डीआरडीओ की बड़ी सफलता! 1200 सेकंड तक सफल रहा हाइपरसोनिक स्क्रैमजेट इंजन परीक्षण

DRDO की बड़ी सफलता! 1200 सेकंड तक सफल रहा हाइपरसोनिक स्क्रैमजेट इंजन परीक्षण

भारत ने हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन Defence Research and Development Organisation (DRDO) की रक्षा अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला Defence Research and Development Laboratory (DRDL) ने फुल स्केल एक्टिवली कूल्ड लॉन्ग ड्यूरेशन स्क्रैमजेट कंबस्टर का सफल और व्यापक परीक्षण पूरा किया…

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भारत ने MIRV तकनीक से लैस एडवांस्ड अग्नि मिसाइल का किया सफल परीक्षण, कई लक्ष्यों को बनाया निशाना

भारत ने MIRV तकनीक से लैस एडवांस्ड Agni Missile का किया सफल परीक्षण, कई लक्ष्यों को बनाया निशाना

भारत ने 8 मई 2026 को ओडिशा स्थित Dr. APJ Abdul Kalam Island से मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेड री-एंट्री व्हीकल (MIRV) सिस्टम से लैस एडवांस्ड Agni Missile का सफल परीक्षण किया. इस परीक्षण के जरिए भारत ने यह साबित कर दिया कि अब वह एक ही मिसाइल से कई अलग-अलग रणनीतिक लक्ष्यों को निशाना बनाने में…

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DRDO और IAF ने किया स्वदेशी TARA ग्लाइड हथियार का सफल परीक्षण, बढ़ेगी एयर स्ट्राइक क्षमता

DRDO और भारतीय वायु सेना ने किया TARA हथियार का पहला सफल परीक्षण, बढ़ेगी भारतीय वायुसेना की स्ट्राइक क्षमता

भारत ने स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय वायु सेना (IAF) ने 7 मई 2026 को ओडिशा तट के पास सामरिक उन्नत रेंज संवर्धन हथियार यानी TARA (Tactical Advanced Range Augmentation) का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया. TARA भारत की…

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SCO बैठक में राजनाथ सिंह का बड़ा बयान: ऑपरेशन सिंदूर से आतंक के गढ़ों को मिला कड़ा संदेश

SCO मंच से Rajnath Singh का सख्त संदेश: “ऑपरेशन सिंदूर ने दिखाया—आतंक के गढ़ अब नहीं बचेंगे”

Rajnath Singh ने 28 अप्रैल 2026 को Shanghai Cooperation Organisation Defence Ministers Meeting 2026 में आतंकवाद के खिलाफ भारत का कड़ा रुख दुनिया के सामने रखा. किर्गिस्तान की राजधानी Bishkek में आयोजित इस बैठक में उन्होंने साफ कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” भारत के इस अडिग संकल्प का प्रतीक है कि आतंकवाद के गढ़ अब न्यायसंगत…

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आईएनएस तारागिरी का जलवा: भारतीय नौसेना में शामिल हुआ स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट

भारतीय नौसेना में शामिल हुआ स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट ‘INS Taragiri’

3 अप्रैल 2026 को भारत की समुद्री ताकत को एक और बड़ी मजबूती मिली, जब प्रोजेक्ट 17-ए श्रेणी का चौथा अत्याधुनिक युद्धपोत INS Taragiri आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना में शामिल किया गया. इस ऐतिहासिक अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भी खास…

