Raytheon विकसित करेगी नई ऑप्टिकल सिग्नल प्रोसेसिंग तकनीक, DARPA के PICASSO कार्यक्रम के तहत मिला अनुबंध
अमेरिकी रक्षा कंपनी RTX की सहयोगी कंपनी Raytheon को अमेरिकी रक्षा विभाग की एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी (DARPA) से एक नई ऑप्टिकल सिग्नल प्रोसेसिंग तकनीक विकसित करने का अनुबंध मिला है. इस तकनीक का उद्देश्य सैन्य अभियानों के दौरान खतरों की पहचान और उन पर प्रतिक्रिया देने की गति बढ़ाना है. रेथियॉन इस परियोजना के तहत ऐसी प्रणाली विकसित करेगी, जो इलेक्ट्रिकल सिग्नल के बजाय प्रकाश (Light) का इस्तेमाल करके डेटा और सिग्नल को प्रोसेस करेगी.
RTX ने 3 नवंबर 2026 को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि रेथियॉन को DARPA के Photonic Integrated Circuit Architectures for Scalable System Objectives (PICASSO) कार्यक्रम के तहत फेज-1 का अनुबंध दिया गया है. इस परियोजना में रेथियॉन की एडवांस्ड टेक्नोलॉजी टीम नई फोटोनिक सर्किट तकनीक का डिजाइन तैयार करने और उसका प्रदर्शन करने पर काम करेगी.
जानते हैं इसकी खासियत
इस तकनीक की खासियत यह है कि इसमें सिग्नल प्रोसेसिंग के लिए बिजली के बजाय प्रकाश का इस्तेमाल किया जाएगा. वर्तमान में फोटोनिक सर्किट में ऑप्टिकल सिग्नल को आगे की प्रोसेसिंग और डेटा विश्लेषण के लिए दोबारा इलेक्ट्रिकल सिग्नल में बदलना पड़ता है. इस प्रक्रिया को समाप्त करके पूरी प्रोसेसिंग ऑप्टिकल डोमेन में करने की क्षमता विकसित की जाएगी.

रेथियॉन के अनुसार, ऑप्टिकल और इलेक्ट्रिकल सिग्नल के बीच रूपांतरण की जरूरत खत्म होने से सिग्नल की ताकत और उसकी गुणवत्ता को बनाए रखने में मदद मिलेगी. इससे छोटे आकार और अधिक जटिलता वाले सर्किट में भी बेहतर प्रदर्शन हासिल किया जा सकेगा. इसके परिणामस्वरूप सैन्य ऑपरेटर संभावित खतरों का पहले पता लगा सकेंगे और उनके खिलाफ तेजी से कार्रवाई कर सकेंगे.
रेथियॉन के एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के अध्यक्ष कॉलिन व्हेलन ने कहा कि यह कार्यक्रम सिग्नल प्रोसेसिंग के तरीके में बुनियादी बदलाव को दर्शाता है. महत्वपूर्ण प्रोसेसिंग को पूरी तरह ऑप्टिकल डोमेन में स्थानांतरित करने से विभिन्न अनुप्रयोगों में प्रतिक्रिया देने की गति को काफी बढ़ाया जा सकता है.
इस परियोजना में रेथियॉन अपने फोटोनिक्स प्रोसेस डेवलपमेंट, रेडियो फ्रीक्वेंसी डिजाइन और सैन्य उपयोग के लिए विकसित प्रणालियों के अनुभव का इस्तेमाल करेगी. इसके अलावा, कंपनी इस कार्यक्रम में कमर्शियल टेक्नोलॉजी पार्टनर Synopsys के साथ भी काम करेगी. Synopsys इस तकनीक के विकास के लिए डिजाइन और सिमुलेशन टूल उपलब्ध कराएगी.
क्या है इस तकनीक का सैन्य महत्व?
आधुनिक सैन्य प्रणालियों में रडार, सेंसर और अन्य निगरानी उपकरण बड़ी मात्रा में डेटा और सिग्नल उत्पन्न करते हैं. इनसे मिलने वाली जानकारी का तेजी से विश्लेषण करना किसी भी खतरे की पहचान और उस पर समय रहते प्रतिक्रिया देने के लिए महत्वपूर्ण होता है.
ऑल-ऑप्टिकल सिग्नल प्रोसेसिंग तकनीक के जरिए सिग्नल को इलेक्ट्रिकल रूप में बदलने की अतिरिक्त प्रक्रिया हटाई जा सकेगी. इससे भविष्य में अधिक तेज, छोटे और जटिल सैन्य इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम विकसित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी. हालांकि, PICASSO कार्यक्रम के तहत फिलहाल रेथियॉन को इस तकनीक के विकास और प्रदर्शन का काम सौंपा गया है. इसे किसी परिचालन सैन्य प्रणाली में तैनात किए जाने की जानकारी अभी नहीं दी गई है.