Lockheed Martin को GPS ग्राउंड सिस्टम अपग्रेड के लिए 114 मिलियन डॉलर का ऑर्डर

Lockheed Martin को GPS ग्राउंड सिस्टम अपग्रेड के लिए 114 मिलियन डॉलर का ऑर्डर

अमेरिका ने अपने Global Positioning System (GPS) की सुरक्षा और भविष्य की चुनौतियों से निपटने की क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. Lockheed Martin को अमेरिकी स्पेस फोर्स से GPS ग्राउंड सेगमेंट के आधुनिकीकरण के लिए कुल 114 मिलियन डॉलर के दो टास्क ऑर्डर मिले हैं. इनका उद्देश्य GPS ग्राउंड सिस्टम को अगली पीढ़ी के GPS IIIF उपग्रहों के संचालन के लिए तैयार करना और उसकी सुरक्षा, विश्वसनीयता तथा लचीलेपन को मजबूत करना है.

इनमें पहला टास्क ऑर्डर 96 मिलियन डॉलर का है. इसके तहत लॉकहीड मार्टिन मौजूदा GPS ग्राउंड सिस्टम को अपग्रेड करेगा, ताकि वह GPS IIIF उपग्रहों के पेलोड को नियंत्रित कर सके. इससे नए GPS IIIF उपग्रहों को मौजूदा ग्राउंड सिस्टम के जरिए ऑपरेशनल क्षमता हासिल करने में मदद मिलेगी.

दूसरा टास्क ऑर्डर 17.5 मिलियन डॉलर का है, जो Architecture Evolution Plan (AEP) x86 Phase 1 से जुड़ा है. इसके तहत GPS ग्राउंड सिस्टम के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का व्यापक तकनीकी आधुनिकीकरण शुरू किया जाएगा. यह तीन चरणों वाली टेक्नोलॉजी रिफ्रेश प्रक्रिया का पहला चरण है, जिसमें मॉड्यूलर अप्रोच के जरिए GPS ग्राउंड सिस्टम की विश्वसनीयता और रेजिलिएंस बढ़ाई जाएगी.

GPS IIIF और M-Code से बढ़ेगी एंटी-जैमिंग क्षमता

इन अपग्रेड का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य भविष्य में ज्यादा M-Code सक्षम GPS IIIF उपग्रहों को तैनात करने में मदद करना है. M-Code अमेरिकी सैन्य उपयोग के लिए विकसित GPS सिग्नल क्षमता है, जो जामिंग जैसे इलेक्ट्रॉनिक खतरों के खिलाफ बेहतर मजबूती प्रदान करती है. नए ग्राउंड सिस्टम के जरिए GPS नेटवर्क की सिग्नल रेजिलिएंस और सैन्य उपयोगकर्ताओं के लिए विश्वसनीयता को मजबूत किया जाएगा.

GPS केवल सैन्य अभियानों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है. पोजिशनिंग, नेविगेशन और टाइमिंग (PNT) सेवाओं पर परिवहन, वित्तीय सेवाओं, दूरसंचार और यूटिलिटी प्रबंधन जैसे कई महत्वपूर्ण नागरिक क्षेत्र भी निर्भर हैं. ऐसे में GPS ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर का सुरक्षित और भरोसेमंद बने रहना व्यापक नागरिक और रणनीतिक जरूरत है.

GPS IIIF कार्यक्रम के लिए पहले भी मिला है बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

यह काम लॉकहीड मार्टिन और अमेरिकी स्पेस फोर्स के बीच लंबे समय से चल रहे GPS Control Segment Sustainment (GCS II) सहयोग का हिस्सा है. अप्रैल 2026 में भी कंपनी को GPS IIIF के लिए Contingency Launch Operations System के तहत 105 मिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट मिला था. उस कॉन्ट्रैक्ट का उद्देश्य GPS IIIF उपग्रहों के लॉन्च, शुरुआती ऑर्बिट और डिस्पोजल ऑपरेशंस के लिए ग्राउंड सपोर्ट उपलब्ध कराना था.

अप्रैल में GPS III सीरीज के आखिरी उपग्रह के लॉन्च के बाद अब फोकस अगली पीढ़ी के GPS IIIF उपग्रहों पर है. लॉकहीड मार्टिन के अनुसार, GPS IIIF उपग्रह मौजूदा पुराने उपग्रहों की तुलना में बेहतर सटीकता और 63 गुना अधिक रेजिलिएंस प्रदान करेंगे.

कंपनी के मुताबिक, नए 114 मिलियन डॉलर के दोनों अवॉर्ड GPS ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण को तेज करेंगे और अमेरिका को भविष्य के इलेक्ट्रॉनिक तथा अन्य खतरों के बीच सुरक्षित और विश्वसनीय GPS सेवाएं बनाए रखने में मदद करेंगे.

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