भारत ने चीन को 1-0 से हराकर Women Hockey में जीता एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक, रचा इतिहास
भारतीय Women Hockey टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया. जापान के आइची-नागोया में खेले गए गोल्ड मेडल मुकाबले में भारत ने पूरे मैच में मजबूत रक्षात्मक खेल दिखाया और चीन को बराबरी का मौका नहीं दिया.
लालरेमसियामी के गोल ने दिलाई बढ़त
भारत के लिए मुकाबले का एकमात्र गोल लालरेमसियामी ने किया. भारतीय टीम ने पहले हाफ में ही बढ़त हासिल कर ली और इसके बाद चीन ने बराबरी के लिए लगातार दबाव बनाने की कोशिश की. लेकिन भारतीय डिफेंस ने चीनी हमलों को रोकते हुए अपनी बढ़त बरकरार रखी.
इस मुकाबले का महत्व लालरेमसियामी के लिए भी खास रहा. 26 वर्षीय भारतीय फॉरवर्ड ने चीन के खिलाफ गोल्ड मेडल मैच के दौरान अपना 200वां सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैच पूरा किया. हॉकी इंडिया के मुताबिक उन्होंने 2017 में भारत के लिए सीनियर अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था.
पेनल्टी स्ट्रोक पर सविता ने बचाया भारत

चीन को मुकाबले में पेनल्टी स्ट्रोक का मौका भी मिला, लेकिन भारतीय गोलकीपर सविता ने शानदार बचाव करते हुए चीन को गोल करने से रोक दिया. यह बचाव मैच के निर्णायक क्षणों में आया और भारत की बढ़त को बनाए रखने में अहम साबित हुआ.
इसके बाद चीन ने बराबरी के लिए दबाव बढ़ाया, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति और गोलकीपिंग के सामने उसे सफलता नहीं मिली. भारत ने आखिरी सीटी तक 1-0 की बढ़त कायम रखी और स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया.
44 साल बाद महिला हॉकी में एशियन गेम्स गोल्ड
इस जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में 44 साल का स्वर्ण पदक का इंतजार खत्म किया है. भारत ने इससे पहले 1982 के एशियन गेम्स में महिला हॉकी का स्वर्ण पदक जीता था. इसके बाद टीम 1998 और 2018 में फाइनल तक पहुंची, लेकिन दोनों मौकों पर उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा था.
इस बार भारतीय टीम ने टूर्नामेंट की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की. भारत ने पूल चरण में उज्बेकिस्तान को 19-0, इंडोनेशिया को 17-1, थाईलैंड को 20-1, जापान को 3-1 और सिंगापुर को 7-0 से हराया. इसके बाद सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 2-0 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई थी.
फाइनल में चीन के खिलाफ 1-0 की जीत के साथ भारत ने अपने शानदार अभियान को स्वर्ण पदक के साथ समाप्त किया. चीन ने सेमीफाइनल में मेजबान जापान को शूटआउट में 4-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी.
भारतीय महिला हॉकी टीम की यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक सीधे लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के लिए क्वालिफिकेशन से जुड़ा था.