Uzbekistan ने चीन से खरीदा J-10CE Fighter Jet, पहली बार सामने आए 6 चीनी लड़ाकू विमान
Uzbekistan ने चीनी Chengdu J-10CE मल्टीरोल फाइटर जेट को अपनी वायुसेना में शामिल कर लिया है. ताशकंद की ओर से पहली बार इन लड़ाकू विमानों की आधिकारिक तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद चीन से J-10CE की खरीद को लेकर चल रही महीनों पुरानी अटकलों पर लगभग विराम लग गया है.
उज़्बेकिस्तान के रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी वीडियो में कम से कम छह J-10CE लड़ाकू विमान दिखाई दिए. विमानों को रनवे पर खड़े होने, उड़ान भरने और फॉर्मेशन में उड़ते हुए दिखाया गया है. कुछ फुटेज में विमानों को वाटर-कैनन सलामी भी दी गई. यह प्रदर्शन देश के 35वें स्वतंत्रता दिवस समारोह से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान सामने आया.
उज़्बेकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने वीडियो में विमानों को अपने हवाई सीमा की सुरक्षा करने वाले आधुनिक लड़ाकू विमान के तौर पर प्रस्तुत किया है. हालांकि, मंत्रालय ने अभी तक सार्वजनिक रूप से इन विमानों की कुल संख्या, खरीद मूल्य, डिलीवरी शेड्यूल या विस्तृत तकनीकी कॉन्फिगरेशन की जानकारी जारी नहीं की है. पिछले कई महीनों से ऐसी रिपोर्टें आती रही हैं कि उज़्बेकिस्तान चीन से 24 J-10CE खरीद सकता है. लेकिन अभी तक उज़्बेकिस्तान या चीन की सरकार ने 24 विमानों के सौदे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
J-10CE कितना आधुनिक है?
J-10CE चीन के J-10C का एक्सपोर्ट वर्जन है. चीन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह सिंगल-इंजन, सिंगल-सीट, ऑल-वेदर मल्टीरोल फाइटर है, जो सुपरसोनिक गति से उड़ान भरने, कम दूरी से टेकऑफ और लैंडिंग तथा नेटवर्क आधारित युद्ध अभियानों में सक्षम है. इसे हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों प्रकार के मिशनों के लिए बनाया गया है.
J-10CE की सबसे महत्वपूर्ण खूबियों में इसका आधुनिक एवियोनिक्स और Active Electronically Scanned Array (AESA) रडार शामिल है. चीन के आधिकारिक रक्षा प्रकाशन के अनुसार J-10C परिवार में AESA रडार और आधुनिक हथियार प्रणाली का इस्तेमाल किया गया है.
इस विमान को PL-10 शॉर्ट-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल और PL-15E लंबी दूरी की Beyond Visual Range Air-to-Air Missile के साथ जोड़ा जा सकता है. चीनी रक्षा स्रोत के अनुसार PL-15E की अधिकतम रेंज 200 किलोमीटर से अधिक बताई गई है. हालांकि वास्तविक प्रभावी रेंज मिशन प्रोफाइल, ऊंचाई, लॉन्च परिस्थितियों और लक्ष्य पर निर्भर करती है.
Uzbekistan के लिए क्यों महत्वपूर्ण है J-10CE?
J-10CE का शामिल होना उज़्बेकिस्तान की वायु शक्ति के आधुनिकीकरण के लिहाज से बड़ा कदम है. उज़्बेकिस्तान की लड़ाकू विमान क्षमता लंबे समय से मुख्य रूप से सोवियत डिजाइन के MiG-29, Su-27 और Su-25 जैसे विमानों पर आधारित रही है. इनमें से कई विमान पुराने हो चुके हैं और उनके रखरखाव तथा स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता एक चुनौती बन सकती है.
ऐसे में चीन से J-10CE का आना उज़्बेकिस्तान को एक अपेक्षाकृत आधुनिक 4.5-generation-class multirole fighter capability देता है. इससे उसकी Beyond Visual Range एयर कॉम्बैट क्षमता, आधुनिक सेंसर और हथियारों के इस्तेमाल तथा नेटवर्क-केंद्रित युद्ध क्षमता में सुधार की संभावना है.
चीन के लिए भी बड़ा रणनीतिक फायदा
उज़्बेकिस्तान द्वारा J-10CE को अपनाना चीन के लिए सिर्फ एक और विमान निर्यात सौदा नहीं है. यह मध्य एशिया के लड़ाकू विमान बाजार में चीन की बढ़ती मौजूदगी का संकेत है. अब तक इस क्षेत्र में रूस और सोवियत मूल के हथियारों का प्रभाव काफी मजबूत रहा है. उज़्बेकिस्तान का चीनी लड़ाकू विमान अपनाना इस पारंपरिक पैटर्न में बदलाव का संकेत देता है. चीन पहले से ही उज़्बेकिस्तान को विभिन्न सैन्य प्रणालियां उपलब्ध करा चुका है और J-10CE इस रक्षा सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाता है.
J-10CE का पहला विदेशी ऑपरेटर पाकिस्तान बना था. पाकिस्तान ने चीन से J-10CE हासिल किए और मार्च 2022 में ये विमान पहली बार सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान दिवस परेड में दिखाई दिए थे. अब उज़्बेकिस्तान इसके दूसरे विदेशी ऑपरेटर के रूप में सामने आया है. चीन के लिए यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि इससे उसके आधुनिक लड़ाकू विमान की विदेशी बाजार में स्वीकार्यता बढ़ती है. ऐसा कहा जा रहा है कि बांग्लादेश चीन के साथ J-10CE खरीद को लेकर बात आगे बढ़ा रहा है.
उज़्बेकिस्तान द्वारा चीनी J-10CE लड़ाकू विमानों का आधिकारिक प्रदर्शन इस बात की मजबूत पुष्टि करता है कि चीन अब मध्य एशिया के लड़ाकू विमान बाजार में भी अपनी जगह बना रहा है. यह कदम उज़्बेकिस्तान के लिए पुराने सोवियत दौर के लड़ाकू विमानों से आगे बढ़कर आधुनिक एवियोनिक्स, AESA रडार और लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों से लैस नई पीढ़ी की लड़ाकू क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा सकता है. चीन के लिए यह मध्य एशिया में उसके रक्षा प्रभाव के विस्तार और J-10CE के वैश्विक निर्यात अभियान की एक बड़ी सफलता है. इसको लेकर भारत को समय रहते सतर्क रहना होगा.