US-UAE मिलकर विकसित करेंगे सैन्य AI, CENTCOM ने बनाई पहली संयुक्त टास्क फोर्स ‘Task Force Talon Synapse’
US और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है. इस घोषणा के तहत सैन्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence-AI) अनुप्रयोगों के विकास में तेजी लाने के लिए पहली द्विपक्षीय संयुक्त टास्क फोर्स बनाने की घोषणा हुई है. 28 जुलाई को घोषित इस पहल के तहत ‘Task Force Talon Synapse’ आने वाले कुछ हफ्तों में औपचारिक रूप से शुरू की जाएगी.
अबू धाबी स्थित इस टास्क फोर्स में अमेरिका और UAE के लगभग 20 विशेषज्ञ शामिल होंगे, जिन्हें AI, डेटा और साइबर सुरक्षा का अनुभव होगा. यह टीम सैन्य AI आधारित क्षमताओं के विकास, परीक्षण और तैनाती में तेजी लाने के लिए मिलकर काम करेगी.
CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर (Adm. Brad Cooper) ने कहा कि यह पहल अमेरिका और उसके सबसे सक्षम क्षेत्रीय साझेदारों में से एक UAE के साथ रक्षा सहयोग में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी.
उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी. हम अपने अमीराती साझेदारों के साथ मिलकर AI क्षमताओं को तेज़ी और बड़े पैमाने पर विकसित करेंगे तथा उन्हें अपने सैनिकों तक पहुंचाएंगे.”
पिछले वर्ष रखी गई थी इस पहल की नींव
इस संयुक्त टास्क फोर्स की अवधारणा पिछले वर्ष सामने आई थी, जब एडमिरल ब्रैड कूपर और UAE के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शेख तहनून बिन जायद अल नाहयान के बीच सैन्य AI सहयोग को लेकर चर्चा हुई थी. इसके बाद पिछले महीने CENTCOM के क्षेत्रीय दौरे के दौरान AI उद्योग के विशेषज्ञों और अमीराती रक्षा अधिकारियों के साथ कई बैठकें हुईं, जिनमें इस परियोजना को अंतिम रूप दिया गया.
किन क्षेत्रों में होगा AI का उपयोग?
Task Force Talon Synapse मुख्य रूप से तीन प्रमुख क्षेत्रों पर काम करेगी
- सैन्य खुफिया (Military Intelligence) के लिए AI आधारित विश्लेषण और निर्णय सहायता प्रणाली विकसित करना.
- महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे (Critical Infrastructure) की सुरक्षा के लिए AI आधारित समाधान तैयार करना.
- क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य की AI आधारित निगरानी, विश्लेषण और संभावित खतरों का पूर्वानुमान विकसित करना.
इस पहल का उद्देश्य AI आधारित सैन्य अनुप्रयोगों को तेजी से विकसित कर अमेरिका और UAE की सेनाओं को भविष्य के युद्धक्षेत्र की चुनौतियों के लिए अधिक सक्षम, तेज़ और तकनीकी रूप से उन्नत बनाना है. यह टास्क फोर्स दोनों देशों के बीच रक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.