DRDO की बड़ी कामयाबी: स्वदेशी नेत्र AEW&C सिस्टम को मिलेगा Final Operational Clearance, बढ़ेगी वायु निगरानी क्षमता
भारत के रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर स्वदेशी नेत्र एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) सिस्टम को Final Operational Clearance (FOC) मिलने जा रही है. इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की घोषणा के लिए 25 जून 2026 को सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम्स (CABS), DRDO, बेंगलुरु में एक विशेष समारोह आयोजित किया जाएगा.
FOC किसी भी अत्याधुनिक रक्षा प्रणाली के लिए एक अहम चरण होता है, क्योंकि इसके बाद सिस्टम को पूरी तरह से ऑपरेशनल उपयोग के लिए तैयार माना जाता है. नेत्र AEW&C भारत में विकसित एक स्वदेशी ‘सिस्टम ऑफ सिस्टम्स’ है, जिसमें कई अत्याधुनिक सेंसर, कम्युनिकेशन और कमांड-कंट्रोल तकनीकों को एक साथ जोड़ा गया है.
नेत्र AEW&C का मुख्य उद्देश्य भारतीय वायुसेना को दुश्मन के विमानों, मिसाइलों और हवाई गतिविधियों की लंबी दूरी से निगरानी करने और समय रहते प्रतिक्रिया देने की क्षमता प्रदान करना है. यह सिस्टम हवा में उड़ते हुए एक मोबाइल रडार प्लेटफॉर्म की तरह काम करता है, जो बड़े क्षेत्र में निगरानी कर सकता है.
इसमें लगे AESA रडार, इलेक्ट्रॉनिक सपोर्ट सिस्टम, डेटा लिंक और कमांड-कंट्रोल नेटवर्क इसे आधुनिक युद्ध परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण ताकत बनाते हैं. यह सिस्टम लड़ाकू विमानों, ग्राउंड स्टेशन और अन्य सैन्य प्लेटफॉर्म के साथ रियल टाइम जानकारी साझा करने में सक्षम है.

DRDO की एयरोस्पेस प्रयोगशाला CABS ने इस परियोजना को विकसित किया है. नेत्र AEW&C भारत की आत्मनिर्भर रक्षा तकनीक की दिशा में एक बड़ा कदम माना जाता है, क्योंकि इससे देश को विदेशी एयरबोर्न अर्ली वार्निंग सिस्टम पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी.
FOC हासिल होने के बाद भारतीय वायुसेना की निगरानी और हवाई युद्ध क्षमता को और मजबूती मिलेगी. यह उपलब्धि भारत के स्वदेशी रक्षा अनुसंधान और एयरोस्पेस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी.
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