ISRO ने गगनयान के पहले मानवरहित मिशन के क्रू मॉड्यूल का इंटीग्रेशन और परीक्षण पूरा किया
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने गगनयान कार्यक्रम के पहले मानवरहित कक्षीय मिशन के लिए क्रू मॉड्यूल के लंबे समय से लंबित इंटीग्रेशन और परीक्षण का काम पूरा कर लिया है. इसके साथ ही मिशन को लॉन्च की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति हासिल हुई है.
गगनयान के इस पहले मानवरहित कक्षीय मिशन में क्रू मॉड्यूल को पहली मानव-रेटेड LVM3, जिसे HLVM3 के रूप में भी जाना जाता है, के जरिए कक्षा में भेजा जाएगा. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मिशन का प्रक्षेपण GSLV-F18/NVS-03 मिशन के बाद लगभग एक महीने के भीतर होने की उम्मीद है.
GSLV-F18/NVS-03 मिशन के बाद लॉन्च की उम्मीद

GSLV-F18/NVS-03 मिशन का प्रक्षेपण अक्टूबर के मध्य से नवंबर की शुरुआत के बीच होने की उम्मीद जताई गई है. इसके बाद गगनयान के पहले मानवरहित कक्षीय मिशन का प्रक्षेपण किया जा सकता है.
इस मिशन का उद्देश्य मानवयुक्त गगनयान मिशनों से पहले अंतरिक्ष यान, प्रक्षेपण प्रणाली और उससे जुड़े महत्वपूर्ण सिस्टम का कक्षीय परिस्थितियों में परीक्षण करना है. यह मिशन भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण चरण होगा.
ISRO गगनयान कार्यक्रम के तहत भारत अपने अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजने की क्षमता विकसित कर रहा है. पहले मानवरहित मिशन के सफल संचालन के बाद कार्यक्रम को आगे के परीक्षणों और अंततः मानवयुक्त मिशन की दिशा में बढ़ाया जाएगा.
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