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भारत का रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ पर पहुंचा, 62% की रिकॉर्ड बढ़त के साथ बना नया इतिहास भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपने रक्षा निर्यात को 38,424 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया है. यह अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 23,622 करोड़ रुपए के मुकाबले 14,802 करोड़ रुपए यानी 62.66 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि को दर्शाता है. यह बढ़ोतरी न केवल भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता में तेजी से हो रहे विस्तार को दिखाती है, बल्कि वैश्विक स्तर पर ‘मेड इन इंडिया’ रक्षा उपकरणों की बढ़ती स्वीकार्यता का भी बड़ा संकेत है. इस उपलब्धि में रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSU) और निजी क्षेत्र दोनों का अहम योगदान रहा है. कुल निर्यात में DPSU का हिस्सा 21,071 करोड़ रुपए (54.84 प्रतिशत) रहा, जबकि निजी क्षेत्र ने 17,353 करोड़ रुपए (45.16 प्रतिशत) का योगदान दिया. खास बात यह है कि DPSU के निर्यात में पिछले वर्ष के मुकाबले 151 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई, वहीं निजी क्षेत्र ने भी 14 प्रतिशत की वृद्धि के साथ अपनी मजबूत मौजूदगी कायम रखी. पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़े क्रमशः 8,389 करोड़ रुपए (DPSU) और 15,233 करोड़ रुपए (निजी क्षेत्र) थे, जिससे साफ है कि इस साल सार्वजनिक क्षेत्र ने तेजी से उछाल लिया है. भारत का रक्षा निर्यात अब 80 से अधिक देशों तक पहुंच चुका है, जो यह दर्शाता है कि भारतीय रक्षा उद्योग अब वैश्विक सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है. इसके साथ ही निर्यातकों की संख्या भी बढ़कर 128 से 145 हो गई है, जो 13.3 प्रतिशत की वृद्धि है. यह बढ़ती भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि भारत में रक्षा निर्माण का इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है और अधिक कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी जगह बना रही हैं. पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत का रक्षा निर्यात लगभग तीन गुना बढ़ चुका है, जो देश के आत्मनिर्भरता अभियान और रक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों की सफलता को दर्शाता है. सरकार द्वारा व्यापार सुगमता बढ़ाने, निर्यात प्रक्रियाओं को आसान बनाने और उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए लगातार कदम उठाए गए हैं. रक्षा उत्पादन विभाग ने एक नया ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है और निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को भी सुव्यवस्थित किया है, जिससे कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश करने में आसानी हो रही है. रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने इस उपलब्धि पर रक्षा उत्पादन विभाग, निर्यातकों और सभी हितधारकों की सराहना करते हुए कहा कि भारत तेजी से रक्षा उपकरणों का वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रेरणादायक नेतृत्व में भारत रक्षा निर्यात के क्षेत्र में एक प्रभावशाली सफलता की कहानी लिख रहा है. कुल मिलाकर, यह रिकॉर्ड निर्यात आंकड़ा इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारत अब केवल अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक बाजार में एक मजबूत और भरोसेमंद रक्षा आपूर्तिकर्ता के रूप में तेजी से उभर रहा है. आने वाले वर्षों में यदि यही रफ्तार बनी रहती है, तो भारत दुनिया के शीर्ष रक्षा निर्यातकों में शामिल हो सकता है.

India का रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ पर पहुंचा, 62% की रिकॉर्ड बढ़त के साथ बना नया इतिहास

India ने वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपने रक्षा निर्यात को 38,424 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया है. यह अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 23,622 करोड़ रुपए के मुकाबले 14,802 करोड़ रुपए यानी 62.66 प्रतिशत की…

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DRDO ने हासिल की बड़ी सफलता, SFDR रैमजेट तकनीक का सफल परीक्षण

DRDO ने हासिल की बड़ी सफलता, SFDR रैमजेट तकनीक का सफल परीक्षण

भारत ने मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ी छलांग लगाते हुए ठोस ईंधन आधारित डक्टेड रैमजेट (SFDR) तकनीक का सफल परीक्षण किया है. यह परीक्षण रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से किया गया. इस सफल परीक्षण के साथ भारत अब उन चुनिंदा देशों की…

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DRDO ने MPATGM मिसाइल का सफल परीक्षण किया, चलते लक्ष्य पर दिखी टॉप-अटैक क्षमता

DRDO ने Man Portable Anti-Tank Guided Missile (MPATGM) का चलते लक्ष्य पर सफल परीक्षण किया

भारत ने स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने थर्ड जेनरेशन फायर-एंड-फॉरगेट Man Portable Anti-Tank Guided Missile (MPATGM) का 11 जनवरी 2026 को सफल उड़ान परीक्षण किया. यह परीक्षण महाराष्ट्र के केके रेंजेज, अहिल्या नगर में किया गया, जिसमें मिसाइल ने चलते…

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डीआरडीओ और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के बीच एमओयू, रक्षा और आंतरिक सुरक्षा अनुसंधान को मिलेगी नई मजबूती

DRDO और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के बीच MoU, रक्षा और आंतरिक सुरक्षा अनुसंधान को मिलेगी नई मजबूती

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) ने रक्षा एवं आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान, शिक्षा, प्रशिक्षण और प्रौद्योगिकी सहायता के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस एमओयू पर विशिष्ट वैज्ञानिक एवं महानिदेशक (उत्पादन समन्वय एवं सेवा अंतःक्रिया) डॉ….

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राजनाथ सिंह का बड़ा बयान: “सीमाएं स्थायी नहीं… सिंध एक दिन फिर भारत का हिस्सा बन सकता है”

Rajnath Singh सिंह का बड़ा बयान: “सीमाएं स्थायी नहीं… सिंध फिर भारत का हिस्सा बन सकता है”

रक्षामंत्री Rajnath Singh ने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान ऐसा बयान दिया है जिसने राष्ट्रीय राजनीति और भारत-पाक संबंधों पर नई बहस छेड़ दी है. सिंधी समाज से जुड़े इस आयोजन में उन्होंने कहा कि सीमाएं कभी स्थायी नहीं होतीं और समय के साथ बदल सकती हैं. उन्होंने संकेत देते हुए कहा कि “कौन…

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