India-Uzbekistan संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक ले जाने पर सहमति, आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे Narendra Modi और Mirziyoyev
प्रधानमंत्री Narendra Modi 29 से 30 अगस्त 2026 तक उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा की. उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति Shavkat Mirziyoyev के निमंत्रण पर हुई इस यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-उज्बेकिस्तान द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा की और सहयोग को और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान की. दोनों देशों ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई है.
मोदी और मिर्जियोयेव ने व्यापार, निवेश, परिवहन संपर्क, डिजिटल परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), अंतरिक्ष, साइबर सुरक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. दोनों नेताओं ने बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की आवश्यकता पर भी जोर दिया.
आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
भारत और उज्बेकिस्तान ने सीमा पार आतंकवाद समेत आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की स्पष्ट निंदा की. दोनों देशों ने आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता का रुख दोहराते हुए आतंकवादी संगठनों के खिलाफ समन्वित कार्रवाई और आतंकवाद के वित्तपोषण नेटवर्क, सुरक्षित ठिकानों तथा बुनियादी ढांचे को खत्म करने का आह्वान किया.
दोनों नेताओं ने कानून प्रवर्तन, खुफिया जानकारी साझा करने और हिंसक उग्रवाद, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, संगठित अपराध तथा साइबर खतरों से निपटने में सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया. आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह के तहत सहयोग जारी रखने पर भी सहमति बनी.

रक्षा सहयोग और ‘दुस्तलिक’ अभ्यास को बढ़ाने पर जोर
भारत और उज्बेकिस्तान ने रक्षा एवं सुरक्षा एजेंसियों के बीच बढ़ते सहयोग और समन्वय का स्वागत किया. दोनों देशों ने नियमित आदान-प्रदान, संस्थागत तंत्र, क्षमता निर्माण और संयुक्त गतिविधियों के जरिए सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई.
दोनों नेताओं ने सैन्य सहयोग पर संयुक्त कार्य समूह की गतिविधियों पर संतोष व्यक्त किया. इसमें रक्षा औद्योगिक क्षेत्र में सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर भी काम किया जा रहा है.नेताओं ने भारत और उज्बेकिस्तान के संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘दुस्तलिक’ के सफल आयोजन का स्वागत किया. इसका नवीनतम संस्करण अप्रैल 2026 में उज्बेकिस्तान के नमंगन क्षेत्र में आयोजित हुआ था.
व्यापार और निवेश बढ़ाने की तैयारी
दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने और उसमें विविधता लाने के लिए नए अवसर तलाशने पर सहमति व्यक्त की. व्यापारिक वस्तुओं की श्रेणी का विस्तार, गैर-शुल्क बाधाओं को दूर करने और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त उपाय किए जाएंगे.
दोनों पक्षों ने गैर-शुल्क मुद्दों और निवेश संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए एक संयुक्त कार्य समूह बनाने का निर्णय लिया. ई-कॉमर्स, व्यापार प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण, MSME सहयोग और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापार को आसान बनाने पर भी जोर दिया गया.

विद्युत वस्तुओं, इंजीनियरिंग उत्पादों, ऑटोमोबाइल और फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में व्यापार की बड़ी संभावनाओं को देखते हुए दोनों देशों ने इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. साथ ही उज्बेकिस्तान-भारत तरजीही व्यापार समझौते पर संयुक्त व्यवहार्यता अध्ययन के निष्कर्षों के आधार पर आगे के कदम समयबद्ध तरीके से उठाने के निर्देश दिए गए.
महत्वपूर्ण खनिज और परमाणु ऊर्जा पर सहयोग
भारत और उज्बेकिस्तान ने भूविज्ञान, खनन, परमाणु ऊर्जा तथा महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर सहमति व्यक्त की. इसमें खनिज संसाधनों के प्रसंस्करण, मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्माण और रिसाइक्लिंग से जुड़ी परियोजनाएं भी शामिल हैं.
दोनों देशों ने भूवैज्ञानिक अन्वेषण, खनन, खनिज प्रसंस्करण और एकीकृत मूल्य श्रृंखला विकसित करने वाली संयुक्त परियोजनाओं के माध्यम से महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई.
AI, डिजिटल तकनीक और अंतरिक्ष में सहयोग

भारत और उज्बेकिस्तान ने उच्च प्रौद्योगिकी और डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया. दोनों नेताओं ने सुरक्षित, विश्वसनीय और भरोसेमंद AI प्रणालियों के विकास में सहयोग बढ़ाने तथा अनुभव और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान पर सहमति व्यक्त की.
अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग और अन्वेषण के क्षेत्र में भी व्यावहारिक सहयोग बढ़ाया जाएगा. इसमें अंतरिक्ष अनुप्रयोग, वैज्ञानिक आंकड़ों का आदान-प्रदान, संयुक्त कार्यशालाएं और प्रशिक्षण के जरिए क्षमता निर्माण शामिल है.
स्वास्थ्य और फार्मा सेक्टर में बढ़ेगा सहयोग
दोनों देशों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने, जैव चिकित्सा अनुसंधान और चिकित्सा नवाचार में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का स्वागत करते हुए नेताओं ने ताशकंद फार्मा पार्क को संयुक्त परियोजनाओं, आधुनिक दवा निर्माण में निवेश, उत्पादन के स्थानीयकरण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए महत्वपूर्ण मंच बताया. भारतीय कंपनियों के सहयोग से उज्बेकिस्तान में नए चिकित्सा केंद्रों और प्रयोगशालाओं, अनुसंधान संस्थानों तथा संयुक्त दवा निर्माण उद्यमों की स्थापना के प्रस्ताव का भी समर्थन किया गया.
अरल सागर के पुनर्वास में भारत देगा 10 लाख डॉलर

भारत और उज्बेकिस्तान ने अरल सागर क्षेत्र के हरितकरण और पारिस्थितिक पुनर्वास में सहयोग करने का निर्णय लिया है. इस पहल के तहत भारत के अनुदान-सहायता ढांचे के अंतर्गत 10 लाख अमेरिकी डॉलर की लागत से पुनर्वास प्रयास किए जाएंगे, जिसमें आवश्यक तकनीकी सहायता भी शामिल होगी.
उज्बेकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी के समर्थन को दोहराया. दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि वैश्विक संस्था मौजूदा अंतरराष्ट्रीय वास्तविकताओं को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित कर सके और अधिक प्रतिनिधि, प्रभावी तथा कुशल बन सके.
दोनों देशों ने वैश्विक दक्षिण के साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर समन्वय मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी जताई. इसके अलावा शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के भीतर सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई.
यात्रा के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव, उज्बेकिस्तान सरकार और वहां की जनता के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया. प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति को भारत आने का निमंत्रण भी दिया है, जिसकी तारीख राजनयिक माध्यमों से तय की जाएगी.