PM Narendra Modi की न्यूजीलैंड यात्रा रही ऐतिहासिक, भारत-न्यूजीलैंड बने रणनीतिक साझेदार; 2030 रोडमैप पर सहमति

भारत-न्यूजीलैंड ने शुरू किया रणनीतिक साझेदारी का नया दौर, रक्षा, व्यापार और सुरक्षा में बढ़ेगा सहयोग

प्रधानमंत्री Narendra Modi की न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान भारत और न्यूजीलैंड ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई पर पहुंचाते हुए उन्हें ‘रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership)’ का दर्जा देने की घोषणा की. दोनों देशों ने अगले चार वर्षों के लिए ‘भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी: 2030 रोडमैप’ को मंजूरी दी, जिसके तहत रक्षा, व्यापार, समुद्री सुरक्षा, शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और आतंकवाद-रोधी सहयोग को व्यापक रूप से मजबूत किया जाएगा.

यह पिछले 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की पहली आधिकारिक यात्रा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑकलैंड में प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की, भारतीय समुदाय और व्यापारिक नेताओं को संबोधित किया तथा कई अहम समझौतों पर सहमति बनी.

भारत-न्यूजीलैंड ने शुरू किया रणनीतिक साझेदारी का नया दौर, रक्षा, व्यापार और सुरक्षा में बढ़ेगा सहयोग

दोनों देशों ने 2025 के रक्षा सहयोग समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन पर संतोष व्यक्त किया और रक्षा मंत्रालयों तथा सैन्य सेवाओं के बीच नियमित रणनीतिक संवाद जारी रखने का फैसला किया. समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दोनों देशों ने नौसैनिक सहयोग, संयुक्त नौसैनिक अभ्यास, समुद्री लॉजिस्टिक समर्थन, हाइड्रोग्राफी और समुद्री मानचित्रण में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई.

भारत और न्यूजीलैंड ने वार्षिक समुद्री सुरक्षा संवाद शुरू करने का भी निर्णय लिया. साथ ही इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्वतंत्र, खुला और नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था बनाए रखने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई.

संयुक्त बयान में दोनों देशों ने आतंकवाद के सभी स्वरूपों की कड़ी निंदा की और सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया. भारत और न्यूजीलैंड ने आतंकवाद-रोधी संयुक्त कार्य समूह (JWG) स्थापित करने तथा आतंकवादी वित्तपोषण, साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ कानून प्रवर्तन सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की.

दोनों नेताओं ने पहलगाम (22 अप्रैल 2025) और नई दिल्ली (10 नवंबर 2025) के आतंकी हमलों की भी निंदा करते हुए दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने की मांग की.

भारत-न्यूजीलैंड ने शुरू किया रणनीतिक साझेदारी का नया दौर, रक्षा, व्यापार और सुरक्षा में बढ़ेगा सहयोग

भारत और न्यूजीलैंड ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 7 अरब न्यूजीलैंड डॉलर (करीब ₹35,000 करोड़) तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के पूरा होने और उस पर हस्ताक्षर का स्वागत किया तथा इसे शीघ्र लागू करने पर सहमति जताई.

कृषि, डेयरी, बागवानी, वानिकी, कौशल विकास, स्वच्छ ऊर्जा, खेल और निवेश के क्षेत्रों में भी सहयोग को नई गति देने का निर्णय लिया गया. साथ ही भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीधी नॉन-स्टॉप उड़ानें शुरू करने के प्रयासों को भी समर्थन दिया गया.

दोनों देशों ने शिक्षा, अनुसंधान, विज्ञान, डिजिटल प्रौद्योगिकी और नवाचार को द्विपक्षीय संबंधों का प्रमुख आधार बताया. जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा, आपदा प्रबंधन और कृषि अनुसंधान में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी. भारत के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय आपातकाल प्रबंधन एजेंसी के बीच सहयोग समझौते का भी स्वागत किया गया.

वैश्विक मुद्दों पर साझा रुख

भारत-न्यूजीलैंड ने शुरू किया रणनीतिक साझेदारी का नया दौर, रक्षा, व्यापार और सुरक्षा में बढ़ेगा सहयोग

भारत और न्यूजीलैंड ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता दोहराई और न्यूजीलैंड ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत के समर्थन को पुनः दोहराया. दोनों देशों ने इंडो-पैसिफिक में नियम-आधारित व्यवस्था, समुद्री कानूनों के पालन, यूक्रेन युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान, मध्य पूर्व में तनाव कम करने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा पर भी साझा चिंता व्यक्त की.

संयुक्त बयान के अंत में दोनों प्रधानमंत्रियों ने 2030 रोडमैप के तहत तय पहलों को समयबद्ध तरीके से लागू करने और उच्च स्तरीय संवाद लगातार जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई.

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