US Space Force ने दिया Lockheed Martin को $105 मिलियन का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट, GPS होगा और ताकतवर

अमेरिका का GPS होगा और खतरनाक! Lockheed Martin को $105 मिलियन का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

Lockheed Martin को United States Space Force की ओर से लगभग 105 मिलियन डॉलर (करीब 870 करोड़ रुपये) तक का कॉन्ट्रैक्ट मिला है. इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत कंपनी Global Positioning System (GPS) के ग्राउंड कंट्रोल नेटवर्क को आधुनिक बनाने और अपग्रेड करने का काम करेगी.

इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य GPS सिस्टम को और ज्यादा सुरक्षित (resilient), सटीक और भरोसेमंद बनाना है, जिससे सैन्य और नागरिक दोनों तरह के उपयोगकर्ताओं को बेहतर सेवाएं मिल सकें.

Lockheed Martin इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत GPS ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम को अपग्रेड करेगा, GPS IIIF सैटेलाइट्स के लॉन्च और ऑपरेशन को सपोर्ट करेगा और सिस्टम की सुरक्षा और एंटी-जैमिंग क्षमता को बढ़ाएगा.

कंपनी पिछले 10 वर्षों से GPS सिस्टम के आधुनिकीकरण पर काम कर रही है, और यह नया कॉन्ट्रैक्ट उसी प्रोग्राम का विस्तार है.

क्या है खास इस अपग्रेड में?

अमेरिका का GPS होगा और खतरनाक! Lockheed Martin को $105 मिलियन का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

नए GPS IIIF सैटेलाइट्स पुराने सिस्टम से 8 गुना ज्यादा सुरक्षित और 3 गुना ज्यादा सटीक हैं. इन सैटेलाइट्स में ऐसा सिग्नल होगा जो पहले के मुकाबले 63 गुना ज्यादा शक्तिशाली (anti-jam) होगा. यह सिस्टम युद्ध के समय भी लगातार और भरोसेमंद नेविगेशन देगा.

क्यों है यह डील अहम?

आज GPS सिर्फ नेविगेशन तक सीमित नहीं है, यह सैन्य ऑपरेशन, मिसाइल गाइडेंस, बैंकिंग सिस्टम, एयर ट्रैफिक और ट्रांसपोर्ट सब कुछ इसी पर निर्भर है.

इसलिए इस अपग्रेड से अमेरिकी सेना की क्षमता बढ़ेगी, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर से सुरक्षा मजबूत होगी. जिससे पूरी दुनिया के अरबों यूजर्स को फायदा मिलेगा.

यह डील दिखाती है कि आने वाले समय में स्पेस और नेविगेशन टेक्नोलॉजी ही असली युद्ध की रीढ़ बनने वाली है. Lockheed Martin अब GPS को अगले स्तर पर ले जाकर अमेरिका की सैन्य बढ़त को और मजबूत करने जा रहा है.

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