अमेरिका के 6 F-35 लड़ाकू विमान पहली बार तरंग शक्ति अभ्यास में शामिल होने पहुंचे जोधपुर
अमेरिका के छह F-35 Lightning II स्टेल्थ लड़ाकू विमान और 200 से अधिक अमेरिकी एयरमैन भारत पहुंच गए हैं. ये अमेरिकी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान पहली बार भारतीय वायुसेना के बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास ‘तरंग शक्ति’ में हिस्सा ले रहे हैं. F-35 की यह तैनाती भारत और अमेरिका के बीच हवाई सहयोग के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है.
जोधपुर में अमेरिकी F-35 की पहली भागीदारी
अमेरिकी एयरपावर की इस तैनाती के साथ F-35 पहली बार ‘तरंग शक्ति’ अभ्यास का हिस्सा बना है. छह F-35 Lightning II के साथ 200 से अधिक अमेरिकी एयरमैन जोधपुर पहुंचे हैं. अभ्यास के दौरान अमेरिकी और भारतीय वायुसेना के विमान एक साथ उड़ान भरेंगे और विभिन्न हवाई अभियानों का अभ्यास करेंगे.
F-35 अमेरिका का पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ मल्टीरोल लड़ाकू विमान है. इसे कम दृश्यता, सेंसर क्षमता और नेटवर्क-केंद्रित अभियानों के लिए विकसित किया गया है. भारत में F-35 की मौजूदगी इससे पहले भी एयर शो के दौरान देखने को मिली है, लेकिन किसी भारतीय सैन्य अभ्यास में इसकी भागीदारी पहली बार हो रही है.
भारतीय वायुसेना के साथ उड़ान भरेंगे अमेरिकी लड़ाकू विमान

तरंग शक्ति में F-35 की भागीदारी से अमेरिकी और भारतीय वायुसेनाओं को अपने-अपने विमानों और प्रणालियों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा. अभ्यास के दौरान दोनों देशों के वायु सैनिक अलग-अलग हवाई अभियानों में समन्वय और इंटरऑपरेबिलिटी पर काम करेंगे.
अमेरिका की ओर से F-35 की तैनाती ऐसे समय हुई है जब तरंग शक्ति में कई देशों की वायु सेनाएं हिस्सा ले रही हैं. अभ्यास का उद्देश्य अलग-अलग देशों की वायु सेनाओं के बीच सहयोग, संयुक्त संचालन क्षमता और पेशेवर अनुभव को बढ़ाना है.
F-35 की पहली भागीदारी से तरंग शक्ति में अमेरिकी पांचवीं पीढ़ी की हवाई क्षमता भी दिखाई देगी. जोधपुर में इन विमानों की मौजूदगी अभ्यास के दौरान भारतीय और अमेरिकी वायुसेनाओं के बीच संयुक्त उड़ान और प्रशिक्षण गतिविधियों को खास बनाएगी.