BAE Systems ने Adaptable Deck Launcher का पहला लाइव-फायर परीक्षण किया

BAE Systems ने Adaptable Deck Launcher का पहला लाइव-फायर परीक्षण किया

अमेरिकी रक्षा क्षेत्र की कंपनी BAE Systems ने Adaptable Deck Launcher (ADL) का पहला लाइव-फायर परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. यह एक ऐसा मिसाइल लॉन्चिंग सिस्टम है, जिसे अमेरिकी नौसेना और सहयोगी देशों के नौसैनिक बेड़ों की युद्धक क्षमता बढ़ाने तथा समुद्र में ऑपरेशन के दौरान अधिक लचीलापन प्रदान करने के लिए विकसित किया गया है. इसकी प्रमुख विशेषता समुद्र में ही मिसाइलों को तेजी से दोबारा लोड करने की क्षमता है, जिससे युद्धपोतों को मिसाइलों की आपूर्ति के लिए बार-बार बंदरगाह लौटने की आवश्यकता कम हो सकती है.

BAE Systems ने अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुबंध के तहत NATO Seasparrow Project Office (NSPO) के लिए इस प्रणाली को विकसित किया है. कंपनी के अनुसार, ADL में Mk 41 Vertical Launching System (VLS) के मौजूदा लॉजिस्टिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स ढांचे का इस्तेमाल किया गया है. इससे एक ओर प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने में मदद मिलती है, वहीं दूसरी ओर इसकी संचालन लागत को कम रखने का लक्ष्य है.

समुद्र में मिसाइलों को दोबारा लोड करने की क्षमता है प्रमुख विशेषता

ADL का सबसे महत्वपूर्ण पहलू समुद्र में मिसाइलों को तेजी से दोबारा लोड करने की सुविधा है. पारंपरिक व्यवस्था में मिसाइलों का भंडार समाप्त होने या दोबारा हथियार लोड करने की आवश्यकता पड़ने पर युद्धपोत को बंदरगाह लौटना पड़ सकता है. ADL के जरिए समुद्र में ही मिसाइलों की आपूर्ति और पुनः लोडिंग को अधिक व्यावहारिक बनाने का प्रयास किया गया है. इससे युद्धपोत लंबे समय तक ऑपरेशन में बने रह सकते हैं और जरूरत पड़ने पर लगातार हमले या हवाई रक्षा की क्षमता बनाए रखने में मदद मिल सकती है.

BAE Systems ने Adaptable Deck Launcher का पहला लाइव-फायर परीक्षण किया
फोटो- BAE Systems

BAE Systems में Weapons Systems के उपाध्यक्ष जेसन कासिओटी ने कहा कि ADL का सफल प्रदर्शन अमेरिकी नौसेना की युद्धक प्रभावशीलता और तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. उन्होंने बताया कि यह प्रणाली Mk 41 VLS की पूरक है और मानक जहाज-आधारित उपकरणों का उपयोग करते हुए समुद्र में हथियारों की तेजी से पुनः आपूर्ति करने के लिए अतिरिक्त लचीलापन प्रदान करती है.

विमानवाहक पोतों और मानवरहित जहाजों पर भी इस्तेमाल की संभावना

कंपनी के अनुसार, ADL को विमानवाहक पोतों, उभयचर युद्धपोतों और अन्य सतही युद्धपोतों पर हवाई रक्षा तथा विभिन्न समुद्री अभियानों के लिए इस्तेमाल करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है. इसका कॉम्पैक्ट डिजाइन मानवरहित नौसैनिक अभियानों के लिए भी उपयोगी हो सकता है. विशेष रूप से मध्यम आकार के मानवरहित सतही पोतों (Medium Unmanned Surface Vessels) पर इसके इस्तेमाल की संभावनाओं को ध्यान में रखा गया है.

BAE Systems ने ADL को Evolved SeaSparrow Missile (ESSM) के Mk 25 Quad-Pack कनस्तरों के साथ पूरी तरह संगत बनाया है. इन कनस्तरों में चार ESSM मिसाइलें रखी जा सकती हैं.

ESSM एक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है, जिसे जहाजों की सुरक्षा के लिए विकसित किया गया है. इसका इस्तेमाल सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइलों, विमानों और अन्य हवाई खतरों के खिलाफ रक्षा में किया जा सकता है.

ADL का पहला लाइव-फायर परीक्षण सफल होना इस प्रणाली के विकास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है. हालांकि, कंपनी की ओर से जारी जानकारी में परीक्षण के दौरान इस्तेमाल की गई मिसाइल, लक्ष्य, परीक्षण स्थल और प्रणाली की परिचालन तैनाती की समयसीमा का विवरण नहीं दिया गया है.

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