Iran की मिसाइल ताकत अब भी बरकरार? अमेरिकी रिपोर्ट ने बढ़ाई ट्रंप प्रशासन की चिंता
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की नई आकलन रिपोर्ट ने एक बार फिर Iran की सैन्य क्षमता को लेकर चिंता बढ़ा दी है. रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा लगातार किए गए हमलों के बावजूद ईरान की बड़ी मिसाइल क्षमता अब भी सुरक्षित मानी जा रही है.
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान की कई भूमिगत मिसाइल सुविधाएं अब भी सक्रिय हैं और कुछ क्षतिग्रस्त साइट्स को तेहरान ने तेजी से दोबारा चालू कर लिया है. खास तौर पर होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास मौजूद मिसाइल ठिकानों को लेकर अमेरिकी सैन्य अधिकारियों की चिंता बढ़ी हुई बताई जा रही है, क्योंकि यह इलाका अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों के लिए बेहद रणनीतिक माना जाता है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के पास अब भी बड़ी संख्या में मोबाइल मिसाइल लॉन्चर मौजूद हैं. यही वजह है कि कई मिसाइल सिस्टम स्थायी बेस नष्ट होने के बाद भी अलग-अलग स्थानों से ऑपरेट किए जा सकते हैं. अमेरिकी एजेंसियों का मानना है कि ईरान जरूरत पड़ने पर छिपे हुए मिसाइल भंडार का इस्तेमाल कर लंबे समय तक जवाबी कार्रवाई जारी रख सकता है.
बताया जा रहा है कि हालिया संघर्ष के दौरान अमेरिका और उसके सहयोगियों ने ईरान के सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद तेहरान की मिसाइल क्षमता पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी.
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि ईरान ने पिछले कुछ वर्षों में अपने मिसाइल नेटवर्क को इस तरह तैयार किया है कि बड़े पैमाने पर हमलों के बाद भी उसकी जवाबी क्षमता बनी रहे.
अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब इंटरसेप्टर मिसाइलों और एयर डिफेंस सिस्टम की लगातार खपत को लेकर बताई जा रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष लंबा चलता है, तो मिसाइल रक्षा प्रणाली पर भारी दबाव पड़ सकता है.
हालांकि अमेरिकी प्रशासन की ओर से आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा गया है कि ईरान की सैन्य क्षमता से अमेरिका पीछे हट रहा है, लेकिन हालिया रिपोर्ट्स ने यह साफ संकेत दिया है कि वॉशिंगटन अब किसी भी बड़े सैन्य कदम से पहले संभावित जोखिमों का गंभीरता से आकलन कर रहा है.