PM Modi और Putin की Delhi में मुलाकात,24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूस जाएंगे PM
नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान PM Narendra Modi ने शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की. इस साल दोनों नेताओं की यह दूसरी मुलाकात है. इससे पहले 31 अगस्त 2026 को बिश्केक में 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन के इतर दोनों नेताओं की बैठक हुई थी. मुलाकात के दौरान PM Modi और राष्ट्रपति पुतिन ने भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की. दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कौशल गतिशीलता और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क सहित सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा की.

बैठक में रूस की अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक प्रदर्शनी ‘इनोप्रोम इंडिया’ का भी उल्लेख हुआ. भारत में पहली बार आयोजित यह प्रदर्शनी 9 से 11 सितंबर 2026 तक चली. दोनों नेताओं ने व्यापार और औद्योगिक संबंधों को आगे बढ़ाने में इस प्रदर्शनी के महत्व को रेखांकित किया. प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने प्रदर्शनी का दौरा किया और वहां मौजूद प्रतिभागियों से बातचीत भी की.
दोनों नेताओं ने बहुपक्षीय स्तर पर भारत और रूस के बीच सहयोग पर भी चर्चा की. खास तौर पर 2026 में भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स के तहत दोनों देशों के बीच सहयोग और आपसी समन्वय पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ.

क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों नेताओं ने अपने विचार साझा किए. चर्चा में पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र के संघर्ष प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे. इन संघर्षों का समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर असर पड़ा है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संघर्षों का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए ही आगे बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत शांति प्रयासों में सहयोग करने के लिए तैयार है.
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-रूस की ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ को और मजबूत करने के लिए लगातार संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई. दोनों देशों के बीच संबंधों ने भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच भी मजबूती और लचीलापन दिखाया है.
पुतिन ने पीएम मोदी को रूस आने का दिया न्योता
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूस आने का निमंत्रण दिया. प्रधानमंत्री मोदी ने यह निमंत्रण स्वीकार कर लिया है. हालांकि, शिखर सम्मेलन की तारीख अभी तय नहीं हुई है. दोनों देशों की आपसी सुविधा के अनुसार इसकी तारीख राजनयिक माध्यमों से तय की जाएगी.