MATSYA 6000 के अनमैन्ड ट्रायल सफल, अगले परीक्षण चरण में आगे बढ़ेगा भारत का डीप-सी सबमर्सिबल

MATSYA 6000 के अनमैन्ड ट्रायल सफल, अगले परीक्षण चरण में आगे बढ़ेगा भारत का डीप-सी सबमर्सिबल

भारत के गहरे समुद्र में अन्वेषण की महत्वाकांक्षी परियोजना समुद्रयान (Samudrayaan) के तहत विकसित मानवयुक्त सबमर्सिबल ‘MATSYA 6000’ ने परीक्षण के एक महत्वपूर्ण चरण को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. हालिया परीक्षणों में इस सबमर्सिबल की उत्प्लावकता (Floatation), पानी के भीतर स्थिरता (Submerged Stability) और बैलास्ट सिस्टम सहित विभिन्न उप-प्रणालियों की जांच की गई. ये परीक्षण बिना मानव चालक दल के किए गए थे. वाहन ने निर्धारित परीक्षण प्रोटोकॉल के अनुसार सभी परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए, जिससे इसके अगले परीक्षण चरण का रास्ता खुल गया है.

MATSYA 60000 सबमर्सिबल के अनमैन्ड ट्रायल सफल, अगले परीक्षण चरण की तैयारी में भारत

MATSYA 6000 के अनमैन्ड ट्रायल सफल, अगले परीक्षण चरण में आगे बढ़ेगा भारत का डीप-सी सबमर्सिबल
फोटो – MoES GoI, @moesgoi, MoES NIOT, @MoesNiot

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) के सचिव डॉ. श्रीनिवास कुमार टुम्मला ने तमिलनाडु के कट्टुपल्ली स्थित L&T शिपयार्ड का दौरा कर भारत के मानवयुक्त डीप-सी सबमर्सिबल ‘मत्स्य 6000’ (MATSYA 6000) के चल रहे परीक्षणों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने सबमर्सिबल के उत्प्लावकता (Floatation), पानी के भीतर स्थिरता (Submerged Stability), बैलास्ट सिस्टम और इससे जुड़े विभिन्न उप-घटकों के प्रदर्शन की समीक्षा की. मंत्रालय के अनुसार, मत्स्य 6000 ने निर्धारित परीक्षण प्रोटोकॉल के तहत ये परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं. इसके साथ ही सबमर्सिबल के अगले परीक्षण चरण में आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है.

डॉ. टुम्मला के साथ नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशन टेक्नोलॉजी (NIOT) के निदेशक भी मौजूद थे. इस दौरान उन्होंने MoES-NIOT के अनुसंधान पोत ‘सागर मंजूषा’ (Sagar Manjusha) से संबंधित ड्राई डॉक गतिविधियों की प्रगति का भी जायजा लिया. ये गतिविधियां भी कट्टुपल्ली स्थित L&T शिपयार्ड में चल रही हैं.

समुद्रयान परियोजना के तहत विकसित हो रहा है MATSYA 60000

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मत्स्य 6000 भारत का स्वदेशी मानवयुक्त डीप-सी सबमर्सिबल है, जिसे पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशन टेक्नोलॉजी (NIOT), चेन्नई विकसित कर रहा है. इसका विकास केंद्र सरकार के डीप ओशन मिशन के तहत समुद्रयान परियोजना का हिस्सा है. इसे समुद्र की सतह से 6,000 मीटर की गहराई तक तीन लोगों को ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है.

इस सबमर्सिबल में 2.1 मीटर व्यास वाला टाइटेनियम मिश्रधातु (Titanium Alloy) का मानव केबिन बनाया गया है, जिसे समुद्र की अत्यधिक गहराई में पड़ने वाले दबाव को सहन करने के लिए तैयार किया गया है. इसमें बैलास्ट मैनेजमेंट सिस्टम, थ्रस्टर्स, बैटरी बैंक, अंडरवाटर कम्युनिकेशन सिस्टम और मानव सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण उपकरण शामिल हैं.

12 घंटे तक संचालन के लिए डिजाइन किया गया है MATSYA 6000

MATSYA 6000 के अनमैन्ड ट्रायल सफल, अगले परीक्षण चरण में आगे बढ़ेगा भारत का डीप-सी सबमर्सिबल
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मत्स्य 6000 को सामान्य परिस्थितियों में 12 घंटे तक संचालन के लिए डिजाइन किया गया है, जबकि आपातकालीन परिस्थितियों में इसकी जीवन रक्षा प्रणाली 96 घंटे तक सहायता प्रदान करने में सक्षम होगी. इसका इस्तेमाल गहरे समुद्र में जैव विविधता, समुद्री पारिस्थितिकी और खनिज संसाधनों से संबंधित वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए किया जाएगा.

मत्स्य 6000 के हालिया अनमैन्ड ट्रायल की सफलता भारत की स्वदेशी समुद्री इंजीनियरिंग और गहरे समुद्र में वैज्ञानिक अनुसंधान की क्षमताओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. हालांकि, इन परीक्षणों की सफलता को 6,000 मीटर की गहराई पर मानवयुक्त समुद्री अभियान की सफलता नहीं माना जाना चाहिए. इसके लिए अभी आगे के परीक्षण और तकनीकी सत्यापन आवश्यक हैं.

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