Australia के नए युद्धपोतों पर लगेगा अमेरिकी SeaRAM सिस्टम, जापान की MHI ने Raytheon को दिया बड़ा कॉन्ट्रैक्ट
Australia अपनी नौसेना को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है. अमेरिकी रक्षा कंपनी Raytheon को जापान की Mitsubishi Heavy Industries (MHI) से SeaRAM® ship self-defense systems की सप्लाई के लिए बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है. यह सिस्टम ऑस्ट्रेलिया के Sea3000 General Purpose Frigate Program के तहत बनाए जा रहे नए युद्धपोतों पर लगाए जाएंगे.

Sea3000 प्रोग्राम के तहत ऑस्ट्रेलिया अपनी पुरानी Anzac-class frigates को हटाकर उनकी जगह 11 upgraded Mogami-class frigates शामिल करेगा. शुरुआती तीन युद्धपोत जापान में Mitsubishi Heavy Industries द्वारा तैयार किए जा रहे हैं, जिन पर Raytheon के SeaRAM सिस्टम लगाए जाएंगे.
कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार Raytheon SeaRAM लॉन्चर, Blast Test Vehicles और तकनीकी सेवाएं उपलब्ध कराएगा, ताकि सिस्टम की इंस्टॉलेशन और टेस्टिंग पूरी की जा सके. कंपनी के मुताबिक इन सिस्टम्स की डिलीवरी 2028 के अंत तक शुरू होने की संभावना है.

Raytheon की Naval Power प्रमुख Barbara Borganovi ने कहा कि SeaRAM किसी भी युद्धपोत की सुरक्षा क्षमता को पारंपरिक Close-In Weapon Systems से कहीं आगे तक बढ़ा देता है. उन्होंने कहा कि Royal Australian Navy के नए surface combatants पर इस सिस्टम की तैनाती से ऑस्ट्रेलिया को भविष्य के missile और aerial threats के खिलाफ मजबूत terminal air and missile defense capability मिलेगी.

SeaRAM सिस्टम को आधुनिक anti-ship cruise missiles और low-flying airborne threats को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह सिस्टम Phalanx Close-In Weapon System (CIWS) और Rolling Airframe Missile (RAM) तकनीक का संयोजन है, जो बेहद कम प्रतिक्रिया समय में दुश्मन के खतरों को निशाना बना सकता है.
विशेषज्ञों के अनुसार यह सौदा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ऑस्ट्रेलिया की नौसैनिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है. इसके जरिए ऑस्ट्रेलिया अपनी नौसेना को अधिक आधुनिक, तेज और multi-layered defense capability से लैस करना चाहता है. साथ ही यह समझौता अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को भी दर्शाता है.

इस प्रोजेक्ट पर काम अमेरिका के Kentucky राज्य के Louisville शहर में किया जाएगा. वहीं SeaRAM सिस्टम को अपनाने के साथ ऑस्ट्रेलिया अब वैश्विक RAM missile user community का नया सदस्य भी बन जाएगा.