Hindustan Shipyard Limited करेगा स्वदेशी JAYA AUV का सीरियल उत्पादन,समुद्री क्षमताओं को मिलेगी मजबूती
Hindustan Shipyard Limited (HSL) अब स्वदेशी ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल (AUV) ‘JAYA’ का सीरियल उत्पादन करेगा. JAYA को वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) की राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान (NIO) ने विकसित किया है. इसके डिजाइन में नौसेना के Naval Design (Submarine) Group ने सहयोग दिया है.
JAYA के सीरियल उत्पादन के लिए HSL को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (Transfer of Technology) किया गया है. यह समझौता CSIR के 85वें स्थापना दिवस के अवसर पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में हुआ.
प्रयोगशाला से औद्योगिक उत्पादन तक पहुंचेगी तकनीक
JAYA के उत्पादन के लिए तकनीकी हस्तांतरण भारत की स्वदेशी अंडरवाटर तकनीक को प्रयोगशाला स्तर से औद्योगिक पैमाने तक ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. इसके जरिए देश में स्वदेशी AUV के निर्माण की क्षमता विकसित होगी और भविष्य में ऐसे प्लेटफॉर्म के उत्पादन को बढ़ाया जा सकेगा.

AUV ऐसी स्वायत्त प्रणालियां हैं, जो बिना प्रत्यक्ष मानव नियंत्रण के पानी के भीतर निर्धारित मिशन को अंजाम दे सकती हैं. इनका इस्तेमाल समुद्री वैज्ञानिक अनुसंधान, समुद्र के भीतर सर्वेक्षण, निगरानी और अन्य मिशनों में किया जा सकता है.
पारंपरिक जहाज निर्माण से आगे बढ़ रहा HSL
JAYA का सीरियल उत्पादन HSL के लिए भी महत्वपूर्ण है. इससे कंपनी की गतिविधियां पारंपरिक जहाज निर्माण से आगे बढ़कर हाई-टेक समुद्री प्लेटफॉर्म, स्वायत्त प्रणालियों और सब-सी सिस्टम जैसी तकनीकों तक विस्तार करेंगी. इसके साथ ही इन प्रणालियों के जीवनचक्र समर्थन की क्षमता भी विकसित की जा सकती है.
स्वदेशी AUV जैसी प्रणालियां समुद्री अनुसंधान और समुद्री क्षेत्र की निगरानी के साथ-साथ देश की दीर्घकालिक समुद्री क्षमताओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं. JAYA के औद्योगिक उत्पादन से इस क्षेत्र में घरेलू तकनीकी और विनिर्माण क्षमता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.