Germany को मिला पहला F-35A, 2029 तक पूरी ऑपरेशनल क्षमता हासिल करने की तैयारी
Germany के लड़ाकू विमान बेड़े के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए Lockheed Martin ने जर्मन वायुसेना के लिए तैयार किए गए पहले F-35A Lightning II को आधिकारिक रूप से पेश किया है. 18 सितंबर 2026 को अमेरिका के टेक्सास स्थित फोर्ट वर्थ में Lockheed Martin की F-35 उत्पादन सुविधा में आयोजित समारोह के दौरान यह विमान जर्मन सरकार को प्रस्तुत किया गया. इस कार्यक्रम में जर्मनी और अमेरिका के वरिष्ठ सरकारी एवं सैन्य अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और Lockheed Martin के कर्मचारी शामिल हुए.
यह विमान जर्मनी के लिए तैयार किए जा रहे 35 F-35A लड़ाकू विमानों में पहला है. F-35A पांचवीं पीढ़ी का मल्टीरोल स्टील्थ लड़ाकू विमान है, जिसे जर्मनी अपनी वायुसेना की भविष्य की क्षमताओं को मजबूत करने के साथ NATO के साथ इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने के लिए शामिल कर रहा है.
F-35A में क्या खास है?

F-35A की प्रमुख विशेषताओं में इसकी स्टील्थ क्षमता, उन्नत सेंसर और अलग-अलग प्लेटफॉर्म से मिलने वाली सूचनाओं को एकीकृत करने की क्षमता शामिल है. जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने समारोह में कहा कि विमान के सेंसर बड़ी मात्रा में डेटा एकत्र कर उसे तेजी से एक व्यापक ऑपरेशनल तस्वीर में बदल सकते हैं. उनके मुताबिक, विमान की अन्य प्लेटफॉर्म के साथ करीबी एकीकरण क्षमता और साझा तकनीकी मानक NATO के भीतर प्रशिक्षण, अभ्यास और अभियानों में सहयोग को मजबूत करेंगे.
F-35 कार्यक्रम की यही नेटवर्क-केंद्रित क्षमता इसे केवल एक लड़ाकू विमान के बजाय व्यापक हवाई और संयुक्त सैन्य अभियानों के लिए एक नेटवर्क वाले प्लेटफॉर्म के रूप में उपयोग करने में मदद करती है.
पहले F-35A के बाद क्या होगा?

जर्मनी के पहले F-35A ने आधिकारिक रोलआउट से पहले 8 सितंबर 2026 को फोर्ट वर्थ से अपनी पहली उड़ान भी पूरी कर ली थी. यह विमान जर्मन वायुसेना में 35+01 सीरियल के साथ शामिल होगा.
जर्मनी के शुरुआती आठ F-35A अमेरिका में ही रहेंगे. यहां जर्मन पायलटों और तकनीकी कर्मियों को विमान के संचालन और रखरखाव से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके बाद जर्मनी में विमान की तैनाती शुरू होने की योजना है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जर्मनी के Büchel एयर बेस पर F-35A की पहली मशीनों के पहुंचने की प्रक्रिया 2027 में शुरू होनी है.
Tornado की जगह लेगा F-35A

जर्मनी अपने पुराने Panavia Tornado बेड़े के स्थान पर F-35A को शामिल कर रहा है. जर्मन वायुसेना के लिए यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि F-35A को NATO की न्यूक्लियर-शेयरिंग व्यवस्था से जुड़ी भूमिका में इस्तेमाल करने की दिशा में तैयार किया जा रहा है.
रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने कहा कि जर्मनी के पहले F-35A की डिलीवरी इसी साल शुरू होगी और 2029 तक इसकी पूर्ण ऑपरेशनल क्षमता हासिल करने का लक्ष्य है. उन्होंने F-35A को जर्मन वायुसेना और NATO दोनों के लिए महत्वपूर्ण क्षमता बताया.
NATO के लिए भी महत्वपूर्ण बदलाव
जर्मनी का F-35A कार्यक्रम केवल उसके राष्ट्रीय लड़ाकू विमान बेड़े के आधुनिकीकरण तक सीमित नहीं है. F-35 का इस्तेमाल करने वाले NATO देशों के बीच साझा मानक, तकनीक और प्रक्रियाएं होने के कारण जर्मन F-35A के शामिल होने से गठबंधन के भीतर संयुक्त प्रशिक्षण और ऑपरेशनल सहयोग की क्षमता बढ़ेगी.
Lockheed Martin के अनुसार, फोर्ट वर्थ में आयोजित यह समारोह जर्मनी और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग तथा NATO के भीतर इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है.
जर्मनी के लिए पहले F-35A का रोलआउट अब उसके पुराने Tornado युग से पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान की ओर संक्रमण की प्रक्रिया में एक प्रमुख मील का पत्थर है. हालांकि पहला विमान अमेरिका में ही प्रशिक्षण और आगे की प्रक्रिया के लिए रहेगा, जर्मनी में F-35A की वास्तविक तैनाती की दिशा में यह कदम कार्यक्रम के अगले चरण की शुरुआत करता है.