Indian Navy में शामिल हुआ INS Malvan, पनडुब्बी रोधी क्षमता को मिली नई मजबूती

INS Malvan Indian Navy का स्वदेशी Mahe-class Anti-Submarine Warfare Shallow Water Craft करवार में कमीशनिंग के दौरान।

Indian Navy ने अपनी पनडुब्बी रोधी (Anti-Submarine Warfare) क्षमता को और मजबूत करते हुए स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित माहे-क्लास एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW-SWC) की दूसरी युद्धपोत INS Malvan को आधिकारिक रूप से नौसेना में शामिल कर लिया गया है. इसका कमीशनिंग समारोह कर्नाटक के करवार नौसैनिक अड्डे पर आयोजित किया गया.

इस समारोह की अध्यक्षता भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने की. इस दौरान पश्चिमी नौसैनिक कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय वात्सायन, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) के वरिष्ठ अधिकारी, नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी, पूर्व सैनिक और अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे.

मालवन के नाम से जुड़ा है ऐतिहासिक गौरव

INS Malvan का नाम महाराष्ट्र के ऐतिहासिक तटीय शहर मालवन के नाम पर रखा गया है, जिसका संबंध छत्रपति शिवाजी महाराज की समृद्ध समुद्री विरासत से माना जाता है. यह जहाज अपने पूर्ववर्ती भारतीय नौसेना के इनशोर माइंसवीपर INS Malvan की विरासत को भी आगे बढ़ाता है, जिसने वर्ष 2003 तक सेवा दी थी.

80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी तकनीक से तैयार

INS Malvan, आठ माहे-क्लास ASW-SWC जहाजों में दूसरा पोत है, जिन्हें कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL), कोच्चि द्वारा बनाया जा रहा है. यह भारतीय नौसेना में शामिल होने वाला 16 ASW-SWC जहाजों में छठा पोत है.

इस युद्धपोत में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री और प्रणालियों का उपयोग किया गया है. यह भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान तथा स्वदेशी रक्षा जहाज निर्माण क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है.

पनडुब्बियों की निगरानी और माइन वारफेयर में सक्षम

INS Malvan Indian Navy का स्वदेशी Mahe-class Anti-Submarine Warfare Shallow Water Craft करवार में कमीशनिंग के दौरान।

INS Malvan को कई महत्वपूर्ण समुद्री अभियानों के लिए तैयार किया गया है. इसकी प्रमुख क्षमताओं में अंडरवाटर सर्विलांस (Underwater Surveillance), एंटी-सबमरीन वारफेयर (ASW), लो इंटेंसिटी मैरीटाइम ऑपरेशंस (LIMO) और माइन वारफेयर (Mine Warfare) शामिल हैं.

यह जहाज भारत की तटीय सुरक्षा, उथले समुद्री क्षेत्रों (Littoral Areas) की निगरानी और Maritime Domain Awareness को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

‘बाघ नख’ है जहाज का प्रतीक चिन्ह

INS Malvan के क्रेस्ट (Crest) पर ‘बाघ नख’ (Tiger’s Claw) का प्रतीक अंकित है, जो साहस, युद्ध कौशल, फुर्ती और दुश्मन पर अचानक प्रहार करने की क्षमता का प्रतीक माना जाता है.

इसके चारों ओर बनी समुद्री लहरें भारतीय नौसेना की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के प्रति सतर्कता और अटूट संकल्प को दर्शाती हैं. जहाज का आदर्श वाक्य “Silent Claws” है, जो इसकी स्टील्थ क्षमता, घातक मारक शक्ति और दुश्मन पर तेज एवं शांत तरीके से हमला करने की क्षमता को दर्शाता है.

एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने क्या कहा

समारोह को संबोधित करते हुए एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच समुद्री व्यापार मार्गों (Sea Lines of Communication) की सुरक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने भारतीय नौसेना की तेजी से बढ़ती स्वदेशी क्षमता और INS Malvan में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री के उपयोग की सराहना की.

भारतीय नौसेना की ताकत में होगा इजाफा

INS Malvan के शामिल होने से भारतीय नौसेना की पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. यह युद्धपोत बड़े युद्धपोतों, पनडुब्बियों और नौसैनिक विमानन परिसंपत्तियों के साथ समन्वित रूप से संचालन करने में सक्षम है.

भारतीय नौसेना का कहना है कि INS Malvan के शामिल होने से नौसेना की Combat Ready, Credible, Cohesive और Future Ready रहने की क्षमता और मजबूत होगी, जिससे भारत की समुद्री सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा को नई मजबूती मिलेगी.

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