भारत के स्वदेशी HALE UAV के लिए टर्बोप्रॉप इंजन का मूल्यांकन करेंगी Bharat Forge और Pratt & Whitney Canada
Bharat Forge और RTX की कंपनी Pratt & Whitney Canada ने भारत के स्वदेशी हाई-एल्टीट्यूड, लॉन्ग-एंड्योरेंस (HALE) मानव रहित हवाई वाहन (UAV) कार्यक्रम के लिए उन्नत टर्बोप्रॉप इंजन के एकीकरण का मूल्यांकन करने के लिए सहयोग की घोषणा की है. यह HALE UAV कार्यक्रम रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा डिजाइन और विकसित किया जा रहा है.
इस सहयोग के तहत Pratt & Whitney Canada भारत के अगली पीढ़ी के HALE UAV में अपने टर्बोप्रॉप इंजन के इस्तेमाल की संभावनाओं का मूल्यांकन करेगी. इसमें इंजन की अनुकूलता, प्रदर्शन और इंस्टॉलेशन से जुड़ी आवश्यकताओं का आकलन शामिल होगा. वहीं, Bharat Forge इंजन और एयरफ्रेम के एकीकरण का नेतृत्व करेगी. कंपनी इंस्टॉलेशन डिजाइन और विभिन्न सिस्टम इंटरफेस से जुड़े कार्य भी संभालेगी.
रक्षा विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम
यह सहयोग भारत के स्वदेशी मानव रहित हवाई प्रणालियों के विकास के प्रयासों को समर्थन देगा. यह सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत देश की एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है. Bharat Forge इस सहयोग में अपनी इंजीनियरिंग, विनिर्माण और एयरोस्पेस सिस्टम क्षमताओं का इस्तेमाल करेगी.
Bharat Forge के वाइस चेयरमैन और ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर अमित कल्याणी ने कहा कि कंपनी Pratt & Whitney Canada के साथ सहयोग कर भारत की स्वदेशी एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण क्षमताओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि Pratt & Whitney की प्रणोदन तकनीक और Bharat Forge की इंजीनियरिंग तथा सिस्टम इंटीग्रेशन विशेषज्ञता को मिलाकर एक विश्वस्तरीय HALE प्लेटफॉर्म के विकास में सहयोग करने का लक्ष्य है, जो भारत की रणनीतिक आत्मनिर्भरता और रक्षा तैयारियों को मजबूत करेगा.
निगरानी और टोही अभियानों में उपयोगी होगा HALE UAV
Pratt & Whitney के वाइस प्रेसिडेंट और कंट्री हेड आशीष सराफ ने कहा कि Bharat Forge के साथ सहयोग भारत की एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र की महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देने की कंपनी की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि Pratt & Whitney Canada के टर्बोप्रॉप इंजनों की चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों में विश्वसनीयता की सिद्ध विरासत है, जो भारत के HALE कार्यक्रम के लिए आवश्यक है. HALE UAV का इस्तेमाल जमीन और समुद्री दोनों क्षेत्रों में लंबे समय तक निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और टोही अभियानों के लिए किया जाता है.