Budgam में लश्कर-ए-तैयबा का वरिष्ठ कमांडर मूसा उर्फ आसिफ फौजी ढेर
जम्मू-कश्मीर के Budgam जिले में सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए संयुक्त अभियान में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के वरिष्ठ कमांडर मूसा उर्फ आसिफ फौजी को मार गिराया है. सुरक्षा बल लंबे समय से उसकी तलाश में थे. हाल में तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर उसके ठिकाने और गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद उसे पकड़ने के लिए विशेष अभियान की योजना तैयार की गई थी.
सुरक्षा बलों के मुताबिक, मूसा को बडगाम जिले के खानसाहिब पुलिस स्टेशन क्षेत्र के गुरवतकलां में चलाए गए अभियान के दौरान निष्प्रभावी किया गया. यह कार्रवाई लंबे समय से चलाए जा रहे ऑपरेशन का हिस्सा थी, जिसमें सुरक्षा एजेंसियां मूसा की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही थीं.
2022 से सक्रिय लश्कर के चार वरिष्ठ कमांडरों का खात्मा
सुरक्षा बलों के अनुसार, मूसा के मारे जाने के साथ जम्मू-कश्मीर में 2022 से सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा के उन चार वरिष्ठ कमांडरों का समूह अब समाप्त हो गया है, जिन पर कई बड़े आतंकी हमलों में शामिल होने का आरोप था.
इनमें जुनैद भट को 3 दिसंबर 2024 को डाचीगाम में एक मुठभेड़ में मार गिराया गया था. इसके बाद 28 जुलाई 2025 को ऑपरेशन महादेव के दौरान सुलेमान और 4 सितंबर 2026 को ऑपरेशन असधर के दौरान यासिर को सुरक्षा बलों ने ढेर किया था.
इस समूह को हालन हमले (अगस्त 2023), कांडी हमले (मई 2023), डीकेजी हमले (दिसंबर 2023), शाहसितार हमले (मई 2024), शिव खोरी हमले (जून 2024), गगनगीर हमले (अक्टूबर 2024), बूटापथरी हमले (अक्टूबर 2024) और बैसरन हमले (अप्रैल 2025) समेत कई हमलों से जोड़ा गया है.
सुरक्षा बलों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) पिछले कुछ वर्षों से आतंकवाद विरोधी अभियानों में आपसी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं. खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त अभियानों के जरिए आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है.