India Vietnam Defense Deal : $500 मिलियन के क्रेडिट लाइन से Vietnam खरीदेगा 14 पेट्रोल बोट और Submarine Batteries
India और Vietnam के बीच सामरिक साझेदारी एक नए युग में प्रवेश कर रही है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि भारत द्वारा वियतनाम को दी गई 500 मिलियन डॉलर (लगभग ₹4,150 करोड़) की डिफेंस ‘लाइन ऑफ क्रेडिट’ (LoC) को लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. इस पूंजी का उपयोग वियतनाम अपनी समुद्री सुरक्षा और नौसेना के आधुनिकीकरण के लिए करेगा.
परियोजना का विस्तृत विश्लेषण
सचिव पी. कुमारन के अनुसार, इस भारी-भरकम क्रेडिट लाइन को दो चरणों में क्रियान्वित किया जा रहा है:
1. प्रथम चरण: $300 मिलियन का निवेश
इस चरण के लिए प्रोजेक्ट्स की पहचान पूरी हो चुकी है और वर्तमान में टेंडरिंग (निविदा) की प्रक्रिया चल रही है. इसके तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित हथियारों और उपकरणों की खरीद होगी:
14 हाई-स्पीड पेट्रोल बोट्स: समुद्री सीमाओं की चौकसी के लिए वियतनाम भारत से 14 आधुनिक गश्ती नौकाएं खरीदेगा.
3 से 4 ऑफशोर पेट्रोल वेसल्स (OPVs): निविदा की अंतिम लागत के आधार पर, वियतनाम 3 या 4 बड़े अपतटीय गश्ती जहाज अपनी नौसेना में शामिल करेगा.
2. द्वितीय चरण: $200 मिलियन का आधुनिकीकरण
शेष 200 मिलियन डॉलर की राशि का उपयोग वियतनाम की मौजूदा सैन्य क्षमता को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा:
नौसैनिक जहाजों का अपग्रेड: वियतनाम की नौसेना के पुराने जहाजों को भारतीय तकनीक की मदद से आधुनिक बनाया जाएगा.
सबमरीन बैटरी की खरीद: नौसेना की पनडुब्बियों के लिए विशेष बैटरियों की खरीद भी इसी फंड से की जाएगी.
रणनीतिक और आर्थिक महत्व
‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा: यह सौदा भारतीय रक्षा उद्योग के लिए एक बड़ी जीत है, जिससे वैश्विक बाजार में भारत की पहचान एक ‘डिफेंस एक्सपोर्टर’ के रूप में मजबूत होगी.
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में संतुलन: दक्षिण चीन सागर में बढ़ते तनाव के बीच, वियतनाम की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.
यह क्रेडिट लाइन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वियतनाम यात्रा के दौरान घोषित की गई थी, जो अब धरातल पर उतरती दिख रही है.
यह रक्षा समझौता न केवल दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग को दर्शाता है, बल्कि यह दक्षिण-पूर्व एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने की दिशा में भारत के बढ़ते प्रभाव का भी प्रमाण है.