Shield AI ने X-BAT का पहला फुल-स्केल प्रोटोटाइप तैयार किया, 2028 में मिशनाइज्ड विमान की उड़ान का लक्ष्य
अमेरिकी रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी Shield AI ने अपने autonomous VTOL (Vertical Take-Off and Landing) स्ट्राइक फाइटर X-BAT का पहला फुल-स्केल प्रोटोटाइप तैयार कर लिया है. कंपनी के मुताबिक, इस प्रोटोटाइप को टेक्सास के फ्रिस्को स्थित विकास केंद्र से परीक्षण के लिए कंसास के न्यूटन स्थित फ्लाइट टेस्ट फैसिलिटी भेजा जा रहा है. कंपनी ने अब विमान के वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग सिस्टम के परीक्षण तथा आगे के विकास की तैयारी शुरू कर दी है.
Shield AI के अनुसार, X-BAT को विकसित करने का काम पिछले एक साल से जारी था. कंपनी ने एक साल पहले इस विमान के डिजाइन और अपनी योजना का खुलासा किया था. इसके बाद निर्धारित समयसीमा के भीतर पहला फुल-स्केल प्रोटोटाइप तैयार किया गया है. कंपनी ने बताया कि इस दौरान अमेरिकी सरकार के विशेषज्ञों के साथ मिलकर विंड टनल टेस्टिंग, इंजन टेस्टिंग और थर्मल टेस्टिंग की गई, ताकि विमान के विकास से जुड़े प्रमुख तकनीकी जोखिमों को दूर किया जा सके.
कई भूमिकाओं में इस्तेमाल के लिए तैयार किया जा रहा है X-BAT
Shield AI X-BAT को एक मल्टीरोल लड़ाकू विमान के रूप में विकसित कर रही है. कंपनी के मुताबिक, इसका आकार इतना बड़ा रखा गया है कि यह अपने अंदरूनी और बाहरी हार्डपॉइंट पर भारी स्ट्राइक हथियार ले जा सके. इसके अलावा, विमान को एयर-टू-एयर कॉम्बैट, एयर-टू-ग्राउंड स्ट्राइक और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर जैसे मिशनों को अंजाम देने में सक्षम बनाने की योजना है. इसमें कई तरह के सेंसर भी लगाए जाएंगे.
कंपनी ने X-BAT की तुलना अमेरिकी वायु सेना के Increment 1 Collaborative Combat Aircraft (CCA) कार्यक्रम के तहत विकसित किए जा रहे छोटे unmanned विमानों से की है. Shield AI के मुताबिक, X-BAT इन विमानों से लगभग दोगुना बड़ा है और इसकी भूमिका केवल एयर-टू-एयर मिशनों तक सीमित नहीं होगी. कंपनी ने यह भी बताया कि X-BAT में F110 इंजन के साथ थ्रस्ट वेक्टरिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे इसे छोटे CCA विमानों की तुलना में अधिक फाइटर-जैसी उड़ान क्षमता मिल सकेगी.

वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग से मिलेगी परिचालन में अधिक लचीलापन
X-BAT की सबसे अहम विशेषताओं में इसकी वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग क्षमता शामिल है. इस तकनीक की मदद से विमान को पारंपरिक रनवे पर निर्भर हुए बिना अलग-अलग स्थानों से संचालित किया जा सकेगा. कंपनी का कहना है कि इससे सैन्य कमांडरों को विमान के संचालन के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे और दुश्मन के लिए उसकी वास्तविक तैनाती का पता लगाना मुश्किल होगा.
Shield AI के मुताबिक, विरोधी देश लंबी दूरी की मिसाइलों के जरिए सैन्य हवाई अड्डों और वहां खड़े विमानों को निशाना बनाने की क्षमता विकसित कर रहे हैं. ऐसे में X-BAT को इस चुनौती से निपटने के विकल्प के रूप में तैयार किया जा रहा है. इसे युद्धपोतों, समुद्र में मौजूद अन्य प्लेटफॉर्मों, द्वीपों और अलग-अलग सैन्य क्षेत्रों से संचालित करने की परिकल्पना की गई है.
कंपनी का मानना है कि इस तरह की परिचालन क्षमता से विरोधियों को X-BAT की तैनाती वाले संभावित ठिकानों की तलाश में अपने निगरानी और सैन्य संसाधन लगाने पड़ेंगे. इससे अमेरिकी सेना को अपने दूसरे सैन्य संसाधनों के इस्तेमाल के लिए अतिरिक्त अवसर मिल सकते हैं. Shield AI के अनुसार, यह क्षमता हिंद-प्रशांत क्षेत्र सहित दुनिया के अन्य सैन्य थिएटरों में शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकती है.
अब शुरू होगा वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग तकनीक का परीक्षण
पहला फुल-स्केल प्रोटोटाइप तैयार होने के बाद कंपनी अब X-BAT की वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग तकनीक को परखने की तैयारी कर रही है. परीक्षण के शुरुआती चरण में विमान को क्षैतिज स्थिति में लॉन्च और रिकवरी वाहन पर रखकर इंजन चलाया जाएगा. इसके बाद विमान को वर्टिकल स्थिति में लाकर इंजन का परीक्षण किया जाएगा.
अगले चरण में विमान को एक क्रेन की मदद से हवा में लटकाकर परीक्षण किया जाएगा. कंपनी के मुताबिक, यह व्यवस्था केवल सुरक्षा के उद्देश्य से होगी. इंजन बंद होने या किसी अन्य तकनीकी समस्या की स्थिति में क्रेन विमान को जमीन पर गिरने से बचाएगी. इसके बाद बिना किसी सहारे के उड़ान परीक्षण किए जाएंगे.
Shield AI ने बताया कि फिलहाल उसका मुख्य ध्यान लॉन्च और रिकवरी सिस्टम के परीक्षण तथा विमान के सुरक्षित संचालन की क्षमता बढ़ाने पर है. कंपनी का लक्ष्य 2028 में मिशन सिस्टम से लैस X-BAT विमान की उड़ान का परीक्षण करना और 2029 में इसका उत्पादन शुरू करना है.