भारत में MP-155 Shotgun का उत्पादन करेगा रूस का Kalashnikov, ड्रोन रोधी क्षमता वाले हथियार पर समझौता

भारत में MP-155 Shotgun का उत्पादन करेगा रूस का Kalashnikov, ड्रोन रोधी क्षमता वाले हथियार पर समझौता

रूस की हथियार निर्माता कंपनी कलाश्निकोव कंसर्न (Kalashnikov Concern) भारत में अपनी MP-155 Shotgun का स्थानीय उत्पादन करने जा रही है. कंपनी ने इसके लिए भारतीय पक्ष के साथ लाइसेंसिंग अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं. कलाश्निकोव कंसर्न के प्रमुख एलन लुशनिकोव ने 2 नवंबर 2026 को इसकी जानकारी दी. रूसी समाचार एजेंसी TASS के मुताबिक, उन्होंने मॉस्को क्षेत्र के पैट्रियट पार्क में पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस समझौते की पुष्टि की.

एलन लुशनिकोव ने बताया कि कंपनी ने भारत में MP-155 शॉटगन के उत्पादन के लिए लाइसेंसिंग अनुबंध किया है. इस परियोजना में कलाश्निकोव तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराएगी. उन्होंने कहा कि MP-155 मूल रूप से नागरिक इस्तेमाल और शिकार के लिए विकसित की गई शॉटगन है, लेकिन युद्धक्षेत्र में ड्रोन रोधी रक्षा के लिए भी यह उपयोगी साबित हुई है. इसी वजह से कंपनी इसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ावा दे रही है.

क्या है MP-155 शॉटगन और इसकी खासियत?

MP-155 रूस के इजव्स्क मैकेनिकल प्लांट (Izhevsk Mechanical Plant) में विकसित एक सेमी-ऑटोमैटिक स्मूथबोर शॉटगन है. इसका सीरियल उत्पादन 2012 में शुरू हुआ था. इसे मुख्य रूप से शिकार और नागरिक इस्तेमाल के लिए तैयार किया गया था. यह 12-गेज श्रेणी की शॉटगन है और गैस-ऑपरेटेड ऑटोमैटिक प्रणाली पर काम करती है. इस प्रणाली में फायरिंग के बाद निकलने वाली गैस के दबाव का इस्तेमाल अगला कारतूस लोड करने की प्रक्रिया में किया जाता है.

भारत में MP-155 Shotgun का उत्पादन करेगा रूस का Kalashnikov, ड्रोन रोधी क्षमता वाले हथियार पर समझौता
फोटो- एआई

इसकी एक प्रमुख विशेषता इसका हल्का और संतुलित डिजाइन है. इसके रिसीवर में एल्युमिनियम मिश्र धातु का इस्तेमाल किया गया है. कंपनी के उत्पाद कैटलॉग के अनुसार, इसमें ऑटोमैटिक गैस रेगुलेशन सिस्टम दिया गया है, जो अलग-अलग प्रकार के फैक्टरी कारतूसों के साथ इसकी रीलोडिंग प्रक्रिया को अनुकूल बनाने में मदद करता है. इसके अलग-अलग संस्करणों में लकड़ी और पॉलिमर के बट तथा फोर-एंड उपलब्ध हैं.

ड्रोन रोधी भूमिका के लिए भी विकसित किया गया विशेष संस्करण

MP-155 की एक और खासियत इसका ड्रोन रोधी इस्तेमाल है. कलाश्निकोव ने अगस्त 2024 में इस शॉटगन का एक विशेष संस्करण प्रदर्शित किया था, जिसे कम ऊंचाई पर उड़ने वाले छोटे ड्रोन और अन्य मानवरहित हवाई लक्ष्यों से निपटने के लिए तैयार किया गया है.

इस विशेष संस्करण में ऑप्टिकल साइट और अन्य सहायक उपकरण लगाने के लिए पिकाटिनी रेल दी गई हैं. इसमें फोल्डिंग और लंबाई के अनुसार एडजस्ट होने वाला बट भी लगाया गया है. कंपनी की जानकारी के अनुसार, इस संस्करण की मैगजीन में 12/89 श्रेणी के छह कारतूस रखे जा सकते हैं और चैंबर में एक अतिरिक्त कारतूस की व्यवस्था है.

इसका उद्देश्य छोटे और कम गति से उड़ने वाले हवाई लक्ष्यों के खिलाफ नजदीकी दूरी पर सुरक्षा प्रदान करना है. आधुनिक युद्धक्षेत्रों में FPV और कामिकेज ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल के बीच इस तरह की शॉटगन को ड्रोन रोधी सुरक्षा व्यवस्था के एक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है.

भारत में उत्पादन से जुड़ी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं

भारत में MP-155 के उत्पादन के लिए लाइसेंसिंग समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, लेकिन अभी भारतीय साझेदार कंपनी का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है. इसके अलावा उत्पादन संयंत्र के स्थान, निर्माण क्षमता, परियोजना की लागत और उत्पादन शुरू होने की समयसीमा के बारे में भी जानकारी सामने नहीं आई है.

यह भी स्पष्ट नहीं है कि भारत में MP-155 का सामान्य शिकार वाला संस्करण बनाया जाएगा या विशेष ड्रोन रोधी संस्करण. इसलिए इस समझौते को भारतीय सशस्त्र बलों के लिए किसी हथियार खरीद या आपूर्ति आदेश के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए. फिलहाल इसकी पुष्टि केवल भारत में स्थानीय उत्पादन के लिए लाइसेंसिंग अनुबंध के रूप में हुई है.

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