India-Belgium रक्षा साझेदारी को नई ताकत, AI, ड्रोन और हथियार प्रणालियों में मिलकर काम करेंगे दोनों देश
India और Belgium ने रक्षा क्षेत्र में औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया है. नई दिल्ली में 3 सितंबर को आयोजित India-Belgium Defence CEOs Roundtable और B2B Meetings में दोनों देशों ने तकनीकी विशेषज्ञता, विनिर्माण क्षमता और नवाचार के जरिए साझा रक्षा क्षमताएं विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की.
बेल्जियम के रक्षा एवं विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रांकेन ने भारत और बेल्जियम के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग की व्यापक संभावनाओं को रेखांकित किया. वहीं, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने बेल्जियम की रक्षा कंपनियों से भारत की बड़ी विनिर्माण क्षमता और बेल्जियम की तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए विशिष्ट रक्षा उत्पादों के सह-विकास और सह-उत्पादन में भागीदारी करने का आह्वान किया.
बैठक में बेल्जियम के रक्षा उद्योग, भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
भारत-EU रणनीतिक साझेदारी का भी किया उल्लेख

बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रांकेन ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने समुद्री सुरक्षा, सूचना सुरक्षा और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में विकसित हो रहे संवाद और संस्थागत तंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने भारत को यूरोपीय संघ के लिए एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में स्थापित किया है.
उन्होंने भारतीय उद्यमियों की गतिशीलता की सराहना करते हुए बदलते सुरक्षा वातावरण में दोनों देशों की सेनाओं को संयुक्त प्रयासों के जरिए मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
आत्मनिर्भर भारत और वैश्विक सहयोग पर जोर
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि भारत का रक्षा विनिर्माण क्षेत्र आयात पर निर्भरता से आगे बढ़कर स्वदेशी क्षमता, भरोसेमंद साझेदारी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की दिशा में निर्णायक बदलाव कर रहा है. उन्होंने आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को विश्वसनीय और पारस्परिक रूप से लाभकारी अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए और मजबूत किया जा सकता है.
उन्होंने भारत और बेल्जियम के बीच साइबर सुरक्षा, AI-सक्षम मानव रहित हवाई प्रणालियों, अंडरवाटर डोमेन व्हीकल्स और जटिल हथियार प्रणालियों जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं बताईं.
संजय सेठ ने कहा कि iDEX और ADITI जैसे नवाचार प्लेटफॉर्म भारतीय स्टार्टअप और MSME को AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सैन्य संचार, एंटी-ड्रोन सिस्टम और एडैप्टिव कैमोफ्लाज जैसे क्षेत्रों में काम करने का अवसर दे रहे हैं. उनके मुताबिक, ये प्लेटफॉर्म भारत और बेल्जियम के बीच संयुक्त R&D और औद्योगिक सहयोग के लिए महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध करा सकते हैं.
16 हजार से अधिक MSME रक्षा उद्योग का हिस्सा

रक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि भारत का रक्षा औद्योगिक आधार अब रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों, तेजी से बढ़ते निजी क्षेत्र और 16,000 से अधिक MSMEs के व्यापक नेटवर्क से मिलकर बना है. भारतीय उद्योग एयरोस्पेस, नौसैनिक और भूमि प्रणालियों के साथ-साथ रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और मानव रहित प्रणालियों में उन्नत क्षमताएं विकसित कर रहा है.
उन्होंने कहा कि रक्षा उत्पादन विभाग के नेतृत्व में सरकार क्षमता निर्माण, सप्लाई चेन को मजबूत करने और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तथा सह-विकास को प्रोत्साहित करने के लिए कई कदम उठा रही है.
FDI और डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का उल्लेख

संजय सेठ ने रक्षा क्षेत्र में विदेशी निवेश के लिए भारत की उदार नीतियों का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि रक्षा क्षेत्र में 74 प्रतिशत तक FDI ऑटोमैटिक रूट और 100 प्रतिशत तक सरकारी रूट से निवेश की अनुमति है.
उन्होंने तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में स्थापित डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए कहा कि महाराष्ट्र, असम और अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे कॉरिडोर विकसित करने की योजना है. इन कॉरिडोर के जरिए विदेशी मूल उपकरण निर्माताओं (OEMs) और साझेदार कंपनियों को तकनीकी सहयोग तथा विनिर्माण के लिए बेहतर औद्योगिक इकोसिस्टम उपलब्ध कराया जा रहा है.
भारत-बेल्जियम कंपनियों के बीच कई MoU

कार्यक्रम के दौरान भारत और बेल्जियम की कंपनियों के बीच तकनीक, कौशल और विनिर्माण क्षमता को जोड़ने के उद्देश्य से कई समझौतों का आदान-प्रदान किया गया
इनमें SIDM और Belgian Security & Defence Industry, Larsen & Toubro और Exail Robotics, Kalyani Strategic Systems और FN Herstal, Tembo Classic Engineering और Lachaussée, India Optel और OIP, Krishna Industries और Pitagone,DGVK Enterprises और Sol1, तथा Kalyani Strategic Systems, Thales Belgium और Thales India के बीच हुए समझौते शामिल हैं.
इन समझौतों से भारत और बेल्जियम के रक्षा उद्योगों के बीच तकनीकी सहयोग, संयुक्त विकास और विनिर्माण साझेदारी को आगे बढ़ाने की उम्मीद है.