मिशिगन डेमोक्रेटिक प्राइमरी में Abdul El-Sayed की जीत, AIPAC समर्थित Haley Stevens को दी मात
अमेरिका के मिशिगन राज्य में डेमोक्रेटिक पार्टी की सीनेट प्राइमरी का बहुप्रतीक्षित मुकाबला समाप्त हो गया है. पूर्व सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी Abdul El-Sayed ने बेहद करीबी मुकाबले में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) की सदस्य हेली स्टीवंस को हराकर डेमोक्रेटिक पार्टी का सीनेट उम्मीदवार बनने का अधिकार हासिल कर लिया है. शुरुआती आधिकारिक नतीजों के अनुसार एल-सैयद को लगभग 48.5% और स्टीवंस को 47.5% वोट मिले.
यह प्राइमरी केवल उम्मीदवारों के बीच मुकाबला नहीं थी, बल्कि डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर अलग-अलग राजनीतिक धाराओं और बाहरी चुनावी फंडिंग के प्रभाव की भी परीक्षा मानी जा रही थी. इस सीट पर नवंबर 2026 के आम चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार का मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार एवं पूर्व सांसद माइक रोजर्स से होगा.
रिकॉर्ड चुनावी खर्च के बीच हुई टक्कर
मिशिगन की यह प्राइमरी अमेरिका की सबसे महंगी डेमोक्रेटिक प्राइमरी में शामिल रही. विभिन्न बाहरी राजनीतिक समूहों ने दोनों उम्मीदवारों के समर्थन और विरोध में करोड़ों डॉलर खर्च किए.
पूरे चुनाव अभियान के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं, महंगाई, अर्थव्यवस्था, आव्रजन नीति और अमेरिका की पश्चिम एशिया नीति प्रमुख मुद्दे रहे. गाज़ा युद्ध और अमेरिका-इज़रायल संबंधों को लेकर दोनों उम्मीदवारों के रुख में अंतर भी चुनावी बहस का हिस्सा बना.
अब आगे क्या?
डेमोक्रेटिक प्राइमरी जीतने के बाद अब्दुल एल-सैयद नवंबर 2026 में होने वाले आम चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स के खिलाफ मैदान में उतरेंगे. मिशिगन उन राज्यों में शामिल है जहां डेमोक्रेट और रिपब्लिकन के बीच कांटे की टक्कर रहती है. इसलिए इस सीट का परिणाम अमेरिकी सीनेट में शक्ति संतुलन पर भी असर डाल सकता है.
क्यों चर्चा में है यह चुनाव?
इस चुनाव ने इसलिए भी राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा क्योंकि इसमें बाहरी चुनावी फंडिंग, इज़रायल-गाज़ा मुद्दे और डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर राजनीतिक मतभेद प्रमुख चर्चा का विषय बने रहे. अब सभी की नजर नवंबर में होने वाले आम चुनाव पर है, जहां यह मुकाबला अमेरिकी राजनीति की महत्वपूर्ण सीटों में से एक माना जा रहा है.