Indian Navy ने MSME शिपयार्ड से 3 स्वदेशी बार्ज़ के लिए किया अनुबंध, आत्मनिर्भर भारत को मिला बड़ा बल

भारतीय नौसेना ने MSME शिपयार्ड से 3 स्वदेशी बार्ज़ के लिए किया अनुबंध, आत्मनिर्भर भारत को मिला बड़ा बल

Indian Navy ने स्वदेशी जहाज़ निर्माण और MSME शिपयार्ड्स को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. नौसेना ने 03 × 200 टन क्षमता वाले Bottom Opening Non-Propelled Barges के निर्माण और डिलीवरी के लिए M/s Suryadipta Projects Private Limited, ठाणे (महाराष्ट्र) के साथ 16 जनवरी 2026 को अनुबंध संपन्न किया है.

यह MSME श्रेणी का शिपयार्ड इन बार्ज़ेस का निर्माण पूरी तरह भारत में करेगा, जिससे Make in India और आत्मनिर्भर भारत पहल को सीधा बल मिलेगा.

तकनीकी और नियामकीय मानक

इन तीनों बार्ज़ेस का निर्माण Indian Register of Shipping (IRS) के वर्गीकरण नियमों के अंतर्गत किया जाएगा, जिससे उनकी गुणवत्ता, सुरक्षा और संचालन क्षमता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुनिश्चित होगी.

भारतीय नौसेना ने MSME शिपयार्ड से 3 स्वदेशी बार्ज़ के लिए किया अनुबंध, आत्मनिर्भर भारत को मिला बड़ा बल

घरेलू शिपबिल्डिंग इकोसिस्टम को मजबूती

इस अनुबंध के माध्यम से भारतीय नौसेना ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि वह MSME शिपयार्ड्स को प्रोत्साहित करने और घरेलू समुद्री निर्माण क्षमता को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. यह कदम Maritime India Vision – 2030 के लक्ष्यों के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य भारत को एक वैश्विक समुद्री शक्ति के रूप में स्थापित करना है.

रणनीतिक महत्व

Bottom Opening Non-Propelled Barges का उपयोग बंदरगाहों, नौसैनिक अड्डों और समुद्री बुनियादी ढांचे के रखरखाव व लॉजिस्टिक सपोर्ट में किया जाता है. ऐसे प्लेटफॉर्म्स का स्वदेशी निर्माण भारत की लॉजिस्टिक आत्मनिर्भरता और समुद्री संचालन क्षमता को और सुदृढ़ करेगा.

कुल मिलाकर, यह अनुबंध न केवल भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाएगा, बल्कि देश के घरेलू शिपबिल्डिंग उद्योग और MSME सेक्टर के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि साबित होगा.

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