German Navy ने फ्रिगेट से इजरायली LORA बैलिस्टिक मिसाइल का किया परीक्षण, 500+ किमी मारक क्षमता
German Navy ने उत्तरी अटलांटिक में एक जर्मन युद्धपोत से इजरायल की LORA बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली का सफल परीक्षण किया है. यह परीक्षण जर्मनी की लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
परीक्षण के लिए दो जर्मन फ्रिगेट्स को आयरलैंड और आइसलैंड के बीच उत्तरी अटलांटिक के समुद्री क्षेत्र में तैनात किया गया था. इसकी तैयारियां काफी हद तक गोपनीय रखी गई थीं, हालांकि सुरक्षा कारणों से परीक्षण क्षेत्र में समुद्री और हवाई यातायात को करीब 45 दिन पहले चेतावनी दी गई थी.
परीक्षण में इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) द्वारा विकसित Naval LORA प्रणाली का इस्तेमाल किया गया. IAI के अनुसार, दो अलग-अलग ऑपरेशनल परिस्थितियों में मिसाइलों को लॉन्च किया गया, जिन्होंने निर्धारित उड़ान पथ का अनुसरण करते हुए लक्ष्यों को सटीकता से भेदा.
German Navy ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया

जर्मन नौसेना प्रमुख वाइस एडमिरल Jan Christian Kaack ने इस परीक्षण को नौसेना के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है. जर्मन अधिकारियों के अनुसार, परीक्षण से यह प्रदर्शित हुआ है कि LORA प्रणाली को जर्मन नौसैनिक प्लेटफॉर्म से इस्तेमाल किया जा सकता है और इससे नौसेना की मौजूदा मारक क्षमता की तुलना में काफी अधिक दूरी तक लक्ष्य साधने की क्षमता मिल सकती है.
इस परीक्षण का एक अहम पहलू यह है कि जर्मनी अभी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता से लैस नहीं है. LORA को अपनाने से जर्मन नौसेना को समुद्र से लंबी दूरी पर जमीन स्थित लक्ष्यों के खिलाफ सटीक हमला करने की एक नई क्षमता मिल सकती है. हालांकि, परीक्षण के बाद भी जर्मन फ्रिगेट्स को LORA से लैस करने का अंतिम निर्णय अलग प्रक्रिया का विषय है.

जर्मनी अब 500 किलोमीटर से अधिक दूरी वाली लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता हासिल करने की योजनाओं को आगे बढ़ा रहा है. यह कदम रूस से बढ़ते सुरक्षा खतरे के बीच जर्मनी की सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है. इसके समानांतर जर्मनी अमेरिकी Tomahawk और भविष्य की यूरोपीय लंबी दूरी की मिसाइल प्रणालियों पर भी काम कर रहा है.
इस तरह LORA परीक्षण केवल एक मिसाइल का परीक्षण नहीं, बल्कि जर्मनी की नौसैनिक शक्ति को लंबी दूरी की सटीक स्ट्राइक क्षमता देने की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत है.