भारतीय तटरक्षक बल में शामिल हुआ स्वदेशी ICGS Ajit

भारतीय तटरक्षक बल में शामिल हुआ स्वदेशी ICGS Ajit, 27 नॉट से अधिक है रफ्तार

Indian Coast Guard ने 9 अक्टूबर 2026 को स्वदेशी तेज गश्ती पोत (Fast Patrol Vessel) ICGS Ajit को सेवा में शामिल किया. गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL), गोवा में आयोजित समारोह में पोत को कमीशन किया गया. समारोह की अध्यक्षता भारतीय तटरक्षक बल के प्रधान एकीकृत वित्तीय सलाहकार डॉ. सिरीश चौधरी (IDAS) ने की. ओखा में तैनात होने वाला यह पोत समुद्री निगरानी, खोज एवं बचाव, तस्करी रोधी अभियानों और समुद्री प्रदूषण से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

25 अगस्त 2026 को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने ICGS अजीत को भारतीय तटरक्षक बल को सौंपा था. इसके बाद 9 अक्टूबर को इसे औपचारिक रूप से सेवा में शामिल किया गया. यह पोत स्वदेशी रक्षा जहाज निर्माण की दिशा में भारत की बढ़ती क्षमता को भी दर्शाता है.

27 नॉट से अधिक की गति और 1,500 समुद्री मील की परिचालन क्षमता

ICGS Ajit की लंबाई 51.43 मीटर और चौड़ाई 8 मीटर है. इसका विस्थापन 330 टन है, जबकि ड्राफ्ट 2.5 मीटर है. पोत की अधिकतम गति 27 नॉट से अधिक है और इसकी परिचालन दूरी 1,500 समुद्री मील बताई गई है.

यह पोत दो मरीन डीजल इंजनों से संचालित होता है, जो कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर (Controllable Pitch Propellers CPP) को चलाते हैं. रक्षा मंत्रालय की PIB विज्ञप्ति के अनुसार, तेज गश्ती पोतों की इस श्रेणी में इस प्रकार की प्रणोदन व्यवस्था को अपनी तरह की पहली सुविधा बताया गया है. इससे पोत की प्रणोदन दक्षता और परिचालन प्रदर्शन बेहतर होता है. ICGS अजीत में उन्नत एकीकृत मशीनरी नियंत्रण प्रणाली भी लगाई गई है. यह प्रणाली पोत की परिचालन तैयारी और मशीनरी के प्रभावी प्रबंधन में सहायता करती है.

ICGS Ajit को 6 अधिकारी और 35 नाविक संभालेंगे संचालन

भारतीय तटरक्षक बल में शामिल हुआ स्वदेशी ICGS Ajit, 27 नॉट से अधिक है रफ्तार
फोटो- Indian Coast Guard

ICGS Ajit का संचालन 6 अधिकारियों और 35 नाविकों सहित कुल 41 कर्मियों का दल करेगा. इसे कई तरह के समुद्री सुरक्षा अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है. इनमें विशेष आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone—EEZ) की निगरानी, तटीय गश्त, मछली पकड़ने से जुड़ी गतिविधियों की सुरक्षा, तस्करी और समुद्री डकैती रोकने के अभियान तथा खोज एवं बचाव अभियान शामिल हैं. इसके अलावा, 9 अक्टूबर को भारतीय तटरक्षक बल की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह पोत समुद्री प्रदूषण से निपटने के अभियानों में भी काम करेगा.

ICGS Ajit की ओखा में तैनाती से मजबूत होगी तटीय सुरक्षा

ICGS Ajit को गुजरात के ओखा में तैनात किया जाएगा. यहां से यह पोत तटीय और अपतटीय समुद्री क्षेत्रों की निगरानी, गश्त तथा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने जैसे कार्यों में योगदान देगा.

तेज गश्ती पोतों की भूमिका समुद्री क्षेत्र में नियमित निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई करने में महत्वपूर्ण होती है. ICGS अजीत की तैनाती से भारतीय तटरक्षक बल को तस्करी, समुद्री डकैती और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाने में अतिरिक्त क्षमता मिलेगी. खोज एवं बचाव अभियानों में भी इसका उपयोग किया जा सकेगा.

65 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से हुआ निर्माण

ICGS Ajit का निर्माण गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने किया है. रक्षा मंत्रालय की 25 अगस्त 2026 की PIB प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पोत में 65 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है. यह भारत के घरेलू रक्षा जहाज निर्माण उद्योग की क्षमताओं और आत्मनिर्भर भारत अभियान के अनुरूप स्वदेशी तकनीक तथा निर्माण को बढ़ावा देने के प्रयासों को दर्शाता है.

इस पोत को भारतीय तटरक्षक बल में शामिल किए जाने से भारत के तटीय और अपतटीय क्षेत्रों की सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिलेगी. साथ ही, यह देश की समुद्री सुरक्षा आवश्यकताओं के लिए स्वदेशी पोतों के निर्माण और उपलब्धता को बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है.

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