Finland की खाड़ी में रूसी विमानों की पहचान के लिए पहली बार साथ उड़े फिनिश और स्वीडिश फाइटर जेट
Finland और स्वीडन के लड़ाकू विमानों ने 24 सितंबर 2026 को पहली बार संयुक्त ऑपरेशनल मिशन के तहत फिनलैंड की खाड़ी के ऊपर अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में रूसी सैन्य विमानों की पहचान की. दोनों देशों के Quick Reaction Alert (QRA) लड़ाकू विमानों को रूसी विमानों को इंटरसेप्ट और पहचानने के लिए रवाना किया गया था.
फिनिश एयर फोर्स के अनुसार, यह फिनलैंड और स्वीडन की वायुसेनाओं का पहला संयुक्त परिचालन पहचान मिशन था. इस मिशन का नेतृत्व फिनिश एयर फोर्स के Air Operations Centre ने किया. इसमें फिनलैंड के F/A-18 Hornet और स्वीडन के JAS 39 Gripen लड़ाकू विमान शामिल हुए.

रूसी सैन्य विमानों का समूह अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में उड़ान भर रहा था. फिनिश और स्वीडिश QRA लड़ाकू विमानों ने इस समूह को इंटरसेप्ट कर उसकी पहचान की. रूसी समूह में एक Tu-134 परिवहन विमान और उसके साथ MiG-31 तथा Su-30 लड़ाकू विमान शामिल थे. NATO की रिपोर्टिंग प्रणाली में इन विमानों के नाम क्रमशः “Crusty”, “Foxhound” और “Flanker-H” हैं.
संयुक्त मिशन के पीछे बढ़ता सैन्य सहयोग

यह ऑपरेशन फिनलैंड और स्वीडन के बीच क्षेत्रीय अखंडता की निगरानी और सुरक्षा से जुड़े बढ़ते सहयोग के तहत किया गया. फिनिश एयर फोर्स के Air Operations Centre के निर्देश पर दोनों देशों के QRA विमानों ने एक ही परिचालन मिशन में हिस्सा लिया.
Air Force Command Finland के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ कर्नल Vesa Mäntylä ने कहा कि फिनलैंड और स्वीडन की वायुसेनाएं अपने-अपने हवाई क्षेत्र की निगरानी और क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं. उन्होंने बताया कि इस साल शुरू हुए गहरे सहयोग के तहत दोनों देश अब संयुक्त पहचान मिशन कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर QRA लड़ाकू विमान एक-दूसरे के एयरबेस से भी ऑपरेट कर सकते हैं.
दोनों देशों के लड़ाकू विमान QRA ड्यूटी पर रहते हैं और इनकी तैनाती तथा प्रतिक्रिया समय मौजूदा जरूरतों और परिस्थितियों के अनुसार तय किया जाता है. सामान्य तौर पर फिनिश और स्वीडिश लड़ाकू विमान अपने-अपने राष्ट्रीय एयरबेस से QRA ड्यूटी करते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर वे एक-दूसरे के एयरबेस से भी ऑपरेट कर सकते हैं.
पहले से जारी है सीमा-पार प्रशिक्षण

फिनलैंड और स्वीडन के बीच वायुसेना सहयोग नया नहीं है. दोनों देशों की वायुसेनाएं कई वर्षों से लगभग हर सप्ताह Cross Border Training sorties करती रही हैं. हाल के वर्षों में यह सहयोग Nordic Air Power के तहत और गहरा हुआ है, जिसमें फिनलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और डेनमार्क अपनी वायु क्षमताओं और आपसी interoperability को विकसित कर रहे हैं. यह सहयोग NATO के सामूहिक रक्षा ढांचे का भी हिस्सा है.
बाल्टिक सागर क्षेत्र में फिनलैंड और स्वीडन NATO के Baltic Air Policing detachments के साथ भी अपने अभियानों का समन्वय करते हैं. फिनिश और स्वीडिश वायुसेनाओं के अनुसार, दोनों देशों के बीच गहरा सहयोग उत्तर यूरोप और NATO के पूर्वी हिस्से की सुरक्षा तथा दोनों देशों की संयुक्त रूप से काम करने की क्षमता को मजबूत करता है.