैं. उन्होंने संकेत देते हुए कहा कि “कौन…

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दिल्ली डिफेंस डायलॉग 2025: CDS जनरल अनिल चौहान बोले — “भविष्य की जंग प्रौद्योगिकी तय करेगी”

“प्रौद्योगिकी ही भविष्य की जीत तय करेगी” — दिल्ली डिफेंस डायलॉग में बोले CDS जनरल Anil Chauhan

दिल्ली में आयोजित ‘Delhi Defence Dialogue 2025’ के दौरान भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल Anil Chauhan ने आधुनिक युद्ध में प्रौद्योगिकी की निर्णायक भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि “जो तकनीक में आगे हैं, भविष्य की जंगों में जीत अंततः उनकी ही होगी.” उन्होंने अपने विशेष संबोधन में कहा कि ‘ऑपरेशन…

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भारत-आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक: राजनाथ सिंह ने की दो नई पहल, आसियान ने भारत की भूमिका की सराहना

कुआलालुम्पुर में गूँजी भारत की आवाज़: ASEAN देशों ने माना राजनाथ सिंह का नेतृत्व, दो नई रक्षा पहल शुरू

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 31 अक्टूबर, 2025 को मलेशिया की राजधानी कुआलालुम्पुर में दूसरी भारत-आसियान रक्षा मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक के दौरान ASEAN देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ मुलाकात की. आसियान रक्षा मंत्रियों ने भारत-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम रखने में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की और क्षेत्रीय स्तर…

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रक्षा अधिग्रहण परिषद ने ₹79,000 करोड़ के बड़े रक्षा प्रस्ताव मंजूर किए — सेना, नौसेना व वायु सेना के लिए प्रमुख खरीदें

रक्षा अधिग्रहण परिषद ने सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाने हेतु लगभग 79,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने 23 अक्टूबर, 2025 को साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली में आयोजित एक बैठक के दौरान लगभग 79,000 करोड़ रुपये की कुल राशि के विभिन्न सैन्य सेवाओं के प्रस्तावों को मंज़ूरी दी. भारतीय सेना के लिए, नाग मिसाइल सिस्टम (ट्रैक्ड) एमके-II (एनएएमआईएस), ग्राउंड बेस्ड मोबाइल ईएलआईएनटी…

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