Denmark ने खरीदीं अतिरिक्त NSM Missile, समुद्री हमलों से निपटने की क्षमता होगी मजबूत
Denmark ने अपनी तटीय रक्षा क्षमता को मजबूत करने के लिए नॉर्वे की कंपनी KONGSBERG से अतिरिक्त नेवल स्ट्राइक मिसाइल (NSM) खरीदने का समझौता किया है. इस सौदे की कीमत लगभग 400 मिलियन नॉर्वेजियन क्रोनर है. हालांकि, समझौते के तहत कितनी मिसाइलों की आपूर्ति की जाएगी, इसका खुलासा नहीं किया गया है.
KONGSBERG ने इसकी घोषणा की. कंपनी के मुताबिक, यह सौदा नॉर्वे और डेनमार्क की रक्षा खरीद एजेंसियों के बीच सरकार-से-सरकार (G2G) व्यवस्था के तहत किया गया है. इसमें नॉर्वे की डिफेंस मैटेरियल एजेंसी (FMA) और डेनमार्क की रक्षा खरीद एजेंसी (DALO) शामिल हैं.
तटीय रक्षा के लिए KONGSBERG की NSM सिस्टम पर भरोसा
Denmark ने वर्ष 2025 में जमीन से समुद्री लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम NSM तटीय रक्षा प्रणाली खरीदने का फैसला किया था. इसके साथ वह नाटो का पांचवां देश बन गया, जिसने इस प्रणाली को चुना. इस सूची में पोलैंड, अमेरिका, रोमानिया और लातविया भी शामिल हैं.

इस तटीय रक्षा प्रणाली में KONGSBERG का उन्नत फायर कंट्रोल सिस्टम, नेवल स्ट्राइक मिसाइल और मिसाइल लॉन्च करने के लिए लॉन्च पैड शामिल हैं. यह प्रणाली तट से समुद्री क्षेत्र में आने वाले संभावित खतरों के खिलाफ रक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए बनाई गई है.
नौसेना के युद्धपोतों के लिए भी खरीदी गई हैं मिसाइलें
डेनमार्क ने जमीन आधारित तटीय रक्षा प्रणाली के अलावा अपनी नौसेना के फ्रिगेट युद्धपोतों के लिए भी NSM मिसाइलें खरीदी हैं. मार्च 2025 में KONGSBERG ने डेनमार्क के लिए NSM मिसाइलों और संबंधित उपकरणों की आपूर्ति के लिए लगभग 2.1 अरब नॉर्वेजियन क्रोनर के अनुबंध की घोषणा की थी.
इन मिसाइलों को डेनमार्क की Iver Huitfeldt-क्लास फ्रिगेट पर इस्तेमाल होने वाली Harpoon एंटी-शिप मिसाइलों की जगह लेने के लिए चुना गया था. नए समझौते से डेनमार्क के मिसाइल भंडार में और वृद्धि होगी. इससे उसकी तटीय रक्षा और नौसैनिक युद्ध क्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद है.