Saab और GA-ASI ने MQ-9B ड्रोन से एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग सिस्टम का उड़ान परीक्षण किया

Saab और GA-ASI ने MQ-9B ड्रोन से एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग सिस्टम का उड़ान परीक्षण किया

स्वीडन की रक्षा एवं एयरोस्पेस कंपनी Saab और अमेरिकी कंपनी General Atomics Aeronautical Systems, Inc. (GA-ASI) ने MQ-9B रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (RPAS) पर एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग (AEW) क्षमता का सफल उड़ान परीक्षण किया है. इस परीक्षण में Saab के LoyalEye एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग रडार को MQ-9B के साथ एकीकृत करके उसकी क्षमताओं का मूल्यांकन किया गया.

अमेरिका में GA-ASI की डेजर्ट होराइजन फ्लाइट ऑपरेशंस फैसिलिटी में किए गए इस परीक्षण के दौरान एकीकृत प्रणाली के प्रदर्शन को परखा गया. इसमें मानवरहित विमान से हवाई लक्ष्यों का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने और उनकी पहचान का वर्गीकरण करने की क्षमता का सत्यापन किया गया.

मई 2026 में शुरू हुआ था परीक्षण कार्यक्रम

Saab के अनुसार, इस प्रणाली का परीक्षण कार्यक्रम मई 2026 में इसकी पहली उड़ान के साथ शुरू हुआ था. 19 मई 2026 को MQ-9B पर LoyalEye रडार पॉड्स के साथ पहली उड़ान भरी गई थी. इसके बाद किए गए परीक्षणों का उद्देश्य प्रणाली की क्षमताओं का मूल्यांकन करना था.

GA-ASI की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, हालिया उड़ान परीक्षण में लंबी दूरी पर कई हवाई और समुद्री लक्ष्यों को एक साथ ट्रैक करने की क्षमता का भी प्रदर्शन किया गया. इनमें रडार से निगरानी के लिए उपकरणों से लैस लड़ाकू विमान और कई वाणिज्यिक विमान शामिल थे.

Saab और GA-ASI ने MQ-9B ड्रोन से एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग सिस्टम का उड़ान परीक्षण किया
फोटो – General Atomics Aeronautical Systems

Saab के सर्विलांस बिजनेस एरिया के प्रमुख कार्ल-जोहान बर्गहोम ने कहा कि यह परीक्षण मानवरहित एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग क्षमता के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. उनके अनुसार, LoyalEye को मौजूदा AEW&C प्रणालियों के पूरक के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि निगरानी में अधिक लचीलापन और लंबे समय तक परिचालन क्षमता मिल सके.

GA-ASI के अध्यक्ष डेविड आर. अलेक्जेंडर ने भी इस परीक्षण को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि MQ-9B पर AEW क्षमता को लेकर दुनिया भर के ग्राहकों में काफी रुचि है.

मानवरहित एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग क्षमता क्यों महत्वपूर्ण है?

LoyalEye रडार से लैस MQ-9B स्वतंत्र रूप से या चालक दल वाले AEW&C विमानों के साथ मिलकर काम कर सकता है. इस तरह की मानवरहित प्रणाली का उद्देश्य बड़े क्षेत्रों में लंबे समय तक हवाई निगरानी बनाए रखना है. इससे उन परिचालन परिस्थितियों में मदद मिल सकती है, जहां अधिक समय तक हवा में बने रहना, दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचना और चालक दल को जोखिम से दूर रखना महत्वपूर्ण होता है.

पारंपरिक AEW&C विमानों में रडार और अन्य सेंसर के साथ चालक दल भी मौजूद होता है, जबकि MQ-9B आधारित समाधान में निगरानी करने वाला विमान मानवरहित है. इससे निगरानी क्षमता बढ़ाने के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है और चालक दल वाले विमानों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, इस परीक्षण का सफल होना अभी इस प्रणाली के पूर्ण परिचालन तैनाती के बराबर नहीं है.

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