General NS Raja Subramani बने भारत के तीसरे CDS

जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि बने भारत के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, सैन्य परिवर्तन और संयुक्तता पर दिया जोर

भारतीय सशस्त्र बलों के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में General NS Raja Subramani ने भारत के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है. उनके कार्यभार संभालने के साथ ही देश की सैन्य नेतृत्व व्यवस्था एक नए चरण में प्रवेश कर गई है, जिसमें संयुक्त सैन्य संचालन, आत्मनिर्भरता और नवाचार को प्रमुख प्राथमिकता दी जाएगी.

पदभार ग्रहण करने से पहले जनरल राजा सुब्रमणि ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) पहुंचकर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर राष्ट्र की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया. इसके बाद साउथ ब्लॉक लॉन्स में उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया.

देश के सर्वोच्च सैन्य पद का दायित्व संभालते हुए जनरल राजा सुब्रमणि ने प्रधानमंत्री के “JAI” विजन — Jointness (संयुक्तता), Aatmanirbharta (आत्मनिर्भरता) और Innovation (नवाचार) — के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और परिवर्तन को गति देने के लिए तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय, गहरी एकीकृत कार्यप्रणाली और आवश्यक संगठनात्मक सुधारों को आगे बढ़ाया जाएगा.

नए CDS ने इस बात पर भी जोर दिया कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच तालमेल को और मजबूत बनाना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि एकीकृत सैन्य क्षमता ही भारत को आधुनिक युद्धक्षेत्र की जटिल चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने में सक्षम बनाएगी.

जनरल राजा सुब्रमणि ने रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया. उन्होंने कहा कि देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए स्वदेशी रक्षा उद्योग, अनुसंधान संस्थानों और तकनीकी नवाचारों को प्राथमिकता दी जाएगी. इससे न केवल भारत की सामरिक शक्ति बढ़ेगी बल्कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी.

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए “Whole-of-Nation Approach” की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि एक सुरक्षित और सशक्त भारत के निर्माण में केवल सशस्त्र बलों की ही नहीं, बल्कि रक्षा मंत्रालय, रणनीतिक संस्थानों, रक्षा उद्योग और अन्य सभी हितधारकों की समान भागीदारी आवश्यक है. उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए तैयार सैन्य बल का निर्माण एक सामूहिक राष्ट्रीय प्रयास है.

जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि का CDS के रूप में कार्यभार संभालना ऐसे समय में हुआ है जब भारत अपनी सैन्य क्षमताओं के आधुनिकीकरण, थिएटर कमांड संरचना और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को तेजी से आगे बढ़ा रहा है. ऐसे में उनसे देश की सैन्य सुधार प्रक्रिया को नई दिशा मिलने की उम्मीद की जा रही है.

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