GCAP को £4.6 बिलियन का कॉन्ट्रैक्ट, Britain, Japan और Italy मिलकर बनाएंगे छठी पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर
Britain, Japan और Italy के संयुक्त ग्लोबल कॉम्बैट एयर प्रोग्राम (GCAP) को बड़ी सफलता मिली है. तीनों देशों की सरकारों की ओर से गठित GCAP एजेंसी ने कार्यक्रम के अगले चरण के लिए £4.6 बिलियन (लगभग ₹53,000 करोड़) का 18 महीने का अंतरराष्ट्रीय अनुबंध Edgewing को प्रदान किया है. यह कंपनी GCAP विमान की त्रि-राष्ट्रीय प्रमुख ठेकेदार (Prime Contractor) और डिजाइन अथॉरिटी के रूप में कार्य कर रही है.
यह अनुबंध GCAP कार्यक्रम के एडवांस्ड कॉन्सेप्ट एंड असेसमेंट फेज को पूरा करने के साथ-साथ विस्तृत डिजाइन (Detailed Design) और विकास (Development) कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद करेगा. यह तीनों साझेदार देशों द्वारा संयुक्त रूप से वित्तपोषित किया जा रहा है.यह GCAP एजेंसी द्वारा Edgewing को दिया गया दूसरा संयुक्त अंतरराष्ट्रीय अनुबंध है. इससे पहले अप्रैल 2026 में कंपनी को £686 मिलियन का पहला अनुबंध दिया गया था. नया £4.6 बिलियन का निवेश इस बात का संकेत है कि तीनों देशों का इस कार्यक्रम पर भरोसा और प्रतिबद्धता लगातार मजबूत हो रही है.
2035 तक तैयार होगा अगली पीढ़ी का लड़ाकू विमान
GCAP का उद्देश्य 2035 तक एक अत्याधुनिक छठी पीढ़ी (Sixth Generation) का स्टेल्थ लड़ाकू विमान विकसित करना है. यह विमान अत्याधुनिक सेंसर, उन्नत संचार प्रणाली, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), लंबी दूरी की मारक क्षमता और भविष्य के युद्धक्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप नई तकनीकों से लैस होगा.
यह विमान सबसे चुनौतीपूर्ण सैन्य अभियानों में भी वायु श्रेष्ठता (Air Superiority) बनाए रखने में सक्षम होगा.

GCAP एजेंसी के प्रमुख ने क्या कहा?
GCAP एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मसामी ओका (Masami Oka) ने कहा कि उन्हें तीनों साझेदार देशों की ओर से इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय अनुबंध पर हस्ताक्षर करते हुए खुशी है. उनके अनुसार यह फंडिंग अगले 18 महीनों में कार्यक्रम के हर क्षेत्र में तेज़ प्रगति सुनिश्चित करेगी.
उन्होंने कहा कि GCAP भविष्य के खतरों का मुकाबला करने, वैश्विक सुरक्षा को मजबूत बनाने, विकास लागत साझा करने, नई तकनीकों का लाभ उठाने और तीनों देशों में उच्च कौशल वाले रोजगार सृजित करने में अहम भूमिका निभाएगा. उन्होंने विश्वास जताया कि इस दीर्घकालिक निवेश से GCAP का भविष्य पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गया है.
Edgewing ने जताया भरोसा
Edgewing के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्को ज़ॉफ (Marco Zoff) ने कहा कि यह अनुबंध तीनों देशों और GCAP एजेंसी द्वारा कंपनी पर जताए गए भरोसे का प्रमाण है. उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में Edgewing ने तीनों देशों की विशेषज्ञता को एक साथ लाकर कार्यक्रम में तेज़ प्रगति हासिल की है.
उन्होंने कहा कि पहली बार तीन देशों ने अपनी राष्ट्रीय रक्षा कंपनियों की ओर से कार्य करने के लिए एक संयुक्त इंजीनियरिंग प्राइम कॉन्ट्रैक्टर बनाया है, जो रक्षा सहयोग का एक नया और अभिनव मॉडल प्रस्तुत करता है. अगले चरण में कंपनी कार्यक्रम की गति और तेज़ करेगी.
कई बड़ी कंपनियां भी निभा रही हैं अहम भूमिका
GCAP कार्यक्रम केवल Edgewing तक सीमित नहीं है. इसके तहत इटली, जापान और ब्रिटेन की कई प्रमुख रक्षा कंपनियां भी संयुक्त रूप से काम कर रही हैं.
इनमें GCAP Electronics Evolution (G2E) Consortium विमान के अत्याधुनिक सेंसर और संचार प्रणाली का विकास कर रहा है, जबकि एक अलग Power and Propulsion Consortium विमान के लिए लंबी दूरी और अधिक समय तक संचालन में सक्षम उन्नत इंजन और प्रणोदन प्रणाली विकसित कर रहा है.
तीनों देशों में फैली GCAP की टीमें उन्नत डिजाइन, आधुनिक विनिर्माण क्षमता और रक्षा उद्योग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का काम करेंगी. इस कार्यक्रम से हजारों उच्च कौशल वाले रोजगार, नई बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
GCAP की शुरुआत 2022 में ब्रिटेन, जापान और इटली ने मिलकर की थी. इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का लक्ष्य तीनों देशों की रक्षा उद्योगों को मजबूत बनाते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप एक अत्याधुनिक छठी पीढ़ी का स्टेल्थ लड़ाकू विमान विकसित करना है, जिसकी पहली डिलीवरी 2035 तक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.