Indian Coast Guard में शामिल हुआ दूसरा स्वदेशी ACV H-562
Indian Coast Guard ने समुद्री सुरक्षा और तटीय निगरानी क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम उठाया है. तटरक्षक बल ने 23 सितंबर 2026 को गोवा में स्वदेशी रूप से निर्मित एयर कुशन व्हीकल (ACV) H-562 को अपने बेड़े में शामिल किया हैं. यह भारतीय तटरक्षक बल के लिए तैयार किए जा रहे छह स्वदेशी ACV में से दूसरा वाहन है.
भारतीय तटरक्षक बल के मुताबिक, H-562 को भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है. इसके शामिल होने से तटरक्षक बल की समुद्री तैयारियों, परिचालन पहुंच और विभिन्न तटीय क्षेत्रों में तेजी से कार्रवाई करने की क्षमता को मजबूती मिलेगी. यह आत्मनिर्भर भारत के तहत देश में आधुनिक समुद्री प्लेटफॉर्म विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है.
छह ACV के लिए 387.44 करोड़ रुपये का अनुबंध
भारतीय तटरक्षक बल के इन छह ACV के लिए रक्षा मंत्रालय ने 24 अक्टूबर 2024 को गोवा की Chowgule & Company Private Limited के साथ 387.44 करोड़ रुपये का अनुबंध किया था. इन वाहनों की खरीद Buy (Indian) श्रेणी के तहत की गई है और इन्हें भारत में ही निर्मित किया जा रहा है.
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन ACV को भारतीय तटरक्षक बल की समुद्री सुरक्षा क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से शामिल किया जा रहा है. परियोजना के तहत तैयार किए जा रहे एयर कुशन व्हीकल तटीय क्षेत्रों में तेज गति से संचालन के साथ-साथ निगरानी, अवरोधन और खोज एवं बचाव जैसे अभियानों में इस्तेमाल किए जाएंगे.
उथले पानी और दलदली क्षेत्रों में भी संचालन

एयर कुशन व्हीकल यानी होवरक्राफ्ट की खासियत यह है कि यह सामान्य जहाजों की तुलना में अलग-अलग समुद्री और तटीय परिस्थितियों में संचालन कर सकता है. भारतीय तटरक्षक बल के लिए बनाए जा रहे ACV को उथले पानी, दलदली क्षेत्रों और गहरे समुद्र में भी इस्तेमाल करने के लिए तैयार किया जा रहा है.
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इन ACV की भूमिका में हाई-स्पीड तटीय गश्त, टोही और निगरानी, इंटरसेप्शन तथा इंटरडिक्शन शामिल हैं. इसके अलावा इनका इस्तेमाल दिन और रात दोनों समय खोज एवं बचाव अभियानों तथा संकट में फंसे जहाजों और नौकाओं को सहायता देने के लिए किया जा सकता है.
पहला ACV जून में हुआ था शामिल
छह ACV की इस परियोजना का पहला वाहन भारतीय तटरक्षक बल में 18 जून 2026 को गोवा में शामिल किया गया था. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पहले ACV की इंडक्शन का उद्देश्य तटरक्षक बल की विभिन्न समुद्री जिम्मेदारियों को निभाने की परिचालन क्षमता को बढ़ाना था.

अब दूसरे स्वदेशी ACV H-562 के शामिल होने से इस परियोजना को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है. छह ACV के पूरे बेड़े के शामिल होने के बाद भारतीय तटरक्षक बल को तटीय गश्त, निगरानी, समुद्री अवरोधन और खोज एवं बचाव अभियानों के लिए अतिरिक्त तेज और बहुउद्देश्यीय प्लेटफॉर्म मिलेंगे.
भारतीय तटरक्षक बल के अनुसार, H-562 की इंडक्शन समुद्री तैयारियों को मजबूत करने और परिचालन पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ भविष्य के लिए सक्षम और आत्मनिर्भर समुद्री बल तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.