भारत में पहली बार F-2 Fighter Jet भेजेगा Japan, चीन को लेकर बढ़ेगी रणनीतिक हलचल
Japan–India के साथ रक्षा सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाने की तैयारी में है. जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JASDF) पहली बार अपने F-2 Fighter Jet को भारत में संयुक्त सैन्य अभ्यास के लिए भेज सकता है. जापानी अधिकारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, यह तैनाती अगस्त में प्रस्तावित भारत-जापान रक्षा वार्ता के दौरान चर्चा का हिस्सा हो सकती है.
जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी के 17 अगस्त से ऑस्ट्रेलिया और भारत की यात्रा की तैयारी के बीच F-2 विमानों की भारत यात्रा की योजना सामने आई है. जापान के रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इन विमानों को भारत में संयुक्त प्रशिक्षण के लिए भेजे जाने की संभावना है. इससे पहले दोनों देशों की वायु सेनाओं ने 2023 में जापान में पहली बार संयुक्त लड़ाकू विमान अभ्यास किया था.
चीन पर नजर, Japan ने बताया रणनीतिक संकेत

जापानी रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, भारत में F-2 की तैनाती का एक उद्देश्य चीन के खिलाफ रणनीतिक संकेत देना भी है. ऐसे में यह अभ्यास केवल सैन्य प्रशिक्षण तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत-जापान सुरक्षा सहयोग के बढ़ते महत्व से भी इसे जोड़कर देखा जा रहा है.
चीन के सरकारी अखबार Global Times ने इस घटनाक्रम को लेकर एक चीनी विशेषज्ञ की राय प्रकाशित की है. शंघाई इंस्टीट्यूट्स फॉर इंटरनेशनल स्टडीज के सेंटर फॉर साउथ एशिया स्टडीज के निदेशक लियू ज़ोंगयी ने दावा किया कि जापान अपनी सैन्य भूमिका और रक्षा निर्यात को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जबकि भारत जापानी तकनीक और रक्षा सहयोग से अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करना चाहता है.
F-2 क्या है?
F-2 जापान और अमेरिका के बीच संयुक्त रूप से विकसित किया गया बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान है. इसका विकास अमेरिकी F-16 के आधार पर किया गया था. जापान की प्रमुख रक्षा कंपनी Mitsubishi Heavy Industries (MHI) के अनुसार, F-2 में बड़े विंगस्पैन और कंपोजिट सामग्री के इस्तेमाल जैसी विशेषताएं शामिल हैं, जिन्हें इसकी उड़ान और मैन्यूवरिंग क्षमता बेहतर करने के लिए अपनाया गया.
भारत-Japan रक्षा संबंधों में लगातार विस्तार

भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ा है. दोनों देश लड़ाकू विमान अभ्यास के अलावा समुद्री सुरक्षा, रक्षा तकनीक और सैन्य उपकरणों के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ा रहे हैं.
जुलाई में भारत-जापान शिखर बैठक के दौरान जापान के Mogami-class फ्रिगेट में इस्तेमाल होने वाले UNICORN एकीकृत संचार एंटीना सिस्टम के भारत को निर्यात को लेकर भी व्यापक सहमति बनी थी. जापान ने अप्रैल 2026 में घातक हथियारों के निर्यात पर अपनी पुरानी पाबंदियों में बड़ा बदलाव किया था. भारत उन देशों में शामिल है, जिनके साथ जापान के रक्षा उपकरण और तकनीकी हस्तांतरण संबंधी समझौते हैं.
F-2 विमानों का भारत आना दोनों देशों के वायुसेना सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम होगा. हालांकि, इस कदम के चीन पर संभावित रणनीतिक प्रभाव के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर भी नजर रहेगी.