Indian Coast Guard का ICGS Savitribai Phule सेवामुक्त, करवार में हुआ डीकमीशनिंग समारोह
Indian Coast Guard के जहाज ICGS Savitribai Phule को 19 सितंबर 2026 को कर्नाटक के करवार में आयोजित एक औपचारिक समारोह में सेवामुक्त कर दिया गया है. इसके साथ ही भारतीय समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा और तटीय निगरानी में जहाज की लगभग दो दशक लंबी सेवा का समापन हो गया.
सावित्रीबाई फुले भारतीय तटरक्षक बल का फास्ट पेट्रोल वेसल था. गोवा शिपयार्ड लिमिटेड के आधिकारिक प्रोडक्ट हिस्ट्री रिकॉर्ड में इसे Fast Patrol Vessel-5 के रूप में दर्ज किया गया है. रिकॉर्ड के अनुसार, जहाज को 30 सितंबर 2006 को भारतीय तटरक्षक बल को सौंपा गया था.
पश्चिमी तट की निगरानी में निभाई भूमिका

अपने सेवा काल के दौरान ICGS सावित्रीबाई फुले ने भारत के समुद्री क्षेत्र और पश्चिमी तट की निगरानी से जुड़े विभिन्न अभियानों में हिस्सा लिया. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, जहाज समुद्री सुरक्षा, तस्करी रोधी अभियानों और समुद्र में संकट में फंसे लोगों तथा मछुआरों की सहायता से जुड़े अभियानों में भी शामिल रहा.
जहाज की सेवा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा समुद्र में निगरानी और आवश्यकता पड़ने पर बचाव अभियानों में तटरक्षक बल की परिचालन क्षमता को मजबूत करना रहा. लगभग 20 वर्षों की सेवा के बाद अब इसे औपचारिक रूप से तटरक्षक बेड़े से हटा दिया गया है.
करवार में हुआ सेवा मुक्ति समारोह
19 सितंबर को करवार में आयोजित समारोह में जहाज को औपचारिक विदाई दी गई. इस अवसर पर जहाज की वर्षों की सेवा और समुद्री सुरक्षा में उसके योगदान को याद किया गया. भारतीय तटरक्षक बल ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कहा कि यह समारोह जहाज की सेवा के एक महत्वपूर्ण अध्याय के समापन का प्रतीक है.
ICGS सावित्रीबाई फुले का नाम समाज सुधारक और महिला शिक्षा की अग्रणी सावित्रीबाई फुले के नाम पर रखा गया था. जहाज की सेवामुक्ति के साथ भारतीय तटरक्षक बल के इस पोत की परिचालन यात्रा अब समाप्त हो गई है.