HAL ने IAF को सौंपे तेजस के अंतिम 2 FOC ट्रेनर, HTT-40 और ध्रुव NG की भी डिलीवरी
Hindustan Aeronautics Limited (HAL) ने भारतीय वायु सेना और नागरिक विमानन क्षेत्र के लिए स्वदेशी एयरोस्पेस प्लेटफॉर्म की नई खेप सौंपी है. 18 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में आयोजित समारोह में HAL ने भारतीय वायु सेना (IAF) को दो LCA तेजस FOC ट्विन सीटर ट्रेनर और तीन HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमान सौंपे. इसके साथ ही चार ध्रुव नेक्स्ट जेनरेशन (NG) हेलीकॉप्टर पवन हंस लिमिटेड (PHL) को भी सौंपे गए.
इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू मौजूद रहे. रक्षा मंत्री ने इन प्लेटफॉर्म की डिलीवरी को भारत की स्वदेशी एयरोस्पेस क्षमता और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
तेजस FOC ट्रेनर की डिलीवरी पूरी

HAL द्वारा भारतीय वायु सेना को सौंपे गए दो LCA तेजस ट्विन सीटर ट्रेनर FOC अनुबंध के तहत अंतिम दो विमान हैं. इन विमानों का इस्तेमाल IAF के पायलट प्रशिक्षण में किया जाएगा. ट्विन सीटर कॉन्फिगरेशन के कारण प्रशिक्षु पायलटों को तेजस प्लेटफॉर्म पर ही प्रशिक्षण हासिल करने का अवसर मिलेगा. इन ट्रेनर विमानों में फ्रंटलाइन तेजस से जुड़ी प्रमुख प्रणालियां और लड़ाकू क्षमता बरकरार रखी गई है. इसका उद्देश्य पायलटों को प्रशिक्षण चरण से आगे चलकर फ्रंटलाइन लड़ाकू विमान संचालन के लिए तैयार करना है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य के हवाई अभियान तेजी से सूचना और तकनीक आधारित होते जा रहे हैं. ऐसे में प्रशिक्षित कर्मियों, उन्नत तकनीक, एकीकृत प्रणालियों और तेजी से निर्णय लेने की क्षमता का संयोजन महत्वपूर्ण होगा. उनके अनुसार, LCA FOC Trainer इस तरह के परिचालन वातावरण के लिए पायलटों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
IAF को मिले तीन स्वदेशी HTT-40

HAL ने भारतीय वायु सेना को तीन HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमान भी सौंपे हैं. HTT-40 को रक्षा बलों की प्राथमिक प्रशिक्षण जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत में डिजाइन और विकसित किया गया है. यह विमान प्रशिक्षु पायलटों को बेसिक फ्लाइंग ट्रेनिंग देने के लिए तैयार किया गया है. इसमें आधुनिक कॉकपिट और एवियोनिक्स सिस्टम लगाए गए हैं. विमान एयरोबेटिक्स, सामान्य उड़ान प्रशिक्षण, इंस्ट्रूमेंट फ्लाइंग, नेविगेशन, रात में उड़ान और क्लोज फॉर्मेशन फ्लाइंग जैसी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत लंबे समय तक बेसिक ट्रेनिंग जरूरतों के लिए आयातित विमानों पर निर्भर रहा, लेकिन HTT-40 के स्वदेशी निर्माण से इस क्षेत्र में घरेलू क्षमता विकसित हुई है. उन्होंने विमान के संभावित अंतरराष्ट्रीय बाजार को लेकर भी उम्मीद जताई.
पवन हंस को मिले चार ध्रुव NG हेलीकॉप्टर

इसी समारोह में HAL ने चार ध्रुव NG हेलीकॉप्टर पवन हंस लिमिटेड को सौंपे. नागरिक परिचालन के लिए तैयार किए गए ध्रुव NG में आधुनिक एवियोनिक्स, उन्नत प्रणालियां और अधिक शक्तिशाली इंजन दिया गया है. यह हेलीकॉप्टर यात्री परिवहन, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और ऑफशोर लॉजिस्टिक्स सपोर्ट जैसे कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने ध्रुव NG के प्रमाणन और नागरिक परिचालन में शामिल होने को भारत के स्वदेशी नागरिक विमानन इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण बताया.
राजनाथ सिंह ने एकीकृत एयरोस्पेस इकोसिस्टम पर दिया जोर

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की एयरोस्पेस आत्मनिर्भरता केवल रक्षा जरूरतों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए. उनके अनुसार, विमान डिजाइन, एवियोनिक्स, प्रणोदन, कंपोजिट सामग्री, फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम, निर्माण और प्रमाणन जैसी क्षमताओं का देश में विकास नागरिक और सैन्य दोनों विमानन क्षेत्रों को लाभ पहुंचाएगा. उन्होंने HAL से डिजाइन और विकास से लेकर निर्माण, प्रमाणन, लाइफसाइकिल सपोर्ट और वैश्विक मार्केटिंग तक पूरी एयरोस्पेस वैल्यू चेन में अपनी क्षमता बढ़ाने का आह्वान किया.
राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में सार्वजनिक और निजी उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वायत्त प्रणालियां, मानव रहित हवाई प्रणालियां, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, साइबर तकनीक और अगली पीढ़ी के प्रणोदन जैसे क्षेत्रों में स्वदेशी क्षमता विकसित करना जरूरी होगा.
तकनीकी परियोजनाओं में देरी पर भी चिंता

रक्षा मंत्री ने तकनीकी परियोजनाओं के लिए यथार्थवादी समयसीमा तय करने की आवश्यकता बताई. उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में देरी से महत्वपूर्ण रक्षा जरूरतों को पूरा करने में अंतर पैदा हो सकता है, लागत बढ़ सकती है और तकनीक के अप्रचलित होने का जोखिम बढ़ सकता है. उन्होंने अनुसंधान एवं विकास को प्राथमिकता देने और युवा वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, डिजाइनरों, टेस्ट पायलटों तथा तकनीशियनों से ऐसी तकनीक विकसित करने का आह्वान किया जो वर्तमान में उपलब्ध नहीं है.
समारोह में वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा और HAL के CMD रवि के. समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
एक ही समारोह में तेजस FOC ट्रेनर, HTT-40 और ध्रुव NG की डिलीवरी HAL की उस क्षमता को भी दर्शाती है, जिसके जरिए कंपनी सैन्य प्रशिक्षण, लड़ाकू विमान संचालन और नागरिक हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए अलग-अलग स्वदेशी प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा रही है.