18वें BRICS शिखर सम्मेलन के लिए भारत पहुंचे रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin, एयरपोर्ट पर हुआ गर्मजोशी से स्वागत
रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच गए हैं. भारत पहुंचने पर एयरपोर्ट पर विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री केवी सिंह ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया.
पुतिन का भारत दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत बने हुए हैं. भारत और रूस के संबंध विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हैं, जिसमें रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग समेत कई क्षेत्र शामिल हैं.
18वें BRICS शिखर सम्मेलन में पुतिन की भागीदारी के दौरान वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों के साथ-साथ BRICS देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा होने की उम्मीद है. भारत और रूस के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को देखते हुए पुतिन की यात्रा को दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
भारत ने पुतिन के आगमन का स्वागत करते हुए भारत-रूस संबंधों को बहुआयामी और लंबे समय से चले आ रहे संबंध बताया है. यह यात्रा दोनों देशों के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिहाज से भी अहम है.
जानते है BRICS है क्या?

BRICS विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का गुट है. ब्राजील, रूस, भारत, चीन और साउथ अफ्रीका इसके शुरुआती सदस्य हैं. साउथ अफ्रीका 2010 में शामिल हुआ. हाल ही में नए देशों ईरान, इथियोपिया, मिस्त्र और संयुक्त अरब अमीरात के जुड़ने के बाद इसे ब्रिक्स प्लस के नाम से जाना जाता है. ब्रिक्स समूह में चीन की अहम भूमिका देखी जाती है. ब्रिक्स का मुख्यालय चीन के शंघाई में है.
रूस और चीन के प्रभाव वाले इस गुट को पश्चिमी देशों को चुनौती देने वाला माना जाता है. एक अनुमान के मुताबिक आने वाले समय में ग्लोबल अर्थव्यवस्था में ब्रिक्स देशों का दबदबा होगा. यही कारण है कि दुनिया की नजर ब्रिक्स समिट पर टिकी हुई है.