Raytheon को SPY-6 रडार के लिए $1.8 अरब का कॉन्ट्रैक्ट, US Navy के 50+ युद्धपोत होंगे लैस
अमेरिकी रक्षा कंपनी Raytheon (RTX) को US Navy के अत्याधुनिक SPY-6 रडार सिस्टम के उत्पादन और रखरखाव के लिए 1.8 अरब डॉलर (लगभग ₹15,000 करोड़) का नया कॉन्ट्रैक्ट एक्सटेंशन मिला है. यह विस्तार मार्च 2022 में दिए गए मूल हार्डवेयर प्रोडक्शन और सस्टेनमेंट कॉन्ट्रैक्ट पर आधारित है.
Raytheon की Naval Power अध्यक्ष बारबरा बोर्गोनोवी ने कहा कि यह कॉन्ट्रैक्ट अमेरिकी नौसेना के उस भरोसे को दर्शाता है, जो कंपनी की उन्नत, भरोसेमंद और स्केलेबल रडार तकनीक पर है.
उन्होंने कहा कि कंपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने में लगातार निवेश कर रही है, जिससे अमेरिकी नौसेना को आने वाले दशकों तक आधुनिक सेंसर क्षमता (Sensing Advantage) मिलती रहेगी और वह तेजी से बदलते हवाई, मिसाइल और समुद्री खतरों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकेगी.
50 से अधिक युद्धपोतों पर तैनात होगा SPY-6
वर्तमान में SPY-6 रडार अमेरिकी नौसेना के दो कमीशन किए जा चुके युद्धपोतों पर सक्रिय सेवा में है, जबकि 11 अन्य जहाजों पर इसकी स्थापना पूरी हो चुकी है और वे विभिन्न परीक्षण चरणों से गुजर रहे हैं.
अमेरिकी नौसेना की योजना है कि अगले 10 वर्षों में SPY-6 को 50 से अधिक युद्धपोतों पर तैनात किया जाए. इससे नौसेना की हवाई निगरानी, बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा, एंटी-एयर वारफेयर और मल्टी-मिशन ऑपरेशन की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा.

उत्पादन क्षमता होगी दोगुनी
Raytheon ने बताया कि उसने SPY-6 रडार के निर्माण के लिए अपने उत्पादन संयंत्रों के आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार पर 800 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है,
इन निवेशों की बदौलत कंपनी 2028 तक SPY-6 रडार का उत्पादन दोगुना करने की योजना बना रही है. इससे अमेरिकी नौसेना को भविष्य में बड़ी संख्या में रडार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उत्पादन लागत में भी कमी आने की उम्मीद है.
क्या है SPY-6 रडार?
SPY-6 अमेरिकी नौसेना की अगली पीढ़ी का AESA (Active Electronically Scanned Array) मल्टी-फंक्शन रडार है. इसे विभिन्न प्रकार के युद्धपोतों पर लगाया जा सकता है और यह एक साथ कई प्रकार के लक्ष्यों—जैसे बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल, लड़ाकू विमान, ड्रोन और सतही खतरों—का लंबी दूरी से पता लगाने, ट्रैक करने और उन पर प्रतिक्रिया देने में सक्षम है.
इस रडार को पिछले एक दशक से अधिक समय के अनुसंधान, परीक्षण और समुद्री संचालन के अनुभव के आधार पर विकसित किया गया है, जिससे यह अमेरिकी नौसेना की भविष्य की समुद्री सुरक्षा रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है.