राजनाथ सिंह ने जारी किया Land Warfare Doctrine 2026,भविष्य के युद्धों के लिए सेना की तैयारी पर जोर 

राजनाथ सिंह ने जारी किया Land Warfare Doctrine 2026,भविष्य के युद्धों के लिए सेना की तैयारी पर जोर 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में आयोजित सेना कमांडरों के सम्मेलन के दौरान भारतीय सेना का Land Warfare Doctrine 2026 जारी कर दिया है. इसका उद्देश्य युद्ध के बदलते स्वरूप और भविष्य के संघर्षों से जुड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए भारतीय सेना को तैयार करना है. इस दौरान रक्षा मंत्री ने सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से अगले 20 से 30 वर्षों के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टिकोण अपनाने और मौजूदा तथा उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है. 

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, राजनाथ सिंह ने बदलते भू-राजनीतिक और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सैन्य रणनीतियों को बदलती परिस्थितियों के अनुरूप गतिशील और लचीला बनाए रखना जरूरी है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनमें समय रहते बदलाव किया जा सके. 

ऑपरेशन सिंदूर से मिले अनुभवों का किया उल्लेख 

राजनाथ सिंह ने जारी किया Land Warfare Doctrine 2026,भविष्य के युद्धों के लिए सेना की तैयारी पर जोर 
फोटो – Ministry of Defence, Government of India

रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान में नई रणनीतिक सोच, बेहतर तालमेल और उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला, जिसे अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों का समर्थन प्राप्त था. उन्होंने कहा कि इस अभियान ने यह संदेश दिया है कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा. 

राजनाथ सिंह ने बदलती परिचालन परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने और सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने के लिए रक्षा बलों के प्रयासों की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि सेना को अपनी क्षमताओं का लगातार आकलन करना चाहिए और जरूरत के अनुसार सुधार लागू करने चाहिए. 

ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक पर जोर 

रक्षा मंत्री ने भारतीय सेना के पुनर्गठन और आधुनिक तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्वायत्त प्रणालियों, डेटा विश्लेषण, साइबर सुरक्षा और सुरक्षित संचार नेटवर्क जैसे क्षेत्रों में प्रयास तेज करने की आवश्यकता पर बल दिया. 

राजनाथ सिंह ने जारी किया Land Warfare Doctrine 2026,भविष्य के युद्धों के लिए सेना की तैयारी पर जोर 
फोटो – Ministry of Defence, Government of India

आधुनिक युद्ध में इन तकनीकों की बढ़ती भूमिका को देखते हुए सेना के लिए अपनी परिचालन क्षमताओं को लगातार बेहतर बनाना महत्वपूर्ण है. रक्षा मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, राजनाथ सिंह ने सैन्य सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू करने और यह सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया कि उनसे सेना की परिचालन क्षमता में ठोस सुधार हो. 

भविष्य के युद्धों में संयुक्त सैन्य अभियानों की भूमिका 

रक्षा मंत्री ने कहा कि हवाई, समुद्री, अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्रों में चुनौतियां बढ़ने के बावजूद भूमि पर लड़े जाने वाले युद्ध और थल सेना की भूमिका का महत्व बना रहेगा. उन्होंने आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति से निपटने के लिए एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता बताई. 

उन्होंने जोर दिया कि भविष्य के युद्धों में सफलता केवल किसी एक सैन्य क्षमता पर निर्भर नहीं करेगी, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध क्षमताओं और संयुक्त अभियानों के दौरान प्रभावी तालमेल एवं समन्वय पर भी निर्भर करेगी. 

रक्षा उत्पादन और निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि का उल्लेख 

राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए सशस्त्र बलों और अन्य हितधारकों के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ती रक्षा विनिर्माण क्षमता सामूहिक प्रयासों का परिणाम है और सरकार रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दे रही है. 

राजनाथ सिंह ने जारी किया Land Warfare Doctrine 2026,भविष्य के युद्धों के लिए सेना की तैयारी पर जोर 
फोटो – Ministry of Defence, Government of India

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा उत्पादन बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. इसी अवधि में रक्षा निर्यात भी लगभग 38,000 करोड़ रुपये के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. 

रक्षा मंत्री ने ‘सुधारों का वर्ष–2025’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सुधार एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और उनकी सफलता प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करती है. उन्होंने सेना के विभिन्न कमांडों और स्तरों पर सुधारों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया. 

सेना में सुधार और भविष्य की तैयारी पर जोर 

राजनाथ सिंह ने सैन्य संसाधनों और जनशक्ति के बेहतर प्रबंधन, सेना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया. उन्होंने भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत बनाने में रक्षा बलों के साहस, अनुशासन, तत्परता और संयम के साथ-साथ नेतृत्व एवं कूटनीतिक प्रयासों की भूमिका का उल्लेख किया. 

सेना कमांडरों का सम्मेलन भारतीय सेना के वरिष्ठ नेतृत्व को मौजूदा गतिविधियों की समीक्षा करने, भविष्य की प्राथमिकताएं तय करने और आवश्यक नीतिगत दिशा निर्धारित करने का अवसर प्रदान करता है. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सम्मेलन का व्यापक उद्देश्य ऐसी भारतीय सेना तैयार करना है, जो तकनीकी रूप से सक्षम हो, बदलती परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढाल सके और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहे. 

इस अवसर पर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. राजनाथ सिंह ने सम्मेलन के दौरान संयुक्त राष्ट्र की वार्षिक पत्रिका का विमोचन भी किया और संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले भारतीय सेना के जवानों को सम्मानित किया.

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