Indian Air Force ने हिंडन में मनाया 94वां वायुसेना दिवस, ऑपरेशनल क्षमता और स्वदेशी तकनीक का किया प्रदर्शन

Indian Air Force ने हिंडन में मनाया 94वां वायुसेना दिवस, ऑपरेशनल क्षमता और स्वदेशी तकनीक का किया प्रदर्शन

Indian Air Force (IAF) ने 8 अक्टूबर 2026 को गाजियाबाद स्थित हिंडन वायुसेना स्टेशन पर अपनी 94वीं वर्षगांठ मनाई. इस अवसर पर भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमता, तकनीकी प्रगति, व्यावसायिकता और समृद्ध विरासत का प्रदर्शन किया गया. वायुसेना दिवस परेड (एएफडीपी) का निरीक्षण वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने किया. उपस्थित अतिथियों में सेना प्रमुख, नौसेना प्रमुख, पूर्व वायुसेना प्रमुख और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी एवं नागरिक शामिल रहे.

कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय वायु सेना की असाधारण सेवा, पेशेवर उत्कृष्टता, समर्पण और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक राष्ट्रपति ध्वज के मार्च-इन से हुई. आगमन पर, वायु सेना प्रमुख को तीन Mi-17 1V हेलीकॉप्टरों द्वारा ध्वज गठन में राष्ट्रीय ध्वज और भारतीय वायु सेना के ध्वज के साथ हवाई सलामी दी गई. परेड की कमान ग्रुप कैप्टन मनीष शर्मा ने संभाली और इसके बाद अलंकरण समारोह हुआ. इसमें वायु योद्धाओं को वीरता और विशिष्ट सेवा के लिए पदक प्रदान किए गए. इकाइयों को उत्कृष्टता के लिए प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए गए.

Indian Air Force आपात स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार

वीडियो – INDIAN AIR FORCE

इस वर्ष के वायु सेना दिवस का विषय ‘भारतीय वायु सेना: अचूक, अभेद्य और सटीक’ था. यह सटीकता, लचीलेपन और परिचालन उत्कृष्टता के साथ राष्ट्र के आकाश की रक्षा करने के लिए भारतीय वायु सेना की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

अपने संबोधन में वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने इस बात पर बल दिया कि “वायु शक्ति राष्ट्रीय हित की रक्षा का प्राथमिक साधन है”. उन्होंने यह भी कहा कि “भारतीय वायु सेना सतर्क, प्रतिबद्ध और किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है”. उन्होंने इस बात पर बल दिया कि परिचालन क्षमता और तत्परता सही दिशा में आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि “किसी वायु सेना के पास दुनिया के सबसे उन्नत विमान हो सकते हैं, लेकिन उसकी असली ताकत उसकी परिचालन तत्परता से मापी जाती है—यानी आह्वान आने पर वह कितनी जल्दी और आत्मविश्वास से कार्रवाई कर सकती है.” ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना का युद्ध अभियानों में तेज़ गति से कार्रवाई करना उसकी “विनाशकारी शक्ति के साथ-साथ प्रभावी वायु रक्षा अभियानों” को भी दर्शाता है. उन्होंने बताया कि “ ‘अचूक, अभेद्य, सटीक’ सिर्फ एक नारा नहीं है; यह हमारी ताकत और संकल्प की अभिव्यक्ति है.”

वायुसेना प्रमुख ने ऑपरेशनल तत्परता और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

भारतीय वायु सेना की तकनीकी उन्नति और आत्मनिर्भरता के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि “आत्मनिर्भरता हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत है”, और इस बात पर बल दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और स्वायत्त प्रणालियों सहित उभरती प्रौद्योगिकियों को मानव अधिकार को केंद्र में रखते हुए एकीकृत किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि “आधुनिक संघर्ष में सफलता के लिए गहन तालमेल आवश्यक है” और सेना एवं नौसेना के साथ संयुक्त योजना और एकीकृत युद्धक अनुप्रयोग दैनिक गतिविधि है. अंतरिक्ष के पहलू पर उन्होंने कहा कि “अंतरिक्ष वायु क्षेत्र का स्वाभाविक विस्तार है”, और इसरो तथा घरेलू अंतरिक्ष उद्योग के साथ बढ़ते सहयोग के बारे में बताया. इसमें गगनयान मिशन में भारतीय वायु सेना की भूमिका भी शामिल है.

परेड में लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर समेत कई तरह की हथियार रहे शामिल

भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की अस्त्र-शस्त्र और उपकरणों की एक स्थिर प्रदर्शनी ने दर्शकों और मीडिया कर्मियों को आईएएफ की परिचालन और युद्ध क्षमताओं की व्यापक श्रृंखला को देखने का अवसर प्रदान किया. परेड में लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, सतह से हवा में और सतह से सतह पर मार करने वाली निर्देशित हथियार प्रणालियां, रडार और एकतरफा हमला करने वाली मानवरहित हवाई प्रणालियां प्रदर्शित की गईं. इस प्रदर्शनी ने ‘मेक इन इंडिया’ और स्वदेशी क्षमता विकास पर भारतीय वायु सेना के निरंतर ध्यान को उजागर किया. 24 स्क्वाड्रन ‘द हॉक्स’, 110 हेलीकॉप्टर यूनिट ‘द वैनगार्ड्स’, 200 स्क्वाड्रन ‘स्कंदा’, 2402 स्क्वाड्रन ‘वज्र’ और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर रेंज को पांच यूनिट प्रशस्तियां प्रदान की गईं.

इस समारोह में भारतीय वायु सेना की महिला वायु योद्धा अभ्यास दल, टीम शक्ति द्वारा भी प्रस्तुति दी गई. अपनी सटीकता, चपलता और अनुशासन के लिए जानी जाने वाली इस टीम ने समन्वित गतिविधियों और जटिल संरचनाओं का प्रदर्शन किया, यह महिला वायु योद्धाओं की व्यावसायिकता और सशक्तिकरण को दर्शाता है.

वायुसेना दिवस का हवाई प्रदर्शन 25 अक्टूबर 2026 को वाराणसी के नमो घाट पर आयोजित किया जाएगा

वीडियो -CISF

भारतीय वायु सेना के 33 युवा वायु योद्धाओं की ड्रमर टीम ने स्नारे ड्रम, रोटो ड्रम, बेस ड्रम और सिंबल्स का जीवंत प्रदर्शन किया. इसमें गतिशील संरचनाएं और कलाबाजियां भी शामिल थीं.

इस कार्यक्रम में भारतीय वायु सेना की हेरिटेज फ्लाइट द्वारा एक शानदार हवाई प्रदर्शन भी प्रस्तुत किया गया. इसमें भारतीय सैन्य विमानन की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित किया गया. एक पुराने ‘टाइगर मॉथ’ विमान द्वारा किए गए हवाई प्रदर्शन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और भारतीय वायु सेना की गौरवशाली विरासत को एक उपयुक्त श्रद्धांजलि प्रदान की.

हिंडन वायुसेना स्टेशन पर समारोहों के बाद, वायुसेना दिवस का हवाई प्रदर्शन 25 अक्टूबर 2026 को वाराणसी के नमो घाट पर आयोजित किया जाएगा.

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